शुक्रवार, जुलाई 20, 2012

डा.साहब मै शीघ्रपतन की समस्या से परेशान हूं ?

प्रश्न :-डा.साहब मै शीघ्रपतन की समस्या से परेशान हूं । मेरी आयु ३२ वर्ष है, आप कोई समाधान बताये ?
जबाब:- आदरणीय महोदय प्रणा

म आपकी समस्या के लिये निम्नलिखीत समाधान प्रस्तुत है.

सभोंग सभी जनमानस की सामान्य जरुरत है। इसके बिना मानव जीवन अपूर्ण  है, यदि हम जीवन में सभोंग के आनन्द को ठीक तरीके से नही ले सके तो हमारा जीवन तनाव अशांती चिड्चिडें पन से भर जाता है। और अनेक तरह के रोगों से हम ग्रसित हो जाते है। ज्यादातर लोगों को अपने देश में सेक्स संबन्धित जानकारी न रह्ने कि वजह से वो वैवाहिक जीवन का आनंद नहीं ले पाते हैं । .सभोंग के दौरान स्त्री अपनी शरीरी बनावट की वजह से जल्दी और अनेकों बार आनन्द की चरमसीमा को छू लेती है। जब की पुरुष पुरी प्रक्रीया के दौरान उस आनन्द को सिर्फ़ एक ही बार ले पाता है। अनेकों बार ऐसा होता है की सभोंग के दौरान स्त्री के स्खलन से पहले ही पुरुष का वीर्य स्खलित हो जाता है। इससे स्त्री असंतुष्ट रह जाती है इस लिए पुरुष भी पुर्ण रूप से आनन्द नही ले पाता है इसी समस्या को शीघ्रपतन कहा जाता है

आयुर्वेद में इसके अनेकों उपचार मौजुद है जिसमें से हमारे कुछ अनुभूत प्रयोग निम्नलिखित है।
१. मुलहठी चुर्ण - १०० ग्राम , देशी घी -२०० ग्राम, शहद -१०० ग्राम , बंग भस्म -२० ग्राम
मिलाकर एक एक चम्मच सुबह शाम लें ।
२. सफ़ेदी मूसली -१०० ग्राम , तालमखाना -२०० ग्राम , गोखूरू ३०० ग्राम ,मिश्री -६०० ग्राम मिलाकर एक एक चम्मच सुबह शाम लें।

ह्मे इस कला की उपलब्धि संबधीत ज्यादातर जानकारी हमेशा प्राप्त करनी चाहिए

मानसिक शक्तियों के अनुभूत प्रयोग ,जीवन में मन की शक्तियों का इस्तेमाल हमें जरूर करना चाहिये कैसे ? जानने के लिये देखिये मेरी लिखी दूसरी वेबसाईट बस इस लिंक पर click करें । www.mindhypnotism.com

मंगलवार, अप्रैल 17, 2012

Angina pectoris के दर्द से परेशान हूँ, ऑपरेशन नहीं करवाना चाहता ।

सर जी मेरी उम्र बावन साल है और मुझे सीने में दर्द पर अस्पताल ले जाया गया। वहाँ कई टेस्ट करवाने पर डॉक्टर ने बताया के मुझे दिल की कमजोरी के कारण दर्द था। इसे उन्होंने एन्जाइना पेक्टोरिस नाम से बताया। जरा सी बात पर दिल इतनी तेजी से धड़कने लगता है जैसे पसलियाँ तोड़ कर बाहर आ जाएगा। इतनी भयंकर घबराहट होती है कि दो कदम भी नहीं चल सकता हूँ। ये पत्र अपने बेटे से लिखवा रहा हूं। रिपोर्ट्स साथ में भेज रहा हूं। कोई सटीक इलाज बताएं मैं कोई ऑपरेशन नहीं करवाना चाहता।
शंकर म. पवार
बोरिवली
भाई शंकर जी, आपने बहुत लंबा पत्र भेजा है एक एक लक्षण को विस्तार से लिखवाया है। रिपोर्ट्स मैंने देखी हैं आप परेशान न हों निम्न उपचार लीजिए-
१) नागार्जुनाभ्र रस एक गोली + हृदयार्णव रस एक गोली + प्रभाकर बटी एक गोली + अकीक पिष्टी एक रत्ती को मिला कर एक खुराक बनाएं। इस मात्रा को सुबह दोपहर शाम को अश्वगंधारिष्ट के दो दो चम्मच के साथ लीजिये।
२) अर्जुनारिष्ट दो चम्मच सुबह शाम पहली वाली दवा के आधे घंटे बाद लीजिये।
इस औषधि को दो माह तक लगातार लेने के बाद मुझे दोबारा रिपोर्ट्स भेजें व सम्पर्क करें यदि किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो आप मुझे मेरे मोबाइल (09224359159) पर किसी भी समय या मेरे ईमेल aayushved@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं। यदि औषधियाँ मिलने में परेशानी हो तो सूचित करें ।
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गुरुवार, अप्रैल 05, 2012

मेरी ढीली योनि और पति के छोटे लिंग के कारण सेक्स प्रॉब्लेम है सेक्स लाइफ सत्यानाश हो रही है


आदरणीय डॉक्टर साहब, मैं एक पत्रकार हूं एक स्त्री होने के नाते कई बातें छिपा कर रखनी होती हैं लेकिन वकील और डॉक्टर से बातें छिपाने पर नुक्सान ही होता है। हमारी सेक्स लाइफ़ शुरू होने से पहले ही सत्यानाश हो चुकी है। मैं हॉस्टल में रहा करती थी और आजकल के प्रभाव में लैपटॉप पर पोर्न फ़िल्में देख कर मुझे masturbation की आदत लग गयी थी जिसे शादी तय होने से पहले बड़ी मुश्किल से छोड़ पायी । शादी के बाद पता चला कि मेरे पति के सेक्स ऑर्गन का  साइज एरेक्टेड कंडीशन में चार इंच है और कुछ पतला मरियल सा है। मुझे बड़ी निराशा हो रही है पति तो अपनी संतुष्टि के लिये कुछ दिन मेरे साथ सेक्स करते रहे लेकिन उन्होंने मुझसे कहा कि मेरा सेक्स ऑर्गन एकदम ढीला पिलपिला सा है। अब मैं उन्हें क्या बताऊं कि ये किन हरकतों का नतीजा है। हम दोनो को सेक्स में जरा भी आनंद नहीं आ रहा है जिस कारण धीरे-धीरे कुछ अजीब सा तनाव रहने लगा है। अब हम एक एक महीने तक सेक्स नहीं करते तो आप समझ सकते होंगे कि हम किस हाल में आ चुके हैं जबकि हमारी शादी को मात्र एक साल हुआ है । आपसे रिक्वेस्ट है कि आप हम दोनो के लिये कुछ आयुर्वेदिक उपचार बताएं। मैं आपसे फोन पर भी बात करना चाहती हूं कि दवाएं किस तरह मंगवायी जाएं और उनकी कितनी कीमत होगी।
मोनिका राजवंशी


