सर,नमस्ते
मेरी उम्र २७ साल है लगभग नौ दस साल पहले मैं पीलिया से पीड़ित हुआ था। उपचार लेने के बाद पीलिया तो ठीक हो गया लेकिन एक नई समस्या तब से पीछा नहीं छोड़ रही है। मेरे पेट में नाभि के ऊपर डायाफ्राम के नीचे दाहिने हिस्से में कुछ फूला सा महसूस होता है। खाने के बाद लगता है कि खाना वहां पर ही अटक गया है, झुकने या उस स्थान को दबाने पर मुंह में अनपचा भोजन आ जाता है, ऐसा लगता है कि डकार आ जाए तो कदाचित राहत मिल जाएगी किन्तु डकार आती ही नहीं,ये उभरा हिस्सा दबाने पर दर्द नहीं करता है,कब्जियत बनी रहती है, गले में कफ़ रहता है जो कि खखारने पर पारदर्शी से बलगम के रूप में निकल आता है और ये कदाचित मीठा सा प्रतीत होता है बाकी तमाम उपद्रव आपको मैं फोन पर बता चुका हूं। परीक्षा नजदीक है इसलिये जरा त्वरित उपचार बताएं ताकि स्वस्थ होकर परीक्षा दे सकूं। धन्यवाद..
सौरभ,वाराणसी
सौरभ भाई, आपकी समस्या के बारे में समझा कि किस तरह से तमाम व्यवसायिक लोग आपके ऊपर आयुर्वेद से लेकर एलोपैथी के अनेक प्रयोग कर चुके हैं। सच तो ये है कि जब हम अपने ऊपर अनेक परीक्षण करवा चुके होते हैं तब हमारा ध्यान हमारे आसपास मौजूद ईश्वर की दी अनमोल चीजों से हट जाता है। बिना किसी भूमिका के आपको उपचार बता रहा हूं जिसे आपको वर्धमान क्रम में लेना है लेकिन उससे पहले आप पहले पंद्रह दिन सितोपलादि चूर्ण दो-दो ग्राम सुबह शाम शहद के साथ लीजिये फिर उसके बाद आप आधा ग्राम से शुरू ग्वारपाठा(एलोवेरा,घीग्वार) रोज आधा ग्राम बढ़ाते जाइये। इस प्रकार से आप जब रोज दोपहर के भोजन के बाद एलोवेरा का सेवन करें तो इस क्रम में यह मात्रा बढ़ कर दस ग्राम तक आ जाए तो इसके उलटे क्रम में मात्रा घटाना शुरू कर दीजिये और फिर आधा ग्राम पर आने के बाद पंद्रह दिन के लिये बंद कर दीजिये और फिर इसी क्रम में लीजिये ऐसी पूरी प्रक्रिया तीन बार दोहराइये आपकी बीमारी जड़ से गायब हो जाएगी।
Translate
Archive
-
▼
2008
(154)
-
▼
मई
(39)
- मुझे बताया कि स्टमक में घाव हैं,आपरेशन न करवाना पड़...
- हल्का सा बुखार बना रहता है, हर रोज एक नया टैस्ट और...
- मुझे तीन बार गर्भपात हो गया वो भी मात्र दो-ढाई माह...
- My wife has back pain...
- कुछ याद ही नहीं रहता, हर चीज भूल जाता हूं....
- मासिक धर्म(एम.सी.) माह में दो बार तक हो जाता है और...
- हर आधे-पौने घण्टे में पेशाब करने जाना पड़ता है.....
- डायाफ्राम के नीचे दाहिने हिस्से में कुछ फूला सा मह...
- माताजी को होने वाली ऐंठन की समस्या शीघ्र ही दूर हो...
- हस्तमैथुन छोड़ना चाहता हूं.....
- आंखो के सामने जाल और कीड़े जैसे चित्र बनने का आभास ...
- दोनो अंडकोषों में तीन या चार गुना अंतर है...
- मूत्र के साथ PUS CELLS आ रहे हैं....
- लोग मुझे अजीब सी हिकारत भरी नजरो से देखने लगते हैं
- ऐसे चकत्ते उभर आते हैं जैसे कि चींटी ने काट लिया ह...
- Left Ovarian Tumor, enlarged polycystic right ovar...
- अस्थमा का अटैक आया था अब डेढ़ साल बाद खून की उल्टी ...
- दायें अंडकोष में सूजन और दर्द
- नाक से कभी भी रक्त आने लगता है व लैट्रिन करते समय ...
- बच्चा नींद में दांतो को रगड़ कर अजीब सी किचकिच की आ...
- यह ब्रेन ट्यूमर की समस्या तो नहीं है ????
- skin specialist called it as vitiligo यानि कि त्वच...
- My son is suffering sweating in hand and feet & lo...
