मंगलवार, सितंबर 01, 2009

चश्मा लगता है.....

Namaskaar Sir..........

Mera naam mayank upadhyay hai.

Main B.Tech 1st year me hoo.. aur Indian Air Force me Jaana Chahta hoo.......par mujhe chashma laga hai........ -3.5 D ka.....aur ye badhta hi jaa rha hai..... kripya mujhe mere chashme se chutkaara dilaiye....... kuch aushadhiyaa bhi bata deejiye yogaasano ke saath sath........ dhanyawaad



प्रिय मयंक जी

नमस्कार

आपने नज़र की कमजोरी के बारे में लिखा है। आपने बताया कि दिन ब दिन ये कमजोरी बढ़ रही है तो कुछ औषधियां इस प्रकार लीजिये--

१. षड्बिन्दु तेल --- नाक में दिन में दो बार दोनो छिद्रों में तीन-तीन बूंद डालिये और कुछ देर तक सिर को पीछे की तरफ़ रख कर लेटिये ताकि तेल बाहर न आ जाए ध्यान रखे कि इसे मुंह में मत खींचियेगा नुकसान तो नहीं होगा लेकिन कम लाभ होगा इसे खुद ऊपर चढ़ने दीजियेगा।

२. सप्ताम्रत लौह ---- २५० मिग्रा. दिन में दो बार शहद में मिलाकर चाटिये।

गैस,धड़कन, पसीना, थकान, टेन्शन, शारीरिक व मानसिक कमजोरी,, शारीरिक व मानसिक कमजोरी,

श्रीमान जी, नमस्कार, में 48 साल का हूँ, वैसे सामान्यतया स्वस्थ हूँ, परंतु कुछ समय (3\4 साल) से कुछ भी खाने से गैसबनती हे, सिर में अंदर धमक म्ह्सुस होती हे, पसीना ज्यादा आता हे, "" गर्मी बहुत ज्यादा लगती हे, दिल कि धड़कन मह्सुस होती हे,सारे दिन थकान रहती हे, शारीरिक व मानसिक कमजोरी, एलर्जिक जुखअम (20 सालों से) , नींद सपनों भरी सुबह नींद के बाद भी थकान पिंडलीयों में दर्द, खाने के बाद थकान नींद , याद क्म होना, गुस्सा ज्यादा, थोड़ा भी काम करने से सारे शरीर बहुत पसीना व थोड़े टेन्शन से भी बहुत पसीना, बी। पी. , शुगर नार्मल हे, डा. के अनुसार यह " शारीरिक व मानसिक कमजोरी," हे कोई उपाय बताये? गर्म दवा न दे, काम धंदे के कारण पहरेज नही हो सकता हे,
विष्णु
प्रिय विष्णु जी
नमस्कार
आपने अपनी समस्या के जिन लक्षणों को बताया है उससे बिलकुल स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि ये मात्र पित्त विकार है जो कि जीर्ण हो जाने के कारण आपको अधिक कष्ट दे रहा है।। आपने कहा कि काम धंधे के कारण परहेज संभव नहीं है तो ये बात विचित्र है कि आप अपने काम को शरीर से अधिक महत्त्व दे रहे हैं। जब शरीर स्वस्थ नहीं रहेगा तो काम क्या मन और आत्मा से कर सकते हैं इस लिये भाई हम तो मानते हैं कि पहले शरीर स्वस्थ रखिए वरना मेहनत करके कमाया हुआ पैसा बीमारी के इलाज में चला जाता है। आप तेज-मिर्चमसाले दार खाना न खाएं, बासी भोजन न करें, शराब तम्बाकू आदि के सेवन से बचें, चाय काफ़ी आदि भी आपको नुकसान अक्रेंगे, बाजारू ठंडे पेय न लें ये आपके लिये विष समान हैं। आप निम्न औषधियां लीजिये-
१. गिलोय सत्व ५०० मिग्रा + प्रवाल पिष्टी १२५ मिग्रा + एक चम्मच गुलकंद दिन में दो बार लीजिये।
२. अश्वगंधारिष्ट दो दो चम्मच दिन में दो बार भोजन के आद बराबर पानी मिला कर लीजिये।
इस उपचार को चालीस दिन तक न्यूनतम लीजिये।

प्लीहा बढ़ी हुई है, बांयी किडनी में २० मि.मी. की पथरी है

NAMSTE DOCTOR JI
MERA NAAM RAJPAL HAI & MAIN UNMARRIED HOON. MAIN BAHUT PARESHAN HOON . MERI PLEEHA (SPLEEN) BADI HUI HAI . MERI LEFT KIDNEY MEIN 20 MM KI PATHRI & GALL BLADDER MEIN 14 MM KI PATHRI HAI. MERA HIMOGLOBIN (9.0) BHI BAHUT KAM HAI . SARIR KAM KARTE HUE JALDI TAKH JATA HAI . URIN YELLOW DARK & JALAN KE SATH THODA AATA HAI .. NIGHT MEIN NEEND BHI BAHUT KAM AATI HAI .CHEHRA NISTEJ & GAL ANDER DHASE HAI .DOCTOR SAHEB , PLEASE MERI PROBLEMS SOLVE KIJIYA. KOI UCHIT SAMADHAN BATIYA.
RAJPAL
प्रिय राजपाल जी,आपकी समस्या कि आपकी प्लीहा बढ़ी हुई है, बांयी किडनी में २० मि.मी. की पथरी है, पित्ताशय में १४ मि.मी. की पथरी है, हीमोग्लोबिन ९ है, जल्द थकान हो जाती है, पेशाब गाढ़ा पीला और जलन के साथ कम मात्रा में होता है, रात में नींद बहुत ही कम आती है, चेहरा निस्तेज है और गाल अंदर धंसे हुए हैं। राजपाल जी आपकी समस्या एक ही है न कि कई सारी; ये एक ही समस्या के अनेक लक्षण हैं। आप निम्न औषधियां लीजिये-
१. कलमी शोरा २० ग्राम + पपड़िया नौशादर २० ग्राम + मीठा सोडा(खाने वाला सोडा) २० ग्राम लेकर बारीक पीस लीजिये। इस मिश्रण में से ३ ग्राम दवा पुनर्नवासव के दो चम्मच के साथ दिन में दो बार लीजिये।
२.रसराज रस आधी रत्ती दिन में दो बार शहद से लीजिये।
३. मुक्ता शुक्ति भस्म २ रत्ती + पीपल चूर्ण दो ग्राम दूध में मिला कर दिन में दो बार सेवन करें।
इस उपचार को दो माह तक नियमित लीजिये आपको आनंददायक परिणाम देखने को मिलेगा।