बहन मोनिका जी, आपने अपनी गलती को समझ कर छोड़ दिया ये अच्छा करा वरना योनि में संक्रमण आदि होने से आप भारी मुसीबत में पड़ सकती थीं। ध्यान रखने की बात है कि स्त्री योनि के कसाव से ही यौन सुख है। आपने परिवार की मर्यादा को बना कर रखा है इसके लिए मैं आपकी प्रशंसा करता हूं। आप दोनों की समस्या को आपने विस्तार से लिखा है । आप निम्न उपचार लें
 माजूफल + मुलायम सुपारी + बड़ी इलायची + कचूर + धाय के फूल + तज + छोटी हरड़ + फ़िटकरी + गुलाब के सूखे फूल + सुपारी के सूखे फूल + बड़ी हरड़ का छिलका + गुड़मार ; इन सभी बारह जड़ी-बूटियों को आयुर्वेदिक कच्चा माल बेचने वाले के पास से ले लीजिये सभी को बराबर मात्रा में ले लीजिये यानि कि सभी ५०-५० ग्राम ले लीजिये। इन सबको बारीक पीस लीजिये व साफ़ मलमल के महीन कपड़े में २० ग्राम की मात्रा को एक पोटली की तरह से बांध लीजिये व उसे योनि में इस तरह स्थापित करिए कि पोटली का धागा बाहर लटका रहे ताकि निकालने में सुविधा हो। यह काम अत्यंत हल्के हाथ से करें अन्यथा यदि खरोंच आदि आ गयी तो तकलीफ़ बढ़ सकती है। रात में सोते समय रख लीजिये व सुबह निकाल कर स्नान कर लीजिये। साथ ही एक एक गोली सुबह-शाम चंद्रप्रभा वटी पानी के साथ भोजन के बाद लेती रहें। इस उपचार को कम से कम चालीस दिन तक लीजिये।
आपके पति के लिये उन्हें निम्न उपचार दें

रस सिन्दूर २५ मिग्रा.+ मुक्ताशुक्ति भस्म २५ मिग्रा. + जावित्री १० मिग्रा. + स्वर्ण बंग २५ मिग्रा. + कुक्कुटाण्डत्वक भस्म २५ मिग्रा. + अश्वगंधा ५० मिग्रा. + शिलाजीत २५ मिग्रा. + शुद्ध विजया २५ मिग्रा. + गोखरू ५० मिग्रा. + शुद्ध हिंगुल २५ मिग्रा. + बबूल गोंद २५ मिग्रा. + विधारा ५० मिग्रा. + दालचीनी २५ मिग्रा. + कौंच बीज २५ मिग्रा. + तालमखाना २५ मिग्रा. + सफ़ेद मूसली २५ मिग्रा. + जायफल १० मिग्रा. + शतावर ५० मिग्रा. + लौंग १० मिग्रा. + बीजबन्द ५० मिग्रा. + सालम मिश्री ५० मिग्रा.
इन सभी की एक खुराक बनेगी आप इसी अनुपात में औषधियाँ मिला कर अपनी जरूरत के अनुसार दवा बना दें व सुबह नाश्ते तथा रात्रि भोजन के बाद एक एक खुराक मीठे दूध से दीजिये। 
दूसरी दवा लिंग पर लगाने के लिये है इससे  कोई नुक्सान नहीं होगा इसलिए परेशान न हों। 
अश्वगंधा तेल १० ग्राम + मालकांगनी तेल १० ग्राम + श्रीगोपाल तेल १० ग्राम + लौंग का तेल २ ग्राम + निर्गुण्डी का तेल १० ग्राम इन सब को मिला कर इसमें केशर १ ग्राम + जायफल २ ग्राम + दालचीनी २ ग्राम । इन सबको कस कर घुटाई कर लें तो क्रीम की तरह बन जाएगा। इसे किसी मजबूत ढक्कन की काँच या प्लास्टिक की चौड़े मुँह की शीशी में रख लीजिये। इसे नहाने के बाद अंग सुखा कर भली प्रकार हल्के हाथ से मालिश करते हुए अंग में जाने दें। लगभग दस मिनट में यह क्रीम लिंग में अवशोषित हो जाएगी। इस प्रकार यदि दिन में समय मिले तो दो बार क्रीम लगाएं।
 यदि कोई भी शंका या परेशानी हो तो आप सीधे मुझसे ई-मेल (aayushved@gmail.com) या मोबाइल नंबर 09224359159 पर संपर्क करें।
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शुक्रवार, मार्च 30, 2012

शुगर की समस्या के कारण नपुंसकता सी आ गयी है

नपुंसकता
सर मेरी उम्र उनचास साल है। अपनी सारी रिपोर्ट्स आपको भेज रहा हूँ मैं एक डायबिटीज़ का मरीज़ हूँ। शुगर लेवल ऊपर नीचे होता रहता है खानपान और परिस्थितियों के अनुसार लेकिन मैं जो परेशानी खास तौर पर देख रहा हूँ वो ये है कि मेरी सेक्स लाइफ़ खत्म हो गयी है। डॉक्टर का कहना है कि इस तरह की नपुंसकता मुझे मेरी शुगर की प्रॉब्लम के कारण हुई है क्या आयुर्वेद में मेरे लिये कोई इलाज है?
राजशेखर सिंह
नई दिल्ली
राजशेखर जी, आपकी रिपोर्ट्स को देखा और आपकी समस्या को समझा। आप यदि मधुमेह का सही उपचार लेकर अथवा आहार-विहार, आचार-विचार पर नियंत्रण रख कर अपनी शर्करा का स्तर सामान्य रखते हैं तो आपकी परेशानी का आयुर्वेद में सटीक उपचार है आप जरा भी परेशान न हों। आपने लिंग का उत्थान न होना, उत्तेजना का पूरी तरह समाप्त होजाना जैसे लक्षणों को अपने बड़े लम्बे से पत्र में विस्तार से लिखा है जिन्हें मैं समझ सकता हूँ। आपकी मधुमेह जन्य नपुंसकता की समस्या का हल प्रस्तुत है आप निम्न औषधियाँ चालीस दिन तक लीजिये। विश्वास करिये कि न सिर्फ़ आपकी लैंगिक समस्या हल हो जाएगी बल्कि आपकी मधुमेह (डायबिटीज़) के बाकी उपद्रव जैसे बार बार प्यास लगना, पेशाब लगना, भूख का बुरी तरह से प्रभावित करना, भयंकर कमजोरी आ जाना आदि अपने आप खत्म हो जाएंगे और शर्करा का स्तर भी नियंत्रित रहेगा।
१.      प्रमदेभांकुश रस एक गोली + पुष्पधन्वा रस एक गोली + बसंतकुसुमाकर रस एक गोली इन तीनों की एक खुराक बना कर दिन में दो बार नीचे लिखे मिश्रण के दो चम्मच के साथ भोजन के बाद लीजिये
२.      अश्वगंधारिष्ट + दशमूलारिष्ट + अर्जुनारिष्ट + बलारिष्ट बराबर मात्रा(प्रत्येक १०० मिली.) में लेकर इसमें शुद्ध शिलाजीत १० ग्राम घोल दीजिये, शक्ति मिश्रण तैयार है।
यदि कोई भी शंका या परेशानी हो तो आप सीधे मुझसे ई-मेल (aayushved@gmail.com) या मोबाइल नंबर 09224359159 पर संपर्क करें। जीवन में मन की शक्तियों का इस्तेमाल हमें जरूर करना चाहिये कैसे ? जानने के लिये देखिये मेरी लिखी दूसरी वेबसाईट बस इस लिंक पर click करें । www.mindhypnotism.com