- I am suffering from Gilberts syndrome ( hyper bili...
- मुझे खूनी बवासीर है तथा गुदा में एक मस्सा भी है।
- मेरा शरीर बहुत दुबला-पतला है,हीनभावना से ग्रसित हूं।
- मेडिकल सांइस का इससे बड़ा धोखा और क्या हो सकता है??...
- मम्मी के हाथों पैरों की सभी हड्डियों की गाठों में ...
- बच्चा बिस्तर में पेशाब कर लेता है...
- गर्भाशय भ्रंश(Prolepse of Uterus)बताया गया है, मैं...
- कब्ज़ियत,बवासीर और गॉल ब्लैडर में १४ मिमी. पथरी है
- My husbend’s penis-foreskin not move a bit back an...
- दांयी किडनी में ४-५ मिमी. की पथरी है
- मेरा गुप्तांग बाहर निकल आता है........
- पक्षाघात(पैरालिसिस) के तीन अलग-अलग केस.....
- ब्लड प्रेशर लो हो जाने की समस्या है....
- SPUR के कारण पैर की एड़ी न कटवाएं....
- गैस बनती रहती है दिनभर डकारें मारता रहता हूं........
- बाईपास सर्जरी न करवानी पड़े,75% ब्लाकेज है.....
-
▼
मई
(39)
लोकप्रिय पोस्ट
कुछ सुझाव
रविवार, मई 25, 2008
डायाफ्राम के नीचे दाहिने हिस्से में कुछ फूला सा महसूस होता है.....
Published :
5/25/2008 09:01:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
Read in English
आप इन औषधियों को मात्र उत्पादन मूल्य पर हमसे मंगवा सकते हैं
अग्निकुमार रस
अर्शोघ्नी बटी
आनंद भैरव रस
अजीर्ण कंटक रस
अर्शकुठार रस
आमवातेश्वर रस
आमवातारि रस
अश्वकंचुकी(घोड़ाचोली)रस
अग्नितुंडी बटी
अमरसुंदरी बटी
आरोग्यवर्धिनी
बटी
आमलकी रसायन
इच्छाभेदी रस
उपदंश कुठार रस
उन्माद गजकेशरी
रस
एकांगवीर रस
एलादि वटी
कनकसुंदर रस
कफ़कुठार रस
कुष्ठकुठार रस
कफ़केतु रस
कुमारकल्याण रस
कामदुधा रस
कृव्यादि रस
कफ़कर्तरी रस
कल्पतरू रस
कामधेनु रस
कृमिकुठार रस
कृमिमुग्दर रस
कफ़चिंतामणि रस
कांकायन बटी
कन्यालोहादि बटी
खैरसार बटी
खदिरादि बटी
गंधक बटी
गंधक रसायन
गर्भपाल रस
गुड़मार बटी
गुल्मकुठार रस
ग्रहणीकपाट रस
ग्रहणी गजेन्द्र
रस
चंद्रप्रभा बटी
चतुर्भुज रस
चंद्रामृत रस
चंदनादि बटी
चंद्रान्शु रस
चतुर्मुख रस
चित्रकादि बटी
चिंतामणि
चतुर्मुख रस
चंद्रकला रस
चिंतामणि रस
चौंसठ प्रहरी
पीपल
जवाहरमोहरा
दंतोद्भेदगदान्तक
रस
हिंगुलेश्वर रस
हृदयार्णव रस
हिंग्वादि बटी,
ज्वरांकुश रस
जयमंगल रस
लघुमालिनी बसंत
रस
लहशुनादि बटी
लवंगादि बटी
लक्ष्मीनारायण रस
लक्ष्मीविलास रस
लक्ष्मीनारायण
रस(नारदीय)
लाई रस
लीलाविलास रस
लोकनाथ रस
मधुमेहनाशिनी बटी
महाज्वरांकुश रस
महाशंख बटी
महामृत्युंजय रस
महावात विध्वंसन
रस
महालक्ष्मी विलास
रस
मकरध्वज बटी
मन्मथाभ्र रस
मूत्रकृच्छान्तक
रस
मरिच्यादि बटी
मृत्युन्जय रस
नृपतिवल्लभ रस
नागार्जुनाभ्र रस
नष्टपुष्पान्तक
रस
नित्यानंद रस
पीयूषवल्ली रस
पूर्ण चंद्र रस
प्रदररिपु रस,
प्रवाल पंचाम्रत