रविवार, अगस्त 23, 2009

दोनो पैरोँ मेँ भयंकर दर्द रहता है,दर्द एड़ी से शुरु होता है फिर सूजन आ जाता है

सर नमस्कार।मेरी मम्मी की उम्र लगभग ४५ साल है।उन्हेँ लगभग ५ साल से दोनो पैरोँ मेँ भयंकर दर्द रहता है,दर्द एड़ी से शुरु होता है फिर सूजन आ जाता है जो पूरे शरीर मेँ घुटने तक हो जाता है। जिस वजह से न चल पाती हैँ न ही उठ पाती हैँ।फिर बुखार आ जाता है।पैरोँ के उँगलियोँ मेँ तथा जोड़ोँ मेँ कोई गाँठ नही है।दर्द के वजह से सूजन जरुर हो जाता है। इलाज मेँ हर प्रकार से जड़ी-बूटी, एलोपैथी, आयुर्वेदिक, एक्युपंचर सभी किए गए हैँ,कोई कहते हैँ गठिया हैँ कोई आर्थराइटिस कोई वात हैँ।समझ मेँ नहीँ आता है क्या है।हम लोग हार चुके हैँ ,क्या मम्मीजी कभी पूरी तरह से ठीक हो पाएंगी ?हम सभी इस बीमारी से अपना आपा खो चुके हैँ क्या करेँ?क्या मम्मीजी पूरी तरह से पहले जैसी ठीक हो जाएँगी ? इसका ईलाज जरुर बताएँ डाँक्टर साहब मैँ आपका जिँदगी भर आभारी रहूँगा।
आशू सिंह
आशू सिंह जी,आपकी माता जी के ऊपर अब तक चिकित्सकों ने ढेर सारे प्रयोग कर डाले हैं यानि कि आपकी माताजी एक प्रायोगिक जन्तु की भांति कष्ट भोगती रही हैं मुझे उनसे हार्दिक सहानुभूति है। आपने जो लक्षण लिखे हैं उनके आधार पर ये शत-प्रतिशत वात का ही विकार है। आप उन्हें निम्न औषधियां दीजिये-
१. रास्ना घनसत्व ५ ग्राम + एकांगवीर रस १० ग्राम + योगराज गुग्गुलु १० ग्राम+ शुद्ध कुचला चूर्ण २.५ ग्राम + आमवातेश्वर रस १० ग्राम + विषमुष्टिका वटी १० ग्राम इन सबको मिला कर कस कर घोंट लीजिये व एक ग्राम की मात्रा दिन में तीन बार गर्म जल या चाय के साथ दीजिये।
२. रास्ना घनसत्व १० ग्राम + महायोगराज गुग्गुलु १० ग्राम + शुद्ध कुचला १० ग्राम लेकर कस कर घोंट लीजिये व इसमें से एक-एक ग्राम मात्रा दिन में दो बार गर्म जल से लीजिये।
३. सप्ताह में एक बार रात में कब्ज न रहे इसलिये मीठे दूध में कैस्टर आयल(एरण्ड का तेल) एक चम्मच डाल कर पिलाएं।
दही, चावल, मिथाई, तैलीय पदार्थ, ठंडे खाद्य पदार्थ( जैसे फ्रोजन फ़ूड) व गरिष्ठ भोजन खाने में न दें। हल्का व सुपाच्य भोजन लाभ अधिक देगा इस बात का विशेष ध्यान रखें। इस उपचार को न्यूनतम तीन माह दें।

जो बाल कई बरसों में गिर गये हैं

Dear Dr.
I would like to thank you for giving me time on Sunday to discuss my health problems with you.
As suggested by you, I am mentioning my health problems as under:
I am 35 yers of age. I suffer from hyperacidity, heat flushes, high serum uric acid (gout). Apart from this, I suffer from constipation and gas problem. As soon as I eat even a little, my stomach gets distended and it gives me a lot of discomfort. I have observed that over the past 2 years, my semen has become thinner. I think it is because of pitta and body heat. I also suffer from pre mature ejaculation.
Alopecia: I suffer from male pattern baldness for the last 12 years. However, over the last 2-3 years, my hair has been falling at an alarming pace.
I take the following medicines daily:
A sustained release acid inhibitor, PAN 40 a day for hyperacidity
3 Zylorics (morning, noon and night) to control my uric acid levels
4 tablets of Medohar Guggulu thrice a day (12 tablets)
You have rightly diagnosed that my problems are because of Pitta imbalance. My pulse is very strong and gallops prominently. I suffer from body heat, anger, sweating and hyperacidity. Kindly suggest me remedies that correct this imbalance and correct the other problems like alopecia .
Awaiting your response on the medicines. I would like to consume the medicines prepared by your establishment as I have total faith in you. Please suggest further
Respectfully,
Abhiram Mishra
प्रिय अभिराम जी, आपकी समस्या की जड़ तो मात्र एक ही है किन्तु उसके लक्षण अनेक दिखने के कारण आपको प्रतीत हो रहा है कि ढेर सारी समस्याएं है। आपने फोन पर जो बातें बताई थीं और जो लक्षण लिखे हैं उनके आधार पर स्पष्ट दिखायी देता है कि आप पित्तविकार से ग्रस्त हैं जो कि समय के साथ गहराता चला गया और जटिल लक्षण प्रस्तुत करता गया है। आप परेशान हों और धैर्यपूर्वक निम्न औषधियां लीजिये
. आंवला घनसत्व + हरड़ घनसत्व + मुलैहठी घनसत्व + भृंगराज घनसत्व २०-२० ग्राम ले कर इस मिश्रण में २० ग्राम स्वर्णमाक्षिक भस्म मिला कर इसकी एक ग्राम मात्रा दिन में दो बार ठंडे जल के साथ लीजिये(इस दवा को बीज निकाले हुए खाली मुनक्के या खाली कैप्सूल में भर कर लिया जा सकता है)
. भृंगराज + आंवला + मिश्री + साबुत काले तिल २५-२५ ग्राम मिला कर रख लें इस योग को भी एक-एक ग्राम मात्रा दिन में दो बार ठंडे जल के साथ लीजिये।
. बालों में तेल इस समय लगाने का कोई उपयोग नहीं होता बल्कि समस्या उलझती ही जाती है अतः रात में (अथवा यदि शिफ़्ट ड्यूटी करते हों तो जब सोने का समय हो) बालों की जड़ों में उंगली के पोरों से हल्के तरीके से पंचतिक्त घृत लगायें(इतना अधिक नहीं कि चूने-टपकने लगे)और सुबह मुल्तानी मिट्टी या एलोवेरा शैम्पू से धो लें।
इस उपचार को नियमित रूप से न्यूनतम छह माह तक करा जाए तब आप देखेंगे कि नए काले छोटे-छोटे बाल खल्वाट त्वचा पर उग रहे हैं। चूंकि यह एक जिद्दी रोग है अतः बिना हताश हुए इलाज करना पड़ता है, यदि हम औषधियों से यह अपेक्षा रखें कि जो बाल कई बरसों में गिर गये हैं वे दवा लेते ही चमत्कारिक रूप से पुनः उग आएंगे तो यह बचपना ही होगा। घैर्य रखना ही इस उपचार का सबसे बड़ा धनात्मक पक्ष है।

बुधवार, अगस्त 05, 2009

३-४ बजे शाम से सर में बहुत तेज़ दर्द होने लगता है

डॉक्टर साहेब,मेरी माँ को ८-१० दिनों से ३-४ बजे शाम से सर में बहुत तेज़ दर्द होने लगता है, और उनका गला जैसे लगता है की कोई दाब रहा है और चक्कर भी आता है , कुछ दर्द की दवाएं खा रही है पर कोई फायदा नहीं हो रहा है, कृपया इस बीमारी के बारे में बताएं ये किस तरह की बीमारी है, इसे क्या कहते है और इसका क्या इलाज है कहीं इन्हें कोई बड़ी बीमारी तो नहीं हो गयी है मुझे बहुत घबराहट लगने लग रहा है उनकी उमर लगभग ४० साल की होगी, डॉक्टर साहेब कृपया कर मेरी माँ कौन सी बीमारी है और इसका क्या इलाज़ है वो भी कृपया कर बताएं
धन्यवाद
shyam kumar
प्रिय श्याम जी आपकी माता जी के बारे में आपने जो लक्षण बताए हैं उनसे कुछ विशेष स्पष्ट नहीं हो रहा है किंतु जैसा कि आपने बताया कि जो लक्षण हैं वे हैं - शाम को निश्चित समय पर सिर में तेज दर्द, गला दबाने जैसी अनुभूति और चक्कर आना। अपने अनुभव के आधार पर विचार करने पर समझा कि स्पष्ट सी बात है कि इतने समय तक सामान्यतः लोग दोपहर का भोजन कर चुके होते हैं और यह पेट में भोजन के पाचन का समय होता है। इस समय पित्त प्रबल रहता है किन्तु आपकी माता जी की समस्या के साथ में दर्द का होना वायु के प्रकोप को भी बताता है किन्तु वह उतना प्रबल नहीं है जब तक उस पर पित्त का आवरण नहीं आ जाता समस्या शुरू नहीं होती है। आपने ये नहीं बताया कि क्या ये लक्षण कुछ समय बाद स्वयं ही शांत हो जाते हैं या आप कोई उपाय करते हैं, उनका हाजमा कैसा है, क्या कब्जियत रहती है,मासिक धर्म आदि में कोई समस्या तो नहीं है आदि; यदि विस्तार से लिखें तो कोई दिक्कत न होगी और तत्काल सही व सटीक उपचार मिल जाएगा। फिलहाल आप निम्न उपचार माताजी को दें--
१. कपूर + मेन्थाल(पिपरमिंट, जिसे पान में ठंडक के लिये डाला जाता है) बराबर मात्रा में मिला लीजिये और टाइट ढक्कन की कांच की शीशी में रख लीजिये तथा दोपहर का भोजन करने के आधा घंटे बाद एक बूंद उंगली पर लेकर माताजी की नाभि पर लगा दीजिये।
२. दूब(दूर्वा) ये साधारणतया पायी जाने वाली हरी घास है इसे लाकर मिट्टी साफ़ करके इतनी मात्रा में पीसिये कि एक चम्मच रस निकल आए। इस तरह से ताजा निकाला हुआ रस माता जी को सुबह नाश्ते के बाद तथा रात्रि को भोजन के आधा घंटे बाद दीजिए और उसके बाद एक घंटे तक पानी न पिएं।
इस उपचार को एक सप्ताह तक दीजिये और आयुषवेद के संपर्क में रहिए, तेज मिर्च-मसालेदार भोजन, मांसाहार से परहेज कराइये।