बुधवार, मार्च 28, 2012

कमर व हाथ की उंगलियों के जोड़ों में दर्द रहता है और बांया हाथ सुन्न हो जाता है


Rheumatic pain, वातरोग
नमस्ते श्रीमान जी ,
मेरी उम्र अड़तीस साल है,  लगभग पांच महीने से  मेरे घुटने ,कंधे, गर्दन के बांये हिस्से, रीढ़ की हड्डी के (निचले ) अंतिम सिरे,  छाती (बांयी) के अन्दर, कमर व शरीर व हाथ की उंगलियों के जोड़ों में दर्द रहता है और बांया हाथ सुन्न हो जाता है | मैं बहुत परेशान हूँ , कृप्या मेरी समस्या का समाधान बताइये |
 " धन्यवाद "
अजय कुमार  ( दिल्ली )

अजय जी आपकी समस्या की गम्भीरता समझते हुए आपको उपचार बता रहा हूँ। आप प्रबल वात रोग की चपेट में हैं। मुझे नहीं पता कि आपकी इस समस्या का मूल कारण क्या है क्योंकि आपने पत्र एकदम संक्षेप में लिखा है और साथ में कोई रिपोर्ट भी नहीं भेजी है कि आपने कोई इससे पहले कोई उपचार लिया है अथवा नहीं।
रसराज रस ५ ग्राम + वृहत वातचिंतामणि रस ५ ग्राम + एकांगवीर रस १० ग्राम + वृहत वातगजांकुश रस १० ग्राम + वातकुलान्तक रस १० ग्राम + अग्नितूंडी वटी २० ग्राम इन सभी को एक खरल में कस कर घोंट लीजिये तथा ५०० मिग्रा. की मात्रा बना लीजिये और  दिन में तीन बार महारास्नादि क्वाथ + दशमूलारिष्ट के मिश्रण के दो चम्मच के साथ लीजिये। ध्यान रहे कि औषधि खाली पेट न लें। वातवर्धक भोजन आदि से परहेज करें साथ ही बाजारू खाद्य पदार्थों, फ़िज में रखी वस्तुओं के सेवन से भी परहेज करें।
 यदि कोई भी शंका या परेशानी हो तो आप सीधे मुझसे ई-मेल (aayushved@gmail.com) या मोबाइल नंबर 09224359159 पर संपर्क करें। जीवन में मन की शक्तियों का इस्तेमाल हमें जरूर करना चाहिये कैसे ? जानने के लिये देखिये मेरी लिखी दूसरी वेबसाईट बस इस लिंक पर click करें । www.mindhypnotism.com

मंगलवार, मार्च 27, 2012

मुझे जीवन भर ब्लडप्रेशर की गोली न खानी पड़े


सर मैं एक टीचर हूं। मेरी उम्र तैंतालीस साल है। पिछले छह महीनों से ब्लड प्रेशर बढ़ा रहा करता है, नींद न आकर बल्कि अजीब सी नशे जैसी हालत रहती है और सिर भारी बना रहता है, चक्कर से आते रहते हैं, दिल की धड़कन जरा सी आहट या शोर पर बहुत ही तेज हो जाती है, हर बात पर चिड़चिड़ाहट होती है। कुल मिला कर आपसे ये निवेदन है कि आप कुछ ऐसा उपचार बताएं कि मुझे जीवन भर ब्लडप्रेशर की गोली न खानी पड़े और मैं जैसे अपने स्कूल के बच्चों में एक प्रिय टीचर थी वैसी दोबारा बन सकूं अब तो मुझे बच्चों का जरा सा भी शोर पसंद नहीं आता पहले मैं बाकी टीचरों को कहती थी कि जिन्हें पंछियों की चहचहाहट पसंद न हो, बच्चों का शोर पसंद न हो वे मेरी नजर में टीचर बनने लायक नहीं होते लेकिन अब तो मेरी ही हालत ऐसी हो रही है।

शमीम मोमिन
मुंबई

बहन जी आपकी बातों को गम्भीरता से समझ पा रहा हूँ। अक्सर हम अन्जाने में आहार-विहार-आचार-विचार की गड़बड़ी के चलते ऐसी परेशानियों में फँस जाते हैं और समझ नहीं पाते कि इनका मूल कारण क्या है। आपका पत्र बहुत लम्बा है इसलिये संक्षेप में ले रहा हूँ। आप निम्न उपचार लीजिये-
मुक्तापिष्टी + जहरमोहरा पिष्टी + अकीक पिष्टी + जटामाँसी + आँवला + अश्वगंधा प्रत्येक २० ग्राम + शुद्ध शिलाजीत ५० ग्राम + सर्पगंधा १०० ग्राम लीजिये व इन सबका अत्यंत सूक्ष्म चूर्ण बना लीजिये तथा सुबह शाम इस मिश्रण में से आधा छोटा चम्मच दिन में दो बार सारस्वतारिष्ट के दो चम्मच के साथ लीजिये।
ब्राह्मी बटी(बुद्धिवर्धक) एक गोली + स्मृतिसागर रस एक गोली दिन में दो बार पानी के साथ लीजिये।
आपकी समस्या दो दिन के भीतर ही कम होना शुरू हो जाएगी लेकिन आप इस औषधि को चालीस दिन तक लगातार लीजिये।
यदि कोई भी शंका या परेशानी हो तो आप सीधे मुझसे ई-मेल (aayushved@gmail.com) या मोबाइल नंबर09224497555 पर संपर्क करें।