रस
प्रतापलंकेश्वर
रस
प्रमेहगज केशरी
रस
पुष्पधन्वा रस
प्रदरारि रस
प्रदरान्तक रस
रसपीपरी रस
रसराज रस
रामबाण रस
रजःप्रवर्तिनी
बटी,
रसादि रस
रक्तपित्तान्तक
रस
संजीवनी बटी
संशमनी बटी
समीरपन्नग रस
सारिवादि बटी
सर्पगंधाघन बटी
सूतशेखर रस
श्रंगाराभ्र रस
स्मृतिसागर रस
सिद्धप्राणेश्वर
रस
सोमनाथ रस
शिलाजीत बटी,
शिलाजित्वादि बटी
शिलासिंदूर बटी,
शिरःशूलादिवज्र
रस
शिरोवज्र रस
शूलवज्रिणी बटी
शंख बटी
शंकर बटी
शूलगजकेशरी रस
श्वास कुठार रस,
श्वासकास
चिंतामणि रस
शीतांशु रस
शुक्रमात्रिका
बटी
त्रिभुवन कीर्ति
रस
त्रिमूर्ति रस,
त्रैलोक्य
चिंतामणि रस
तारकेश्वर रस
बोलबद्ध रस
ब्राह्मी बटी
वात गजांकुश रस
वातकुलान्तक रस
बसंत कुसुमाकर रस
वृहत वातगजांकुश
रस
वृहत बंगेश्वर रस
विरेचन बटी
वृहत वातचिंतामणि
रस
वृहत
गर्भचिंतामणि रस
वीर्यशोधन बटी
वृद्धिबाधिका बटी
व्योषादि बटी
विषतिंदुक बटी
व्याधिहरण रसायन,
वृहत कामचूड़ामणि
रस
योगेन्द्र रस
अभ्रक भस्म
(साधारण,शतपुटी,सहस्त्रपुटी)
अकीक पिष्टी/भस्म
हजरुलयहूद
भस्म/पिष्टी
गोदन्ती भस्म
जहरमोहरा खताई
भस्म/पिष्टी,
कुक्कुटाण्डत्वक
भस्म
कहरवा पिष्टी
कान्तसार लौह
भस्म
कपर्द(वराटिका)भस्म
कासीस भस्म
लौह भस्में
(तीन
प्रकार)
मण्डूर भस्म
श्रंग भस्म
मुक्ताशुक्ति
भस्म/पिष्टी,
नाग भस्म
प्रवाल
पिष्टी/भस्म
शंख भस्म
शुभ्रा(स्फटिका)
भस्म
स्वर्णमाक्षिक
भस्म
ताम्र भस्म
टंकण भस्म
त्रिबंग भस्म
बंग भस्म
यशद भस्म
कासीस गोदन्ती
भस्म
संगेजराहत भस्म
संगेयेशव
भस्म/पिष्टी
गोमेदमणि
भस्म/पिष्टी
माणिक्य
भस्म/पिष्टी
मुक्ता(मोती)भस्म/पिष्टी
नीलम भस्म/पिष्टी
पुखराज
भस्म/पिष्टी
चांदी(रजत)भस्म
पन्ना(तार्क्ष्य)भस्म/पिष्टी
लाजावर्त
भस्म/पिष्टी
अम्लपित्तान्तक
लौह
चंदनादि लौह
(ज्वर
व प्रमेह)
ताप्यादि लौह
(रजत/बिना
रजत)
धात्री लौह
नवायस लौह
प्रदरारि लौह
प्रदरान्तक लौह
पुनर्नवादि
मण्डूर
विषमज्वरान्तक
लौह
सर्वज्वरहर लौह
सप्तामृत लौह
शिलाजित्वादि लौह
यक्रदप्लीहारि
लौह
रक्तपित्तान्तक
लौह
शोथारि लौह
मेदोहर विडंगादि
लौह
अमृतादि गुग्गुल
आभा गुग्गुल
कांचनार गुग्गुल
कैशोर गुग्गुल,
गोक्षुरादि
गुग्गुल
पुनर्नवादि
गुग्गुल
लाक्षादि गुग्गुल
पंचतिक्तघृत
गुग्गुल
रास्नादि गुग्गुल
सप्तविंशतिको
गुग्गुल
सिंहनाद गुग्गुल,
त्रयोदशांग
गुग्गुल
त्रिफला गुग्गुल
योगराज गुग्गुल
महायोगराज
गुग्गुल
वातारि गुग्गुल,
मेदोहर(नवक)
गुग्गुल
अभ्रक पर्पटी
स्वर्ण पर्पटी
बोल पर्पटी
लौह पर्पटी
प्राणदा पर्पटी
ताम्र पर्पटी
पंचामृत पर्पटी
विजय पर्पटी
रस पर्पटी
शीतल पर्पटी
श्वेत पर्पटी
मकरध्वज
चंद्रोदय
मल्ल सिंदूर
मल्ल चंद्रोदय
रस सिंदूर
शिला सिंदूर
स्वर्णबंग
ताल सिंदूर
रसमाणिक्य,
शिलाजीत(गीला/सूखा)
स्वर्णबंग क्षार
0 आप लोग बोले:
एक टिप्पणी भेजें