मंगलवार, अगस्त 04, 2009

आप नपुंसक तो नहीं कहे जा सकते हैं

Mai, Rajkumar meri Samasya Hai ke mai Bahut Dubla-Patla hu, or
mughhe kabj ki sakayat rahti hai,mai 24 sal ka ho gaya hu kintu mary dadi-muchh
abi tak nahi aai hai mare dosht kahte hai ke mai namard hau, kyoki mai
7-8 sal tak hastmethun karta tha jho mane chhod diya aap mery samasya ka
samadhan batane ka kast kare taki mai mota or balawan, mard ban saku

Danywad
Rajkumar Chhavariya
राजकुमार जी,आपकी समस्या की गम्भीरता को समझ रहा हूं। इस उम्र तक यदि दाढ़ी-मूंछ न आएं तो सचमुच ये एक हार्मोनल समस्या है......
आगे पढ़े......शेष भाग पुरुषों के रोगों वाले खंड पर जाएं

सोमवार, अगस्त 03, 2009

Bilateral polycystic kidney की समस्या

Aadab bhai jan, bhai ki medical reports bhej raha hun ham sabhi ko apse bahut sari ashyen hain...

Present Condition:
Bilateral polysystic kidey with cholelithiasis
निम्न लक्षण हैं.......
१.दोनों पैर में सूजन है दाहिने पैर में ज्यादा व पंजे में अधिक है पैर की नसों व उँगलियों में दर्द,कुल्हे तक दर्द.
२.पेशाब रुक रुक कर होता है.कभी कभी पेशाब में जलन अधिक रहती है और जलन गले तक होती है.
३.पीठ में दोनों तरफ दर्द रहता है.बाएँ तरफ दर्द अधिक रहता है.
४.कभी कभी मतली होती है और कभी उलटी भी हो जाती है.
(करीब दस सालों से ये दिक्कत है. कमजोरी बहोत है और वज़न भी करीब ४७ किलो है.)
गुफ़रान सिद्दिकी,इलाहाबाद
प्रिय गुफ़रान भाई, आपके द्वारा भेजे गए पत्र में जो लक्षण और संलग्न रिपोर्ट्स थीं उन्हें जाना समझा। चूंकि जब रोग पुराना हो जाता है तो पुनः स्वास्थ्य आने में समय लगता है। इसलिये चिकित्सा काल में इच्छित परिणाम मे लिये धैर्य रखें। रोगी को निम्न उपचार दें-
१. शतावरी चूर्ण एक चम्मच + मुलैहठी चूर्ण एक चम्मच मिला कर एक कप दूध के साथ सुबह-शाम दें ध्यान रखिए कि दूध गर्म न करें सामान्य ताप पर ही दें।
२. अविपत्तिकर चूर्ण आधा चम्मच भोजन के आधे घंटे पहले जल से दीजिए दिन में दो बार दें।
३. क्षार पर्पटी एक ग्राम + सज्जीखार एक ग्राम + पुननर्वादि गुग्गुलु एक गोली को नींबू शर्बत या शहद के साथ दिन में तीन बार सुबह दोपह शाम को दीजिये(खाली पेट न दें)
४. त्रिफला २ ग्राम + कुटकी एक ग्राम + मुनक्का ३ ग्राम मिला कर मुनक्के को मसल कर बनाए शर्बत के साथ दें(इस शर्बत के स्थान पर हरीतक्यादि क्वाथ दें तो बेहतर परिणाम मिलते हैं)
भोजन में अधिकतम दूध रोटी या दूध चावल का सेवन हितकर है। नमक, तेल, मिर्च, अचार, दही,कुल्थी की दाल,मसूर आदि जैसे गर्म और भारी भोजन का त्याग करें। मांसाहार(अंडे भी) पूरी तरह सख्ती से बंद कर दें यह रोगी के लिए विष के समान है। फलों में पके केले, अनार, नारियल, मोसम्बी, आंवला दे सकते हैं; लौकी, परवल, करेला, कद्दू की सब्जी दीजिये किन्तु ध्यान रहे कि ये सब मसालेदार न हो। सब्जी में देसी घी और जीरे का छौंक दे सकते हैं।

सोमवार, जुलाई 20, 2009

गाल पे PIMPLE/ACNE के कारण कुछ गढ़े-गढ़े से निशान से बन गये हैं

सर नमस्कार,
हमें आपका ई- मेल अड्रेस आपके आयुष ब्‍लॉग से मिली |
हम भी रोग निदान की उम्मीद से अपनी दो समस्या लिख रहें हैं |

1.) मेरे सिर में गीला dandruffसा कुछ निकलता रहता है जो की डेली साबुन/संपू से साफ करने पर भी हरेक दिन आ जाता है जो की बदबू भी करता है और हल्की खुजलाहट भी रहती है | अगर चेहरे पर dandruff लग जाए तो पसवाले चकत्ते/Acne आ जाते हैं |

2.) मेरे गाल पे PIMPLE/ACNE के कारण कुछ गढ़े-गढ़े से निशान से बन गये हैं, क्या ये भर सकता है ?

मैं बहुत आभारी होऊंगा, अगर हमे भी कुछ सलाह/ चिकित्सा संबंधी परामर्श देने की कृपा करेंगे |

धन्यवाद और नमस्कार
संतोष
संतोष जी आपकी समस्या संबंधी सुझाव कई दिनों बाद दे पा रहा हूं क्षमा चाहता हूं। आप निम्न औषधियां नियमित रूप से तीन माह तक लीजिये-
. गंधक रसायन १०० मिग्रा.+रस माणिक्य १०० मिग्रा.+ गिलोय सत्व २०० मिग्रा. इन्हें घोंट कर एक कर लें तथा दिन में तीन बार खदिरारिष्ट + महामंजिष्ठादि काढ़े के दो चम्मच के साथ सेवन करें।
. त्रिफला चूर्ण दो चम्मच दिन में दो बार गुनगुने जल के साथ सेवन करें।
. यदि चाहें तो सोमराजी तेल रात में सोते समय हलके हाथ से प्रभावित अंग पर लगा लिया करें।
मसालेदार आहार से दूर रहें साथ ही बाजारू चायनीज आदि व्यंजन से भी बचें।