लिंग के छोटे और पतले आकार के कारण सेक्स में संतुष्टि नहीं हो रही है

लिंग का छोटा व पतला होना
सर मेरी समस्या आपके लिये शायद छोटी हो सकती है लेकिन मेरे लिये बड़ी मुसीबत है। मेरा कद पाँच फुट सात इंच है और मैं देखने में स्वस्थ दिखता हूँ। सचमुच मुझे कोई बीमारी नहीं है लेकिन मेरी शादी के बाद से मुझे पता चला कि मेरे लिंग का आकार इतना बड़ा और मोटा नहीं है कि मैं अपनी पत्नी को संतुष्ट कर सकूं। मेरी पत्नी ने मुझसे सीधे सीधे तो कुछ नहीं कहा लेकिन फिर भी दबी जबान में कह ही दिया कि आप तो बच्चे जैसे हैं पहले मैं इस बात का अर्थ नहीं समझ सका लेकिन दो माह गुजरने के बाद उसने बता ही दिया कि वो मुझे बच्चे जैसा क्यों कहती है। अब आप ही बताइये कि मैं क्या करूं क्योंकि शादी से पहले मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसा भी हो सकता है क्योंकि मैं अपने व्यापार आदि में काफ़ी व्यस्त रहा इन सब बातों के लिये समय ही नहीं रहा लेकिन अब आप बताएं कि मैं खुद को पत्नी के सामने कैसे पेश कर पाउंगा मुझे शर्म आती है और वो भी मन मार कर मेरी इच्छा रख लेती है। फ़िलहाल वह एक माह के लिये मायके में है।
सुमित जैन, भायंदर
सुमित जी आपकी समस्या छोटी है ये कहना सही न होगा। आपने काफ़ी लम्बा पत्र लिखा है जिसमें यही समस्या है कि आपके लिंग का आकार आपकी पत्नी के लिये संतुष्टिकारक नहीं है जैसा कि आपने शिथिल व उत्तेजित स्थिति का आकार भी पत्र में बताया है। आपने लिखा है कि समय आदि सब ठीक है तो मैं आपको औषधि बताता हूं आप उसे प्रयोग करें आशा है कि आपको पर्याप्त लाभ होगा-
रस सिन्दूर २५ मिग्रा.+ मुक्ताशुक्ति भस्म २५ मिग्रा. + जावित्री १० मिग्रा. + स्वर्ण बंग २५ मिग्रा. + कुक्कुटाण्डत्वक भस्म २५ मिग्रा. + अश्वगंधा ५० मिग्रा. + शिलाजीत २५ मिग्रा. + शुद्ध विजया २५ मिग्रा. + गोखरू ५० मिग्रा. + शुद्ध हिंगुल २५ मिग्रा. + बबूल गोंद २५ मिग्रा. + विधारा ५० मिग्रा. + दालचीनी २५ मिग्रा. + कौंच बीज २५ मिग्रा. + तालमखाना २५ मिग्रा. + सफ़ेद मूसली २५ मिग्रा. + जायफल १० मिग्रा. + शतावर ५० मिग्रा. + लौंग १० मिग्रा. + बीजबन्द ५० मिग्रा. + सालम मिश्री ५० मिग्रा.
इन सभी की एक खुराक बनेगी आप इसी अनुपात में औषधियाँ मिला कर अपनी जरूरत के अनुसार दवा बना लें व सुबह नाश्ते तथा रात्रि भोजन के बाद एक एक खुराक मीठे दूध से लीजिये। 
दूसरी दवा लिंग पर लगाने के लिये है इससे आपको कोई नुक्सान नहीं होगा इसलिए परेशान न हों। 
अश्वगंधा तेल १० ग्राम + मालकांगनी तेल १० ग्राम + श्रीगोपाल तेल १० ग्राम + लौंग का तेल २ ग्राम + निर्गुण्डी का तेल १० ग्राम इन सब को मिला कर इसमें केशर १ ग्राम + जायफल २ ग्राम + दालचीनी २ ग्राम । इन सबको कस कर घुटाई कर लें तो क्रीम की तरह बन जाएगा। इसे किसी मजबूत ढक्कन की काँच या प्लास्टिक की चौड़े मुँह की शीशी में रख लीजिये। इसे नहाने के बाद अंग सुखा कर भली प्रकार हल्के हाथ से मालिश करते हुए अंग में जाने दें। लगभग दस मिनट में यह क्रीम लिंग में अवशोषित हो जाएगी। इस प्रकार यदि दिन में समय मिले तो दो बार क्रीम लगाएं।
ध्यान दीजिये कि औषधि प्रयोग काल में सम्भोग या हस्तमैथुन न करें। 
यदि आप लगभग तीन माह तक इस प्रयोग को करें तो स्थायी लाभ होगा।
 यदि कोई भी शंका या परेशानी हो तो आप सीधे मुझसे ई-मेल (aayushved@gmail.com) या मोबाइल नंबर 09224359159 पर संपर्क करें। जीवन में मन की शक्तियों का इस्तेमाल हमें जरूर करना चाहिये कैसे ? जानने के लिये देखिये मेरी लिखी दूसरी वेबसाईट बस इस लिंक पर click करें । www.mindhypnotism.com


सोमवार, मार्च 19, 2012

मुझे पेट में duodenal ulcer हुआ है जिसके कारण मुझे जलता हुआ सा दर्द महसूस होता था


डॉक्टर साहब नमस्कार, मुझे पेट में बहुत परेशानी हुआ करती थी। मैंने डॉक्टरी जाँच करवायी तो मुझे बताया गया कि मुझे पेट में duodenal ulcer हुआ है जिसके कारण मुझे जलता हुआ सा दर्द महसूस होता था। काफी कमजोरी आ गयी है। पेट में अंदर कई जगह घाव हो गए हैं ऐसा डॉक्टर ने बताया है। मैं आपको अपनी रिपोर्ट्स भेज रहा हूं। आप रिपोर्ट देख कर आयुर्वेद की दवा बताएं ताकि मुझे जल्दी से आराम मिल सके। मेरी उम्र ४२ साल है और मैं मांसाहार पसंद करता हूं लेकिन जब से डॉक्टर ने मना करा है बंद कर दिया है। मैं ठीक तो हो जाउंगा न । दवाएं मंहगी हों तो भी चलेगा लेकिन मुझे पूरी तरह ठीक होना है। आप अपनी दवाएं दीजिये।
रोमेश बत्रा
मुरादाबाद
रोमेश जी आपकी रिपोर्ट्स देखीं हैं। आपकी खाने की आदत ने आपके स्वास्थ्य का सत्यानाश कर रखा है। आप ऐलोपैथी का उपचार लेकर स्वस्थ हो जाएंगे लेकिन जब तक आपका आहार-विहार नहीं बदलता आप दोबारा इन्हीं समस्याओं से परेशान रहेंगे। आप ऐसा मत सोचिए कि स्वास्थ्य पैसे की बात है। आप खुद सोचिए कि डेढ़ इंच की जीभ के स्वाद के लिये आप कितनी परेशानी उठा रहे हैं। आप निम्न उपचार लीजिये लेकिन अपनी जीभ पर सख्ती से नियंत्रण करिये कि मिर्च-मसालेदार भोजन, मांसाहार से परहेज कर सकें।
सूतशेखर रस १५ ग्राम + धात्री लौह २५ ग्राम + अम्लपित्तान्तक लौह १५ ग्राम + लीलाविलास रस २० ग्राम + आमलकी रसायन ३० ग्राम + स्वर्णमाक्षिक भस्म २५ ग्राम + प्रवाल पिष्टी २० ग्राम + अभ्रक भस्म शतपुटी १५ ग्राम + मुक्ताशुक्ति पिष्टी २५ ग्राम + जवाहरमोहरा खताई पिष्टी २५ ग्राम + गिलोयसत्व २५ ग्राम + अविपत्तिकर चूर्ण ६० ग्राम इन सभी बारह औषधियों को दी गयी मात्रा में मिला कर रख लीजिये और इसमें से दिन में तीन बार सुबह दोपहर शाम चाय का आधा चम्मच मिश्रित औषधि को आंवला स्वरस + गिलोय स्वरस + शहद(मिठास के लिये आवश्यकतानुसार) मिलाकर दो चम्मच के साथ लीजिये।
यकीन मानिये कि आपके डॉक्टर आश्चर्य करेंगे कि रोग किधर छूमंतर हो गया बस परहेज सख्ती से करिये। 
यदि कोई औषधि न मिले तो हमें भेजने को कहें अन्यथा स्वयं शुद्धता से निर्माण करें। आयुषवेद परिवार औषधियों का बाजारी उत्पादन नहीं करता बल्कि रोगी की जरूरत पर बनाया करता है। यदि कोई भी शंका या परेशानी हो तो आप सीधे मुझसे ई-मेल (aayushved@gmail.com) या मोबाइल नंबर 09224359159 पर संपर्क करें। जीवन में मन की शक्तियों का इस्तेमाल हमें जरूर करना चाहिये कैसे ? जानने के लिये देखिये मेरी लिखी दूसरी वेबसाईट बस इस लिंक पर click करें । www.mindhypnotism.com