शुक्रवार, जून 19, 2009

मैंने अत्याधिक हस्तमैथुन किया और शारीरिक और मानसिक रूप से काफी क्षीण हो गया

डॉक्टर सहाब उम्र के शुरूआती दोर से १ साल पहले तक (१४-२२) मैंने अत्याधिक हस्तमैथुन किया.जिस वजह से में शारीरिक और मानसिक रूप से काफी क्षीण हो गया था तब मैंने हस्तमैथुन छोड़ने का ढृढ़संकल्प किया.परन्तु भयंकर समस्या तब सामने आई जब हर दिन या दुसरे दिन रात में वीर्य धातु निकल जाती और काफी कमजोरी आ जाती. मेंने तब डॉक्टर के सलाह से दवाइयाँ लेनी शुरू की! पर अस्थाई परिणाम आया. तब से अब तक में चार डॉक्टर से दवा ले चूका हूँ पर जब तक दवा लेता हूँ तब तक आराम रहता है! दवा छोड़ने के पश्चात उसी FREQUENCY से स्वप्नदोष हो जाता है मेरा चेहरा बीमार की तरह प्रतीत होने लगा है. वीर्य बहुत पतला हो गया है २-३ सप्ताह से मुझे मूत्र संक्रमण टेस्ट में आया है (रिपोर्ट सलंगन है)डॉक्टर सहाब बीमारी का स्थाई उपचार बताएँ में आपका सदा कृतार्थ रहूँगा
भवदीय
बंसी
1 URINE EXAMINATION RESULT UNITS REF. RANGE
2 PHYSICAL EXAMINATION
3 VOLUME 40 ML
4 COLOUR YELLOW
5 APPEARCE TURBID
6 SPECIFIC GRAVITY Q.N.S (1.010-1.030)
7 CHEMICAL EXAM
8 REACTION ACIDIC
9 ALBUMIN TRACE NIL
10 SUGAR NIL NIL
11 MICROSCOPIC EXAM
12 PUS CELLS 6-8 /HPF 1-2/HPF
13 RBCs nil /HPF (NIL)
14 Epithelial cells 2-3 /HPF 1-2/HPF
15 cast nil nil
16 crystals nil nil
17 others bacteria (++++) nil
18 June 17, 2009 1:52 AM
बंसी जी,आपकी समस्या का संबंध जितना शरीर से है उतना ही मन से है। आपने हस्तमैथुन जैसी बुरी आदत को संकल्प करके छोड़ दिया ये बहुत अच्छा है। आप निम्न औषधियां नियमित रूप से कम से कम चालीस दिन तक लीजिये-
१. बंग भस्म १० ग्राम + प्रवाल पिष्टी १० ग्राम + त्रिबंग भस्म १० ग्राम + जहरमोहरा खताई भस्म १० ग्राम +शीतलचीनी(इसे कबाबचीनी भी कहते हैं) २० ग्राम + शुद्ध ढेला कपूर ५ ग्राम; इन सबको एकत्र पीस कर कांच की शीशी में कसकर ढक्कन लगाकर रख लें। इस औषधि में से चार रत्ती की मात्रा(यानि ५०० मिलीग्राम) सुबह शाम दूध के साथ लीजिये।
२. यदि बरगद के पेड़ की लटकी हुई जो जटाओं जैसी जड़े रहती हैं वो कोमल-कोमल मिल सकें तो उसे दो ग्राम चबाकर ऊपर से दूध पी लिया करें ऐसा दिन में दो बार करें।
आप यकीन मानिये आपकी समस्या और संक्रमण कहां छू-मंतर हो गया आप हैरान हो जाएंगे।
मानसिक शक्तियों के अनुभूत प्रयोग देखिये हमारी दूसरी वेबसाईटhttp://mindhypnotism.com/?p=178

रविवार, जून 07, 2009

सफ़ेद दाग, सेक्स और बदन दर्द की समस्या भी है

vaidh ji,
om sai ram

meri age 36 year hai mujhe safed daag ho gaye hai neck per (backside 3 spot hai, left side ear ke paas ek bada sa spot hai. kya iska koi saral upchhar hai aur yadi aap medicine bhejte hai to kya kharcha aayega?second, mere left hand per near to elbow bhaut kharish hoti hai aur dane se ho gaye hai kripa karke ilaaj bataye
third, sex karen ke baad or na karene se bhi mere legs me ghutno se niche our uppar bhi and elbo se upar baju wale hisse may bahut pain hota hai jab mai koi kas kar kapda bandh kar soti hun tho nind aathi hai mai is baat se bahut pareshan hu kripa koi uppai battaye.
please do me mail
mrs. s. sharma
बहन जी, आपने कई समस्याओं को साथ में लिखा है इससे पता चलता है कि आप सचमुच स्वास्थ्य के प्रति गम्भीर हैं। आपकी देह की सारी समस्याओं का कारण मात्र कफ-पित्त-वात के विकार के कारण होता है और इनके साम्य से स्वास्थ्य बना रहता है। अनेक बीमारियों के लक्षणों का कारण मात्र एक ही होता है जबकि लक्षण ढेर सारे हो कर एक सिन्ड्रोम जैसा पैदा कर देते हैं। आप निम्न औषधियां लीजिये--
१. हल्दी ३०० मिग्रा. + काले तिल ३०० मिग्रा. + बाकुची चूर्ण ३०० मिग्रा. मिला कर एक मात्रा बनाएं व ऐसी तीन मात्राएं दिन में गर्म पानी से लीजिए।
२. श्वित्रारि वटी को पानी में घिस कर प्रभावित अंग पर लगाइये। कभी-कभी अधिक संवेदनशील लोगों को इस वटी से फुंसियां सी हो जाती हैं तो ऐसा होने पर अगली औषधि प्रयोग करें।
३. श्वित्रारि घी को प्रभावित अंग पर दिन में कई बार लगाएं।
४. विषतिंदुक वटी एक गोली दिन में तीन बार गर्म पानी से लीजिये।
इस औषधि व्यवस्था को चालीस दिन तक जारी रखिए व प्रभाव के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर आगे जारी रखें।

Renal Calculi है

Dear sir
sir mera name sangeeta ha.mare bhai ki kidny ke right and laft side me 13mm and 14mm ki Renal Calculi ha. hame last week hi pata chala ha. ab se phle kabhi pain nahi hua tha. iske leye hame opration karana pdega ya kisi daise treatment se nikal jayegi. or kya ye bad me bhi ho sakti ha ya nahi. iske leye kya -2 pahraj rakna hoga, plz mujhe mail kare.
Sangeeta
संगीता बहन,परेशान न हों आप भाई को निम्न औषधियां दीजिये-
१. कलमी शोरा ५०० मिग्रा. + जवाखार ५०० मिग्रा + हजरुलयहूद भस्म १२५ मिग्रा इन्हें दो चम्मच पुनर्नवासव के साथ दिन में तीन बार लीजिये।
२. शूलगजकेशरी रस १२५ मिग्रा. + शीतल पर्पटी २५० मिग्रा. + श्वेत पर्पटी २५० मिग्रा. पानी से दिन में दो बार दीजिये।
इस उपचार को एक माह तक देने के बाद पुनः जांच करा लीजिये ताकि आपकी संतुष्टि हो जाए के पथरी घुल कर मूत्र से बाहर निकल गयी है।

गुरुवार, जून 04, 2009

मेरे गाल धसे हुए है, बहुत ही दुबला पतला हूं

5नमस्‍ते सर
मेरा नाम परमेश्‍वर है। मेरी उम्र 23 साल है वजन 42 किलो व लम्‍बाई 5 फुट है। मेरी समस्‍या है कि मै बहुत ही दुबला पतला हु। मै 10 से 12 घंटे कम्‍प्‍यूटर पर काम करता हूं। मै पहले कभी हस्‍तमैथुन कर लेता था। क्‍या इसकी वजह से दुबलापन है या कोई और वजह से है। कृपया इसका उपचार बताये जिससे कि मेरा शरीर हष्‍ट पुष्‍ट और मोटा हो जाय। मेरे गाल धसे हुए है। कृपया उस दवा का नाम बताये जिससे मै मोटा हो सकता हू। और वह दवा कब तक लेना और कैसे लेना है। और किस कम्‍पनी का लेना है। कृपया ई-मेल करे सर मै इसके लिए आपका हमेशा आभारी रहुंगा।
धन्‍यवाद
प्रिय परमेश्वर जी, आप निम्न दवाएं नियम पूर्वक तीन माह तक लीजिये और खूब काम करिये कोई परेशानी नहीं होगी साथ ही आपकी चाहत के अनुसार आपके पिचके गाल भी भर जाएंगे और वजन बढ़ कर शरीर सुंदर लगने लगेगा-
१. अश्वगंधा चूर्ण एक ग्राम + विधारा चूर्ण एक ग्राम इस मिश्रण को सुबह शाम शहद के साथ चाट कर ऊपर से अश्वगंधारिष्ट दो चम्मच पी लिया करिये।
२. लशुनादि वटी एक गोली + आरोग्यवर्धिनी वटी एक गोली दिन में दो बार गर्म पानी से लीजिये।
३. लौह भस्म(शतपुटी) १२५ मिग्रा. शहद के साथ दिन में दो बार लीजिये।
औषधियां खाली पेट न लें।

शीघ्रपतन की समस्या से वैवाहिक जीवन बर्बाद है

Sir,
Main ak 26 varshiy vivahit ladka hoon.meri samasya yeh hai ki
1. mere gupt ang mein thik se tanav nahi aata hai aur jo aata hai to kuch hi second mein chala jata hai
2. Maine kai baar sehwas kerne ki koshish ki par har baar 5-7 second mein discharge ho gaya.
3. pesaab mein bhi viry aata hai
4. kuch sochne pe bhi viry nikal jata hai
5. mere ling ka aage ka part bhaut jyada sensitive hai use chhute viry nikal jata hai

Kripya meri madam karan bhaut jyada pareshaan hain meri shaadui bas tootne ko hi hai. kripya koi jald se jald achook upchaar bataye.