शुक्रवार, मार्च 16, 2012

दो साल से जोड़ों में दर्द की शिकायत है


सर, मेरी माता जी की उम्र ४७ साल है और उन्हें दो साल से जोड़ों में दर्द की शिकायत है। अक्सर उनके घुटनों और कुहनी के जोड़ों में दर्द के साथ सूजन भी दिखती है। कई बार वो बताती हैं कि उन्हें पूरे शरीर में नसों में चुभता हुआ सा दर्द हो रहा है। कई डाक्टरों को दिखाया है लेकिन उन्होंने पेनकिलर ही दिये हैं। पेनकिलर खा-खाकर माता जी का पेट भी खराब रहने लगा है। सारी रिपोर्ट्स आपको मेल कर रहा हूँ कोई स्थायी उपचार बताइये।
जयवंत पगारे
जयवंत जी, आपकी माताजी की आपने जो रिपोर्ट भेजी हैं उनसे आयुर्वेद में बीमारी का निदान करने में कोई सहायता सामान्यतः नहीं मिल पाती है। कई बार रक्त परीक्षण में जब "कम्प्लीट हेमोग्राम" निकलवाया जाए तो वात की विकृति का अनुभव करा जा सकता है। आप माताजी को निम्न उपचार नब्बे दिनों तक दें और उसके बाद मुझे मेरे ई-मेल (aayushved@gmail.com) या मोबाइल नं. 09224359159पर सूचित करिये।
आप मुझे अपनी समस्यायें what`s app के मेरे नम्बर 09833953289 पर भी भेज सकते हैं 
१) महावातविध्वंसन रस एक गो्ली + योगराज गुग्गुल एक गोली + शुद्ध कुचला चूर्ण एक रत्ती + आमवातेश्वर रस एक गोली + विषमुष्टिका बटी एक गोली की एक खुराक बनाइये और इसे सुबह शाम नाश्ते व भोजन के बाद महारास्नादि काढ़े के दो चम्मच के साथ दीजिये ।
२) घुटनों पर मालिश के लिये तेल बना लीजिये जो कि इस विधि से तैयार करिये-
धतूरे के चार पत्ते + कुचला चूर्ण पाँच ग्राम + अश्वगंधा चूर्ण पाँच ग्राम + रास्ना चूर्ण पाँच ग्राम लेकर २०० मिली.तिल का तेल + २०० मिली.पानी मिला कर धीमी आँच पर आग पर तब तक पकाइये जब तक सारा पानी भाप बन कर उड़ न जाए और तेल में पत्ते, चूर्ण पक न जाएं।
३) विषमुष्टिकावलेह एक छोटा चम्मच रात्रि भोजन के आधे घंटे बाद गर्म मीठे दूध के साथ दीजिये । सादा दूध भी बिना शक्कर मिलाए दे सकते हैं।

शनिवार, मार्च 10, 2012

हाथी पाँव की समस्या

डाँक्टर साहब,मुझे करीब तीन साल से हाथी पाँव (Left पैर मे)की समस्या है।मेरी उम्र 58 साल है।करीब तीन डाँक्टरो को दिखा चुका हु लेकीन कोई फायदा नही है।Left पैर मे काफी सुजन रहती है लेकीन कोई दर्द नही होता है और मे चल भी सकता हु।
आपसे निवेदन है की कोई तत्काल लाभ देने वाला आयुर्वेदिक उपचार बताईये खर्च कितना भी हो दवा महँगी भी हो तो चलेगा मे खरीद सकता हु।
सोहन लाल शर्मा पीसाँगन (अजमेर) 

प्रिय शर्मा जी आपकी परेशानी को देखा और समझा, एक बात आपको साफ़ बता देना सही मानता हूँ कि आप यदि ऐसा समझ रहे हैं कि कई साल की समस्या कुछेक दवाएं खाने से जादू से छू मंतर हो सकती हैं तो ये गलत है | आपको धैर्य पूर्वक दवाएं लेनी होंगी |  दवा के सस्ते या मंहगे होने से उसके गुणों पर कोई असर नहीं पड़ता है यदि धन से ही स्वास्थ्य ख़रीदा जा सकता तो कोई भी अमीर आदमी कभी बीमार ही नहीं होता | निम्न दवाएं नियमित रूप से लीजिये | यदि कोई दवा न मिले तो हमें बताइए |



१ . नित्यानन्द रस १ गोली + श्लीपदगजकेसरी वटी १ गोली + आरोग्यवर्धिनी १ गोली ,इन तीनों गोलियों को सुबह नाश्ते के बाद तथा रात में भोजन के आधे घंटे बाद ले लें । इस दवा को लाभ हो जाने के बाद भी लगातार तीन माह पूरे हो जाने तक जारी रखियेगा ।
२ . रात को सोने से पहले मेदोहर विडंगादि लौह की दो गोलियां गुनगुने जल से लें तथा यह भी तीन माह जारी रखियेगा ।
३ . सोंठ + छोटी पीपर(लेंडी पीपर या पिप्पली) + त्रिफला चूर्ण को बराबर वजन में सरसों के तेल में मिला कर लेप बना लें और प्रभावित अंगों पर लगाएं ।
४ . वृद्धिबाधिका बटी १-१ गोली सुबह शाम खाली पेट लिया करें ।


बुधवार, मार्च 07, 2012

क्या आप निम्न सेक्स समस्याओं से परेशान हैं?