Dhanyawad

Aapka ati aabhaari
Ravi
रवि जी, आपकी समस्या भी तमाम अन्य भाइयों जैसी ही है अतः आप परेशान न हों और निम्न उपचार लेना प्रारंभ करें व कम से कम तीन माह तक लें-
१. मकरध्वज वटी एक गोली + महामन्मथ रस एक गोली + पूर्णचंद्र रस एक गोली इन तीनो दवाओं की एक मात्रा बनाएं व इस तरह की तीन खुराक दिन में शहद मिले दूध से लें(खाली पेट न लें)
२. शुद्ध शिलाजीत २५० मिग्रा. दिन में तीन बार दूध से लें।
इस उपचार के दौरान मांसाहार, खटाई युक्त भोजन,मिर्च-मसालेदार पदार्थों का सेवन न करें, शराब या अन्य व्यसन बिलकुल बंद करें।

शराब छुड़ाने के बारे में

Sir, i want the medicine for stopping liquor.
Mere Bhai Ko Sarab Ki Jyadi Hi Lat Lag Gayi Hai. Main Uski Sarab Chudhana Chhahta Hoon. Mujhe Dawai Bhejne Ki Kripa Kare. Dawai Ki Fees Kya Hogi. Ye Bhi Bata De.

Thanks

Amit
अमित जी आपने जैसा बताया कि शराब की आदत भाई को लग चुकी है तो जाहिर है कि दवा उन्हें बिना उनकी जानकारी के ही देना होगा। वैसे यदि आप चाहें तो आयुषवेद के पेज पर दांयी तरफ लगे एक छोटे से सर्च इंजन का उपयोग कर सकते हैं जिस पर लिखा है "खुद तलाशिये", उसमें शराब टाइप करिये और संबंधित काफ़ी उपयोगी जानकारियां आपको मिल जाएंगी यदि कारगर उपाय मिल जाए तो बेहतर है क्योंकि पहले ही आयुषवेद पर शराब छुड़ाने के बारे में बहुत कुछ लिखा जा चुका है। यदि आपको लगे कि आपका कार्य सिद्ध नहीं हो रहा है तो फिर ई-मेल करें आपको अवश्य शराब छुड़ाने की आयुषवेद द्वारा निर्मित औषधि भेज दी जाएगी।

सेक्स सम्बन्धी भ्रम व हस्तमैथुन का दुष्परिणाम

डॉ साहब ,आपको सादर नमस्कार . मैंने आपके बहुत सारे ब्लोग्स पढ़े हैं । वहाँ से प्रेरित होकर मई भी आप को मेल कर रहा हू आशा रखता हू की आप मेरी समस्या का निवारण कर देगे । डॉ साहब मेरी समस्या ये है की मैंने भी बचपन से आब तक हस्त्मथुन किया था . अब मेरी उमर २५ साल है मेरी शादी होने वाली है (करीब 3-4 महीने बाद ). मुझे लगता है की मुझे bhi शीघ्र पतन की समस्या है मेरे वीर्य भी बहुत पतला आता है ।लिंग का भी नही पता की सही से तनाव आता है या नही . ऐसा भी लगता है की मेरे लिंग का साइज़ छोटा है . मुझे कोई उपाय बताइए की मेरा आने वाला विवाहित जीवन सही रहे .मैं आपका बहुत आभारी रहूगा . ऐसा भी हो सकता है की ये सारी मेरी शंका हो .मेरी राय में आप मुझे कोई उपचार बता दीजिये मे वो उपचार कर लुगा शयद मेरा भ्रम दूर हो जाय और वैसे भी आपका उपचार कोई साइड इफेक्ट तो करेगा नही सो आपनाने में कोई हर्ज नही है .
एक बात और डॉ साहब मुझे आपसे दवा भी चाहिए होगी क्योकि मे इंडिया से बाहर रहता हू ।प्लीज मुझे बताइए की वो मे कैसे माँगा सकता हू आपसे? प्लीज उपचार बता दीजिये
आपका आभारी
नाम प्रकाशित न करा जाए
प्रिय भाई, जैसा कि आपने लिखा है कि आप अब उस बुरी आदत से छुटकारा पा चुके हैं और बाकी आपका भ्रम ही है । संयम रखना बड़ी बात है लेकिन खुद ही सोचिये कि आप अपने शरीर के सार तत्त्व को निचोड़ कर नाली में फेंक दें तो ये अक्लमंदी तो हरगिज नहीं है। कुछ दुष्ट किस्म के नीच "सैक्सोलाजिस्ट" बन कर बैठे ठग आप जैसे भोले लोगों को मूर्ख बना कर आपका जीवन ये कह कर बर्बाद कर देते हैं कि इस दुष्कर्म से कोई नुकसान नहीं होता ये तो एक सामान्य सा काम है। आयुषवेद के पाठकों से निवेदन है कि ऐसे धूर्तों की बातों में आकर अपना जीवन चौपट मत करिए क्योंकि आपको हकीकत तो तब पता चलती है जब आप वैवाहिक जीवन में प्रवेश करते हैं और सब कुछ अंधकारमय प्रतीत होता है। आप निम्न औषधियां तीन माह तक लीजिये-
१. मकरध्वज वटी एक गोली + मन्मथ रस एक गोली + त्रिबंग भस्म १२५ मिग्रा. इन औषधियों की एक खुराक बना लें व दिन में इस तरह की तीन खुराक दूध के साथ लीजिए।
२. पुष्पधन्वा रस एक गोली दिन में दो बार शहद से लीजिये।
ध्यान रखें कि कब्जियत न रहे यदि कब्ज हो तो आवश्यकतानुसार त्रिफला चूर्ण ले लिया करें।

कफ जमने से उल्टी बहुत ज़्यादा होती है

आदर्निय श्रीमान ,
मुझे काफ़ी समय से जुकाम और कफ की प्राब्लम रहती हे, पूरे साल व किसी भी मौसम मे मुझे कफ जमा रहता हे जिसके कारण मुझे असिडिटी की भी प्राब्लम हो जाती हे और कुछ भी ख़ाता हूँ तो उल्टी हो जाती हे!अंग्रज़ी इलाज से कोई फाय्दा नही हुआ! कफ जमने से उल्टी बहुत ज़्यादा होती हे और छाती भी जलती हे!बार-बार उल्टी होती हे! साहब कोई अच्छा सा इलाज बताए जिससे की मेरी परेशानी का हमेशा के लिए इलाज हो जाए !
आपके सुझाव का इंतेज़ार रहेगा!
सध्न्यवाद
महेंद्र योगी
जय हिन्द
महेन्द्र जी सादर जय हिन्द, आपकी समस्या को समझा, समस्या पुरानी है किन्तु चिंता न करें निम्न औषधियां लीजिये-
१. कफ़कुठार रस एक-एक गोली दिन में तीन बार पान के पत्ते के रस में शहद मिला कर लीजिये।
२. गिलोय सत्त्व २५० मिग्रा. दिन में दो बार पानी से लीजिये
३. अभ्रक भस्म(शतपुटी) १२५ मिग्रा. दिन में दो बार शहद से लीजिये
४. दोपहर के भोजन के बाद एक गोली आरोग्यवर्धिनी वटी पानी से लीजिये
इस उपचार को चालीस दिनों तक जारी रखिए। एक सप्ताह बाद ही आराम आना शुरू हो जाएगा।

मंगलवार, जून 02, 2009

टूटी हड्डी जुडने में परेशानी हो रही है

My wife, aged 56 years was having left hand paw fracture. After removal of plaster, physiotherapy for 2 months was given. Despite this, she has the following problems:

1. not having any apetite;

2. has become weak;

3. feeling fever like fatigue and pain in the whole body;

4. feeling giddiness at times;

Seek appropriate advice. very very thanks and seek blessings.