क्या आप निम्न सेक्स समस्याओं से परेशान हैं?
. लिंग का आकार आदि सामान्य होने के बावजूद भी सेक्स की इच्छा ही न होना जिस कारण संगिनी का कुंठित व्यवहार आपके सामने आ रहा है या अकारण पत्नी झिड़कियाँ दे रही है?
. सेक्स करते-करते बीच में ही उत्तेजना समाप्त होकर लिंग का बिना वीर्य निकले ही ढीला पड़ जाना और पत्नी का असंतुष्ट रह जाना?
. सेक्स क्रिया शुरू करते ही वीर्य निकल जाना और पत्नी के सामने शर्मिंदा होना पड़े?
. एक बार यदि सेक्स कर लिया तो कई-कई दिनों तक लिंग में सेक्स करने लायक उत्तेजना का ही न आना जिस कारण यदि पत्नी कमउम्र है तो अकारण काम का बहाना करना पड़ता है?
. वीर्य में शुक्राणुओं की कमी, वीर्य का पानी की तरह पतला होना?
. सेक्स के बाद भयंकर कमजोरी महसूस होना जैसे बरसों से बीमार हों?
. लिंग में सेक्स करने लायक कठोरता का न आना और इच्छा होने पर भी थोड़ा सा उत्तेजित होकर पिलपिला बना रहना?
. जवानी शुरू होते ही हस्तमैथुन करके वीर्य का सत्यानाश करा और लिंग को भी बीमार बना डाला है?
. सेक्स के दौरान दम फूलने लगना जैसे अस्थमा का दौरा पड़ गया हो?
ऐसी तमाम समस्याएं हैं जिनके कारण वैवाहिक जीवन का सत्यानाश होता रहता है और कई बार तो साथी के कदम बहक जाने से परिवार तक टूट जाते हैं। ऐसे में पति बाजारू दवाओं का सेवन करके या नीम-हकीमों के चक्कर में अपनी मेहनत का पैसा लुटाते रहते हैं लेकिन ऐसी दवाओं से स्थायी समाधान हाथ नहीं आकर बस कुछ देर के लाभ का छलावा महसूस होता है। ऐसे में चाहिये कि शरीर का भली प्रकार पोषण करके शक्ति प्रदान करने वाली औषधि आपके पास हों न कि क्षणिक उत्तेजना देकर आँखों, किडनी व मस्तिष्क यानि दिमाग का नाश करे । आयुषवेद ने गहन अध्ययन और अनुभव के बाद एक परिपूर्ण सेट डिजाइन करा है जो कि शरीर की समस्त आवश्यकताओं को पूरा कर न सिर्फ़ कमजोरी दूर करता है बल्कि अतिरिक्त काम-क्षमता( सेक्स पावर) भी प्रदान करता है। आयुषवेद परिवार चूंकि इन दवाओं पर लाखों रुपये दिखावा करने वाले विज्ञापनों में खर्च नहीं करता है इसलिये मूल्य में हमें बाजारू दवाओं से अत्यंत कम दाम पर औषधि तैयार करने का मौका मिलता है। आयुषवेद परिवार सिर्फ़ मरीजों की जरूरत भर की दवाएं बनाता है हम कोई व्यापारिक उत्पादन नहीं करते हैं इसलिये सिर्फ़ आवश्यकता पर ही दवाएं मंगवाएं न कि बेचने के लिये। हम सिर्फ़ उतना ही पैसा लेते हैं जितना कि दवा के निर्माण में तथा आपको स्पीड पोस्ट से भेजने में खर्च आता है।
इस सेट में निम्नलिखित औषधियाँ हैं ---
कैप्सूल : स्वर्ण वर्क, हीरा भस्म, माणिक्य पिष्टी, पन्ना पिष्टी प्रत्येक .१५ मिग्रा.
         नागभस्म, कज्जली, चाँदी वर्क, अभ्रक भस्म प्रत्येक १.३५ मिग्रा
         तालमखाना, सालम मिश्री, लौंग, केसर, सौंठ, जायफल, जावित्री, विजया बीज, कौंच     बीज, दालचीनी, तेजपत्र, छोटी इलायची, अकरकरा, सफ़ेद जीरा, खुरासानी अजवायन, पीपर, रूमी मस्तंगी, मालकांगनी, शुद्ध धत्तूर बीज, शुद्ध वत्सनाभ, सफ़ेद मूसली, शुद्ध शिलाजीत, लाल बहमन प्रत्येक ४ मिग्रा.
टैबलेट : त्रिबंग भस्म, मुक्ताशुक्ति भस्म, कज्जली, अभ्रक भस्म, लोह भस्म, ताम्र भस्म, चाँदी भस्म, स्वर्ण वर्क, शुद्ध हिंगुल, शुद्ध हरताल, वैक्रान्त भस्म, शुद्ध कुचला, शुद्ध वत्सनाभ, विजया बीज, शुद्ध शिलाजीत, तोदरी, अश्वगंधा, शतावर, काला जीरा, सफ़ेद जीरा, केसर, जायफल, जावित्री, विदारीकंद, छोटी इलायची, सफ़ेद मिर्च, अकरकरा, दालचीनी, पीपर, सफ़ेद मूसली, काली मूसली, खुरासानी अजवायन, लौंग, सौंठ, वंशलोचन, जुन्दबेदस्त, गोखरू, सालमपंजा, मालकांगनी, काले तिल, मुलहठी
बसंत कुसुमाकर रस(विशेष-स्वानुभूत) : स्वर्ण तथा मोती से युक्त ये औषधि भी टैबलेट के रूप में है लेकिन इस शास्त्रोक्त औषधि को आयुषवेद परिवार ने अपने गहन अनुभवों के आधार पर विशेष कामशक्ति वर्धक औषधियों से भावना देकर तैयार करा है ताकि इस अत्यंत शक्तिशाली औषधि का प्रभाव कई गुना बढ़ सके।
मलहम(ऑइन्टमेंट) : मालकांगनी के तेल तथा अश्वगंधा के साथ लिंग को लौहलठ, पुष्ट तथा बलिष्ठ बनाने के लिये अनुभूत औषधियों के मेल से बना यह मलहम लिंग पर लगाने के लिये है।
इन चारों औषधियों के बने सेट को कुछ समय तक सेवन से स्थायी प्रभाव मिलता है। इसके प्रभाव से आप पिछली गलतियों को सुधार सकते हैं और नए जीवन की सफलता से शुरूआत कर सकते हैं।