akdubey, lucknow.
दुबे जी पहले तो विलंब के लिये माफ़ी चाहता हूं आशा है कि आप अन्यथा न लेंगे। आप अपनी पत्नी को निम्न औषधियां दीजिए।
१. अस्थिसंधान रस एक गोली + आभा गुग्गुलु एक गोली + लाक्षादि गुग्गुलु एक गोली; इन तीनों शास्त्रोक्त औषधियों की एक खुराक बनाएं व दिन में तीन बार आधा कप सुधाजल( चूना भिगोने के बाद शांत होने के बाद ऊपर का जल निथार लीजिये यही सुधाजल है) से दीजिए।
यकीन मानिये कि आपने जितने लक्षण लिखे हैं जादू की तरह मात्र एक सप्ताह में गायब हो जाएंगे किंतु दवा चालीस दिन तक जारी रखिए।

सोमवार, जून 01, 2009

यूरिन में स्पर्म आ रहा है

सर, बाथरूम करता टाइम यूरिन में स्पर्म आ रहा है जी और सेक्स करता टाइम जल्द डिस्चार्ज हो जाता हैं प्लीज हेल्प करिये, मेरी उम्र ३४ साल है (सर मेरी प्रॉब्लम लास्ट 3 साल से चल रही है ) प्लीज जल्दी मदद करें

regards

रणजीत सिंह

रणजीत जी आपने जो समस्या बतायी उसके लिये आप निम्न दवाएं

मकरध्वज वटी एक गोली + कुक्कुटाण्डत्वक भस्म एक रत्ती + शुक्रमात्रिका वटी एक गोली दिन में दो बार सुबह-शाम अश्वगंधारिष्ट दो चम्मच के साथ लीजिए

बंग भस्म एक रत्ती शहद के साथ सुबह शाम लीजिये।

इस औषधि व्यवस्था को आप कम से कम चालीस दिन तक लें। कब्जियत न रहने दें इसके लिये जरूरत होने पर त्रिफला चूर्ण ले लिया करें।

गुरुवार, मई 28, 2009

नाक में धुल या धुआं या कोई सुगन्धित महक , या ऐ.सी में बैठता हूँ तो मेरा सांस फूलने लगती है

मेरा नाम श्याम है, उम्र २४ साल है मैं पटना, बिहार का रहने वाला हूँ | आपके बारें में मुझे इन्टरनेट से पता चला है की आप लोग बिमारियों के बारे में सलाह देतें है | कृपया मुझे मेरी बीमारी के बारें में बतायें की मुझे क्या उपचार करना चाहिए, जिससे में हमेसा के लिए मुक्त हो जाऊं | मुझे पता नहीं चल रहा है की मुझे ऐसा क्यों होता है , जब भी मेरे नाक में धुल या धुआं या कोई सुगन्धित महक , या ऐ.सी में बैठता हूँ तो मेरा सांस फूलने लगती है और साँसों से घर घर की आवाज़ आने लगती है, ज्यादा काम करने से भी मेरी सांस फूलने लगती है सीधी पर चड़ने से भी मेरी सांस फूलने लगती है | या मुझे ठण्ड लगती है या जब मौसम में बदलाब आता है तब | ऐसा में ४ -५ साल से झेल रहा हूँ | मैं बहुत दावा खाया है पर कोई फायदा नहीं हुआ है और मेरा पेट भी फूलने पचकने लगता है | चिकित्सक कहतें हैं की दम्मा है, कोई कहता है की आपको अलेर्जी है पर कोई भी ठीक से मुझे नहीं बता पा रहा है की मुझे कौन सी बीमारी है | कृपया इस बीमारी का कोई इलाज जल्द से जल्द बताएं, में बहुत परेसान रहता हूँ |
धन्यवाद
Shyam
श्याम जी आपकी समस्या को देखने पर पता चलता है कि आपकी समस्या कफ के विकार से संबंधित है। आप निम्न उपचार लीजिए
१. सोम(एफ़िड्रा) चूर्ण एक ग्राम + सितोपलादि चूर्ण एक ग्राम + रस सिंदूर १०० मिग्रा.+ श्वास कुठार रस १२५ मिग्रा. + श्रंग भस्म २५० मिग्रा + चंद्राम्रत रस १२५ मिग्रा. इन सबको मिला कर एक मात्रा बनाएं तथा इस की तीन खुराक दिन में अदरख + शहद के साथ लीजिए।
२. समीर पन्नग रस १२५ मिग्रा + मल्ल सिंदूर ६५ मिग्रा + त्रिभुवन कीर्ति रस १२५ मिग्रा की एक खुराक करें व इस तरह दिन में तीन खुराक गर्म जल से लीजिये।
इस उपचार को कम से कम तीन माह तक लीजिये व बासी भोजन और कफ उत्पन्न करने वाले आहार-विहार से परहेज रखें।

शनिवार, मई 16, 2009

सेक्स समस्या का समाधान बताइये

Hello
sir main saudi arabia main job karta hoon meri problem sex se related hai .sir maine do baar sex kiya hai dono bar main 4 sec ke andar discharge ho jata hoon aur mera ling sahi tarike se erect to hoota hai par bahoot jaldi loose ho jata hai main kabhi bhi koi blue flim dekhta hoon to mera vireay niklne lagta hai zara si baat sochne par bhi mere pet main kabz bhi rahta hai aur mujhe peshab main do dhaare aati hai aap koi achchi si advice bataye aur mujhe medicine dey . main pehle hath se bhi karta tha lekin ab chhod diya hai main aap ke mail ka intezaar karoonga . kya aap yahan saudi arab send kar sakte hai medicine ko aap mujhe bata dena meri age 27 hai ok thnk you
nadeem khan, saudi arab
नदीम खान जी, सबसे पहली बात जो मैं आपको बताना चाहता हूं कि यदि आप शादीशुदा नहीं है तो आप अश्लील फिल्म आदि देख कर और यहां-वहां शारीरिक संबंध बना कर अपने पैरों पर न सिर्फ़ कुल्हाड़ी मार रहे हैं बल्कि परिवार और समाज के साथ भी गलत कर रहे हैं। मैं चिकित्सक हूं आपको उपदेश देना मेरा कार्य नहीं है लेकिन मजबूरी है कि आपकी समस्या का सीधा संबंध इन बातों से है। आप निम्न औषधियां लीजिये-
१. त्रिबंग भस्म १२५ मिग्रा. + कपूर १२५ मिग्रा.+ मिश्री(खड़ी शक्कर) एक ग्राम+ धनिया पाउडर( जो सब्जी आदि में डाला जाता है) एक ग्राम + गिलोय सत्व २५० मिग्रा; इन सबको मजबूत हाथों से घोंट कर एकजान कर लीजिए व ठंडे मीठे दूध के साथ दिन में दो बार लीजिये।
२. गंधर्व हरीतकी एक चम्मच रात को सोते समय एक कप गर्म पानी में घोल कर पी लीजिये।
३. स्वर्ण बंगेश्वर रस १२५ मिग्रा. दिन में दो बार मलाई के साथ लीजिये
इस उपचार को आप लगातार दो माह तक लीजिये और मेहरबानी करके ऊटपटांग हरकतों से बचिए वरना आप नादानी में अपना जीवन बर्बाद कर लेंगे, आयुषवेद परिवार की तरफ से अनेक देशों में आदेश पर औषधियां भेजी जाती हैं।