सोमवार, मार्च 05, 2012

शक्ति बढ़ाने के घरेलू उपाय


21. ढाकः- ढाक के 100 ग्राम गोंद को तवे पर भून लें। फिर 100 ग्राम तालमखानों को घी के साथ भूनें। उसके बाद दोनों को बारीक काटकर आधा चम्मच सुबह और शाम को दूध के साथ खाना खाने के दो-तीन घंटे पहले ही इसका सेवन करें। इसके कुछ ही दिनों के बाद वीर्य का पतलापन दूर होता है तथा सेक्स क्षमता में बहुत अधिक रुप से वृद्धि होती है।
• 22. जायफलः- 15 ग्राम जायफल, 20 ग्राम हिंगुल भस्म, 5 ग्राम अकरकरा और 10 ग्राम केसर को मिलाकर बारीक पीस लें। इसके बाद इसमें शहद मिलाकर इमामदस्ते में घोटें। उसके बाद चने के बराबर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। रोजाना रात को सोने से 2 पहले 2 गोलियां गाढ़े दूध के साथ सेवन करें। इससे शिश्न (लिंग) का ढ़ीलापन दूर होता है तथा नामर्दी दूर हो जाती है।
• 23. इलायचीः- इलायची के दानों का चूर्ण 2 ग्राम, जावित्री का चूर्ण 1 ग्राम, बादाम के 5 पीस और मिश्री 10 ग्राम ले लें। बादाम को रात के समय पानी में भिगोकर रख दें। सुबह के वक्त उसे पीसकर पेस्ट की तरह बना लें। फिर उसमें अन्य पदार्थ मिलाकर तथा दो चम्मच मक्खन मिलाकर विस्तार रुप से रोजाना सुबह के वक्त इसको सेवन करें। यह वीर्य को बढ़ाता है तथा शरीर में ताकत लाकर सेक्स शक्ति को बढ़ाता है।
• 24. सेबः- एक अच्छा सा बड़े आकार का सेब ले लीजिए। इसमें हो सके जितनी ज्यादा से ज्यादा लौंग चुभाकर अंदर तक डाल दीजिए। इसी तरह का एक अच्छा सा बड़े आकार का नींबू ले लीजिए। इसमें जितनी ज्यादा से ज्यादा हो सके, लौंग चुभाकर अंदर तक डाल दीजिए। दोनों फलों को एक सप्ताह तक किसी बर्तन में ढककर रख दीजिए। एक सप्ताह बाद दोनों फलों में से लौंग निकालकर अलग-अलग शीशी में भरकर रख लें। पहले दिन नींबू वाले दो लौंग को बारीक कूटकर बकरी के दूध के साथ सेवन करें। इस तरह से बदल-बदलकर 40 दिनों तक 2-2 लौंग खाएं। यह एक तरह से सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला एक बहुत ही सरल उपाय है।
• 25. अजवायनः- 100 ग्राम अजवायन को सफेद प्याज के रस में भिगोकर सुखा लें। सूखने के बाद उसे फिर से प्याज के रस में गीला करके सुखा लें। इस तरह से तीन बार करें। उसके बाद इसे कूटकर किसी शीशी में भरकर रख लें। आधा चम्मच इस चूर्ण को एक चम्मच पिसी हुई मिश्री के साथ मिलाकर खा जाएं। फिर ऊपर से हल्का गर्म दूध पी लें। करीब-करीब एक महीने तक इस मिश्रण का उपयोग करें। इस दौरान संभोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। यह सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला सबसे अच्छा उपाय है।


रविवार, मार्च 04, 2012

शक्ति बढ़ाने के घरेलू उपाय

11. छुहारेः- चार-पांच छुहारे, दो-तीन काजू तथा दो बादाम को 300 ग्राम दूध में खूब अच्छी तरह से उबालकर तथा पकाकर दो चम्मच मिश्री मिलाकर रोजाना रात को सोते समय लेना चाहिए। इससे यौन इच्छा और काम करने की शक्ति बढ़ती है।
• 12. उंटगन के बीजः- 6 ग्राम उंटगन के बीज, 6 ग्राम तालमखाना तथा 6 ग्राम गोखरू को समान मात्रा में लेकर आधा लीटर दूध में मिलाकर पकाएं। यह मिश्रण लगभग आधा रह जाने पर इसे उतारकर ठंडा हो जाने दें। इसे रोजाना 21 दिनों तक समय अनुसार लेते रहें। इससे नपुंसकता (नामर्दी) रोग दूर हो जाता है।
• 13. तुलसीः- आधा ग्राम तुलसी के बीज तथा 5 ग्राम पुराने गुड़ को बंगाली पान पर रखकर अच्छी तरह से चबा-चबाकर खाएं। इस मिश्रण को विस्तारपूर्वक 40 दिनों तक लेने से वीर्य बलवान बनता है, संभोग करने की इच्छा तेज हो जाती है और नपुंसकता जैसे रोग भी दूर हो जाते हैं।
• 14. गोखरूः- सूखा आंवला, गोखरू, कौंच के बीज, सफेद मूसली और गुडुची सत्व- इन पांचो पदार्थों को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। एक चम्मच देशी घी और एक चम्मच मिश्री में एक चम्मच चूर्ण मिलाकर रात को सोते समय इस मिश्रण को लें। इसके बाद एक गिलास गर्म दूध पी लें। इस चूर्ण से सेक्स कार्य में अत्यंत शक्ति आती है।
• 15. सफेद मूसलीः- सालम मिश्री, तालमखाना, सफेद मूसली, कौंच के बीज, गोखरू तथा ईसबगोल- इन सबको समान मात्रा में मिलाकर बारीक चूर्ण बना लें। इस एक चम्मच चूर्ण में मिश्री मिलाकर सुबह-शाम दूध के साथ पीना चाहिए। यह वीर्य को ताकतवर बनाता है तथा सेक्स शक्ति में अधिकता लाता है।
• 16. हल्दीः- वीर्य अधिक पतला होने पर 1 चम्मच शहद में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर रोजाना सुबह के समय खाली पेट सेवन करना चाहिए। इसका विस्तृत रुप से इस्तेमाल करने से संभोग करने की शक्ति बढ़ जाती है।
• 17. उड़द की दालः- आधा चम्मच उड़द की दाल और कौंच की दो-तीन कोमल कली को बारीक पीसकर सुबह तथा शाम को लेना चाहिए। यह उपाय काफी फायदेमंद है। इस नुस्खे को रोजाना लेने से सेक्स करने की ताकत बढ़ जाती है।
• 18. जायफलः- जायफल 10 ग्राम, लौंग 10 ग्राम, चंद्रोदय 10 ग्राम, कपूर 10 ग्राम और कस्तूरी 6 ग्राम को कूट-पीसकर इस मिश्रण के चूर्ण की 60 खुराक बना लें। इसमें से एक खुराक को पान के पत्ते पर रखकर धीरे-धीरे से चबाते रहें। जब मुंह में खूब रस जमा हो जाए तो इस रस को थूके नहीं बल्कि पी जाएं। इसके बाद थोड़ी सी मलाई का इस्तेमाल करें। यह चूर्ण रोजाना लेने से नपुंसकता जैसे रोग दूर होते हैं तथा सेक्स शक्ति में वृद्धि होती है।
• 19. शंखपुष्पीः- शंखपुष्पी 100 ग्राम, ब्राह्नी 100 ग्राम, असंगध 50 ग्राम, तज 50 ग्राम, मुलहठी 50 ग्राम, शतावर 50 ग्राम, विधारा 50 ग्राम तथा शक्कर 450 ग्राम को बारीक कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर एक-एक चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम को लेना चाहिए। इस चूर्ण को तीन महीनों तक रोजाना सेवन करने से नाईट-फाल (स्वप्न दोष), वीर्य की कमजोरी तथा नामर्दी आदि रोग समाप्त होकर सेक्स शक्ति में ताकत आती है।
• 20. गाजरः- 1 किलो गाजर, चीनी 400 ग्राम, खोआ 250 ग्राम, दूध 500 ग्राम, कद्यूकस किया हुआ नारियल 10 ग्राम, किशमिश 10 ग्राम, काजू बारीक कटे हुए 10-15 पीस, एक चांदी का वर्क और 4 चम्मच देशी घी ले लें। गाजर को कद्यूकस करके कडा़ही में डालकर पकाएं। पानी के सूख जाने पर इसमें दूध, खोआ और चीनी डाल दें तथा इसे चम्मच से चलाते रहें। जब यह सारा मिश्रण गाढ़ा होने को हो तो इसमें नारियल, किशमिश, बादाम और काजू डाल दें। जब यह पदार्थ गाढ़ा हो जाए तो थाली में देशी घी लगाकर हलवे को थाली पर निकालें और ऊपर से चांदी का वर्क लगा दें। इस हलवे को चार-चार चम्मच सुबह और शाम खाकर ऊपर से दूध पीना चाहिए। यह वीर्यशक्ति बढ़ाकार शरीर को मजबूत रखता है। इससे सेक्स शक्ति भी बढ़ती है।