मै बहुत ही दुबला व कमजोर हूँ

नमस्कार महोदय
उम्र २९ वर्ष
वजन ४३ केजी कद १६५सेमि ५'५'' दुबला शरीर, अविवाहित, अध्यनरत
महोदय मै बहुत हि दुबला व कमजोर हू. कृपया मोटा होने का उपाय बताये| मुझे बचपन से ही जुखाम की समस्या रही है / अलोपैथी के डाक्टर ने साइनस बताया था नाक की सफाई भी की, काफी दवा भी खाई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ /आज कल होम्योपैथी दवा खा रहा हूँ/फिर भी समस्या खत्म नही हो रही है / शायद हड्डी टेढी है. मै कवि हु /मंच पर कविता गान में काफी दिक्कत होती है पढने लिखने में भी मन नही लगता है / सिर भारी सा रहता है कफ बहुत निकलता /क्रपया स्थाई समाधान बताये .
With Kind Regards,
बृजेन्द्र शरण श्रीवास्तव 'उत्कर्ष'
बृजेन्द्र जी, आपकी पहली समस्या का हल तो आयुषवेद पर सुझाया जा चुका है। वजन के बारे में आप निम्न औषधि एक माह तक लीजिये फिर पंद्रह दिन बंद करके पुनः एक माह लीजिये इस प्रकार तीन चरणों में औषधि सेवन करें-
१. कासीस भस्म १ ग्राम + सुदर्शन चूर्ण १६ ग्राम , इस अनुपात में मिश्रण बना लीजिये तथा दो ग्राम मात्रा को प्रातः-सायं जल से सेवन करें फिर भोजन के बाद सितोपलादि चूर्ण दो-दो ग्राम की तीन मात्राएं दस-दस मिनट के अंतर पर फांकिए लेकिन कम से कम इसके बाद आधा से पौना घंटा पानी न पिएं
आप विश्वास करें कि इस उपचार व्यवस्था से सूखी लकड़ी की तरह दिखने वाले लोग भी हरे-भरे दिखाई देने लगे हैं तो आप भी अपनाइये और आयुर्वेद के गुण गाइये।

पिताजी को डायबिटीज़ और दमा साथ-साथ सता रहा है

Dr. Sahab
Mere pita ji ki umra 58 saal hai jo ki 2007 se diabetes (sugar high) ke marij hai diabetes ke bad inko dama ki bhi shikayat ho gai, ab inko swans lene me pareshani aati hai swans jaldi jaldi lete hain aur 2007-08 main inko 4-5 bar dama attack bhi aaya, lekin es dauran inhone dhumrapan nahin chora. (sir ke taraf bethane se inko aaram milta hai)
(Allopathic ilaaj se kuch fayada hua (ilaaj 2007 se karvaya) lekin ilaj band kar dene se fhir se vahin samaya aa jati hai) kripya uchit ayurvedik ilaaj batayen.
apki badi kripa hogi
Ranjeet kumar (25)
Lakhimpur Kheri (U.P.)
रंजीत जी, आपके पिताजी की दोनो समस्याएं अलग-अलग नहीं हैं बल्कि दोनों के पैदा होने का बुनियादी कारण एक ही विकार रहा होगा जो कि अब आपको दो अलग स्वतंत्र रोगों के रूप में दिखाई दे रहा है। आप उन्हें निम्न औषधियां दीजिये-
१. शुद्ध शिलाजीत २५० मिग्रा. सुबह-शाम दिन में दो बार मलाई निकाले हुए दूध के साथ दीजिये
२. नीलम पिष्टी ६५ मिग्रा. सुबह शाम दिन में दो बार शहद के साथ चटाइये।
इस उपचार को उन्हें कम से कम तीन माह तक अवश्य दें

३-४ वर्षों से कमर दर्द से पीड़ित हूँ

आदरणीय डाक्टर साहब,मैं पिछले ३-४ वर्षों से कमर दर्द से पीड़ित हूँ। रात को शरीर पत्थर की तरह कठोर हो जाता है,करवट भी बदली नहीं जाती पीठ गर्म भी रहती है, नीचे पालथी लगा कर नहीं बैठ पाता। उम्र-३५ वर्ष,वज़न-८० किलो है।
रजनीश परिहार,बीकानेर..[राजस्थान]
प्रिय रजनीश जी,आपकी समस्या देख कर सीधे ही औषधि बताने से पूर्व बताना चाहता हूं कि इस तरह की समस्याएं बताते समय यदि मरीज अपना पेशा और दिनचर्या आदि बता दे तो निदान में आसानी होती है आपकी बीमारी को आयुर्वेद में कटिग्रह कहते हैं। लीजिये समाधान प्रस्तुत है-
१. महायोगराज गुग्गुल दो गोली दिन में तीन बार दो चम्मच महारास्नादि क्वाथ से लीजिये
२. दशमूलारिष्ट चार चम्मच दिन में दो बार भोजन के पहले लीजिए
३. लशुनादि वटी एक गोली+ चित्रकादि वटी एक गोली+ हिंग्वादि वटी एक गोली दिन में दो बार भोजन से आधा घंटा पहले लीजिये
४. सैंधवादि तैल + महानारायण तैल की दिन में दो बार मालिश करें व सिंकाई करें
५. व्रहद छागलाद्य घी एक एक चम्मच दिन में दो बार चाटें(यदि ये दवा बाजार में न मिले तो किसी स्थानीय वैद्य से बनवा लें आयुषवेद परिवार इस औषधि को नहीं बनाता है क्योंकि इस औषधि में बकरी का मांस डाला जाता है यदि आप शाकाहारी हों तो इस दवा को न लें)
इस औषदि के स्थान पर आप निम्न योग भी ले सकते हैं: - लहसुन का रस+ अदरख का रस+ गोमूत्र अर्क+ शहद चारों बराबर मात्रा में लेकर कांच की बोतल में भरकर कस कर ढक्कन लगा दें व सात दिन धूप में रखें उसके बाद दो - दो चम्मच दवा बराबर पानी से लीजिये और रात में सोते समय दो चम्मच एरण्ड पाक गर्म दूध से लीजिये।
इस उपचार का सेवन तीन माह तक करिये।

सोमवार, मई 11, 2009

जड़ी-बूटी,एलोपैथी,आयुर्वेदिक,एक्युपंचर सभी किए गए,दोनो पैरोँ मेँ भयंकर दर्द रहता है


सर नमस्कार।मेरी मम्मी की उम्र लगभग 38 साल है।उन्हेँ लगभग 3 साल से दोनो पैरोँ मेँ भयंकर दर्द रहता है,दर्द ऐँड़ी से शुरु होता है फिर सूजन आ जाता है जो पूरे शरीर मेँहो जाता है।नसेँ मुड़ी हुई लगती है।जिस वजह से न चल पाती हैँ न ही उठ पाती हैँ।फिर बुखार आ जाता है।पैरोँ के उँगलियोँ मेँ तथा जोड़ोँ मेँ कोई गाँठ नही है।दर्द के वजह से सूजन जरुर हो जाता है।अभी साल भर से साथ मेँ अगर चलती हैँ तो कमर से कट-कट की आवाज आती है।इलाज मेँ हर प्रकार से जड़ी-बूटी,एलोपैथी,आयुर्वेदिक,एक्युपंचर सभी किए गए हैँ,कोई कहते हैँ गठिया हैँ कोई आर्थराइटिस कोई वात हैँ।समझ मेँ नहीँ आता है क्या है।हम लोग हार चुके हैँ ,क्या मम्मीजी कभी पूरी तरह से ठीक हो पाएंगी ?दवाई मेँ Nimesulide या Diclofenac sodium दिन मेँ 3 बार देना पड़ता है साथ मेँ इंजेक्शन भी। 3 सालोँ से लीवर और किडनी का क्या हाल हुआ होगा ?हम सभी इस बीमारी से अपना आपा खो चुके हैँ क्या करेँ?इस बीमारी की शुरुवात कैसे हुई ये बताना चाहुँगा, बरसात के दिनोँ मेँ खेती सम्भालना पड़ता है मम्मीजी खेत के पानी मेँ 5-6 घंटे तक रही थी।शाम से पैर के पंजो व ऐड़ी मेँ दर्द हुआ फिर सूजन और अभी ये गंभीर स्थिति है।मैँ स्वंय ऐलोपैथी का युवा डाँक्टर हुँ और इस बीमारी से हार चुका हुँ।क्या मम्मीजी पूरी तरह से पहले जैसी ठीक हो जाएँगी ? इसका ईलाज जरुर बताएँ डाँक्टर साहब मैँ आपका जिँदगी भर आभारी रहूँगा।
डाँ॰वीरेँद्र पालके(पी॰एम॰एच॰एम॰)
कवर्धा (छत्तीसगढ़)
प्रिय डा.वीरेन्द्र जी, हिम्मत हार कर बैठ जाने से समस्याएं हल नहीं होती हैं एक चिकित्सक को आखिरी दम तक प्रयत्नशील रहना चाहिये। आपकी माता जी के विषय में आपने जैसा लिखा है कि तमाम उपचार लिये जा चुके हैं, ये लक्षण शत-प्रतिशत वात संबंधी विकार के ही हैं किन्तु कोई लाभ नहीं हुआ तो इसका सीधा सा अर्थ है कि आपको सही चिकित्सक नहीं मिले या सही और शुद्ध औषधियां नहीं मिली होंगी; जरा विश्वास रख कर इस उपचार को दीजिए-
१. शुन्ठी गुग्गुल एक गोली + योगराज गुग्गुल एक गोली + महायोगराज गुग्गुल एक गोली दिन में तीन बार गर्म जल से दीजिये।
२. वैश्वारनर चूर्ण तीन ग्राम रात में एक बार गर्म दूध के साथ दीजिए
३. अश्वगंधा चूर्ण तीन ग्राम दिन में दो बार जल से दीजिये।
४. समीरपन्नग रस एक एक गोली दिन में दो बार शहद से दीजिये।
५. रास्नासप्तक क्वाथ तीस मिली. दिन में दो बार दीजिये।
६. बलातेल+ एरण्ड तेल मिला कर इससे सप्ताह में एक बार एनिमा दीजिए।
इस उपचार को तीन माह तक दीजिये और ध्यान रहे कि कब्जियत न होने पाए वैसे तो औषधि व्यवस्था ऐसी है कि ऐसा नहीं होगा किन्तु कई बार रोगी क्रूरकोष्ठी होने पर ऐसा पाया गया है। बासी भोजन से परहेज करें।