शनिवार, मार्च 03, 2012

शक्ति को बढ़ाने वाले घरेलू उपाय


• 1. आंवलाः- 2 चम्मच आंवला के रस में एक छोटा चम्मच सूखे आंवले का चूर्ण तथा एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर दिन में दो बार सेवन करना चाहिए। इसके इस्तेमाल से सेक्स शक्ति धीरे-धीरे बढ़ती चली जाएगी।
• 2. पीपलः- पीपल का फल और पीपल की कोमल जड़ को बराबर मात्रा में लेकर चटनी बना लें। इस 2 चम्मच चटनी को 100 मि.ली. दूध तथा 400 मि.ली. पानी में मिलाकर उसे लगभग चौथाई भाग होने तक पकाएं। फिर उसे छानकर आधा कप सुबह और शाम को पी लें। इसके इस्तेमाल करने से वीर्य में तथा सेक्स करने की ताकत में वृद्धि होती है।
• 3. प्याजः- आधा चम्मच सफेद प्याज का रस, आधा चम्मच शहद तथा आधा चम्मच मिश्री के चूर्ण को मिलाकर सुबह और शाम सेवन करें। यह मिश्रण वीर्यपतन को दूर करने के लिए काफी उपयोगी रहता है।
• 4. चोबचीनीः- 100 ग्राम तालमखाने के बीज, 100 ग्राम चोबचीनी, 100 ग्राम ढाक का गोंद, 100 ग्राम मोचरस तथा 250 ग्राम मिश्री को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। रोजाना सुबह के समय एक चम्मच चूर्ण में 4 चम्मच मलाई मिलाकर खाएं। यह मिश्रण यौन रुपी कमजोरी, नामर्दी तथा वीर्य का जल्दी गिरना जैसे रोग को खत्म कर देता है।
• 5. कौंच का बीजः- 100 ग्राम कौंच के बीज और 100 ग्राम तालमखाना को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। फिर इसमें 200 ग्राम मिश्री पीसकर मिला लें। हल्के गर्म दूध में आधा चम्मच चूर्ण मिलाकर रोजाना इसको पीना चाहिए। इसको पीने से वीर्य गाढ़ा हो जाता है तथा नामर्दी दूर होती है।
• 6. इमलीः- आधा किलो इमली के बीज लेकर उसके दो हिस्से कर दें। इन बीजों को तीन दिनों तक पानी में भिगोकर रख लें। इसके बाद छिलकों को उतारकर बाहर फेंक दें और सफेद बीजों को खरल में डालकर पीसें। फिर इसमें आधा किलो पिसी मिश्री मिलाकर कांच के खुले मुंह वाली एक चौड़ी शीशी में रख लें। आधा चम्मच सुबह और शाम के समय में दूध के साथ लें। इस तरह से यह उपाय वीर्य के जल्दी गिरने के रोग तथा संभोग करने की ताकत में बढ़ोतरी करता है।
• 7. बरगदः- सूर्यास्त से पहले बरगद के पेड़ से उसके पत्ते तोड़कर उसमें से निकलने वाले दूध की 10-15 बूंदें बताशे पर रखकर खाएं। इसके प्रयोग से आपका वीर्य भी बनेगा और सेक्स शक्ति भी अधिक हो जाएगी।
• 8. सोंठः- 4 ग्राम सोंठ, 4 ग्राम सेमल का गोंद, 2 ग्राम अकरकरा, 28 ग्राम पिप्पली तथा 30 ग्राम काले तिल को एकसाथ मिलाकर तथा कूटकर बारीक चूर्ण बना लें। रात को सोते समय आधा चम्मच चूर्ण लेकर ऊपर से एक गिलास गर्म दूध पी लें। यह रामबाण औषधि शरीर की कमजोरी को दूर करती है तथा सेक्स शक्ति को बढ़ाती है।
• 9. अश्वगंधाः- अश्वगंधा का चूर्ण, असगंध तथा बिदारीकंद को 100-100 ग्राम की मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बना लें। इसमें से आधा चम्मच चूर्ण दूध के साथ सुबह और शाम लेना चाहिए। यह मिश्रण वीर्य को ताकतवर बनाकर शीघ्रपतन की समस्या से छुटकारा दिलाता है।
• 10. त्रिफलाः- एक चम्मच त्रिफला के चूर्ण को रात को सोते समय 5 मुनक्कों के साथ लेना चाहिए तथा ऊपर से ठंडा पानी पिएं। यह चूर्ण पेट के सभी प्रकार के रोग, स्वप्नदोष तथा वीर्य का शीघ्र गिरना आदि रोगों को दूर करके शरीर को मजबूती प्रदान करता है।