बालों की समस्या


Respected Doctor,
My name ajay tomar , I have problem related to my hair ,I have itching problem in my head, dandruff is there but if my head is clear then also i have itching on my head ..i have seen many doctors then told it's fungal infection.and if i rub that place where itching my 3-4 hair comes out.I have loosed so many hairs because of it I am not bald but i will in coming time if this problem will persist ,Hope u can help .If any medicine or else there please send me detail and cost , i m ready to pay.

Thanks & Regards

Ajay Tomer

अजय जी आपकी समस्या के बारे में मुझे नहीं पता कि आपने जिन चिकित्सकों को दिखाया और उन्होंने क्या समझा होगा। आयुर्वेद के अनुसार मैं आपको उपचार बता रहा हूं उसे प्रयोग करें आपकी समस्या हल हो जाएगी-
१. कलौंजी का तेल १०० मिली + रोगन बैजा़-ए-मुर्ग़ १०० मिली(ये आपको यूनानी औषधियों की दुकान पर आसानी से मिल जाएगा) + कपूर २० ग्राम + मेन्थाल(पिपरमिन्ट) २० ग्राम इन्हें मिला कर ढक्कन कस कर रख दें। दो दिन में कपूर आदि सब घुल कर एक हो जाएंगे। इस तेल को दिन में सुविधानुसार दो तीन बार बालों की जड़ों में लगाइये।
२. आमलकी रसायन १ ग्राम + भ्रंगराज घनसत्त्व १ ग्राम + स्वर्णमाक्षिक भस्म २५० मिग्रा मिला कर दिन में तीन बार दो चम्मच शहद कें मिला कर चाटें।
३. कब्जियत न रहे इसके लिये देह के अनुसार त्रिफ़ला चूर्ण रात में सोते समय गर्म जल से एक चम्मच ले लिया करें
तेल मसालेदार भोजन से परहेज करिये। इस उपचार को तीन माह तक लगातार लीजिए। आप पहले ही सप्ताह में आश्चर्य करने लगेंगे।

आस्टियोआर्थराइटिस की समस्या से माता जी परेशान हैं


My 76 years old mother is having terrible pain in her one knee --- and also sometime back she was having pain in her lower back. Now, it no longer troubles her. But she is very much disturbed due to her left knee pain. Today, x-rays were done for the left knee and LS spine in AP and lateral view and were shown to a orthopaedic surgeon.
He has advised to get blood sugar and uric acid tested and further advised to get the knee xrays done in standing position.
In the meantime he has advised to take some painkillers.
Dear Doctor, she is in pain so she has been taking the pain-killers too frequently. The doctor has provisionally told that she is having all this due to osteoarthritis.
I am afraid that too much pain-killers may be harmful to her. So, I am approaching you for your expert advice about management of this painful condition as per your ayurvedic advice. Could you please suggest some ayurvedic medicines or some medicines for local application over the painful knee so that she gets some relief. Dr Rupesh, we have a Patanjali Dispensary in our city , so getting any ayurvedic medicine wont be a problem.
i am eagerly waiting for your reply.
I shall be very thankful to you,
Dr parveen chopra
आदरणीय डा.चोपड़ा जी
माता जी की समस्या के बारे में जिन लक्षणों का आपने उल्लेख करते हुए बताया है कि आधुनिक निदान के अनुसार यह आस्टियोआर्थराइटिस है। माताजी का वजन व देहयष्टि के विषय में आपने बताया है कि वे भारी शरीर की हैं। अब इन लक्षणों के आधार पर इस नतीजे पर हूं कि स्पष्टतः ये समस्या आमवात से उपजी है। विस्तार में न जा कर सीधे उपचार पर आता हूं। सर्वप्रथम यदि आप स्वयं संभव हो तो माताजी को एरण्ड के तेल से जुलाब देकर उनका पेट साफ़ कर लें तत्पश्चात निम्न औषधियां दें-
१. वातगजांकुश रस ५० मिग्रा + समीरपन्नग रस ५० मिग्रा + महायोगराज गुग्गुल १०० मिग्रा + विषतिंदुक वटी १०० मिग्रा + त्रिकुट चूर्ण ७५ मिग्रा + पीपरामूल २५ मिग्रा + अजमोदादि चूर्ण २०० मिग्रा ; इन सभी को एक साथ मजबूत हाथों से खरल करके इस अनुपात में एक मात्रा बनाएं व 00 साइज के खाली कैप्सूल में भर कर या कैप्सूल न होने पर सीधे ही ३०० मिग्रा की एक मात्रा बना कर सुबह-शाम दशमूल क्वाथ के दो चम्मच के साथ निगलवाएं
२. महायोगराज गुग्गुल ५०० मिग्रा + महारास्नादि क्वाथ घन ५०० मिग्रा + अश्वगंधा चूर्ण १०० मिग्रा + नागरमोथा १०० मिग्रा + बच्छनाग १०० मिग्रा + विषतिंदुक वटी १०० मिग्रा + शुद्ध हिंगुल ५० मिग्रा + नागभस्म ५० मिग्रा + स्वर्णमाक्षिक भस्म ५० मिग्रा; इन सबको निर्गुन्डी के पत्तों के रस के साथ अथवा महारास्नादि क्वाथ के साथ घोंट कर २०० मिग्रा की गोलियां बनाकर छाया में सुखा लें। ये एक-एक गोली सुबह दोपहर शाम गर्म पानी से दें।
३. सिंहनाद गुग्गुल दो गोली रास्ना सप्तक क्वाथ + एरण्ड तेल के दो चम्मच के साथ दीजिये।
४. बलारिष्ट + अश्वगंधारिष्ट + पुनर्नवारिष्ट मिला कर तीस मिली. दिन में तीन बार दीजिये।
५. तारपीन का तेल ५०० मिली + 555 या 777 अथवा बंदर छाप किस्म के हल्के कास्टिक वाले कपड़े धोने का साबुन एक १०० ग्राम की बट्टी + एक लीटर गर्म पानी; साबुन को कतर कर छोटे टुकड़े कर लें व गर्म जल में घोल लीजिये तथा ऊपर से उसमें तारपीन का तेल मिला कर कस कर हिला लीजिये। इसे प्रभावित अंग पर मालिश के लिये दिन में दो बार प्रयोग करें व उस पर मालिश के बाद कपड़ा लपेट दें।
मैं इन पांच अत्यंत प्रभावशाली औषधि योगों का अनेक वर्षों से अपने चिकित्साभ्यास में प्रयोग करता आ रहा हूं और हजारों रोगियों में से कोई भी कभी निराश नहीं हुआ, यदा-कदा प्रभाव आने में रोगी के अनुसार समय लगा किंतु सभी लाभान्वित हुए। आप भी अवश्य लाभ उठाइये। आहार में वातवर्धक भोजन से परहेज रखें, बासी भोजन से बचें। इस उपचार को न्यूनतम चालीस दिन तक दीजिये।

मंगलवार, मई 05, 2009

गठिया की समस्या है


आदरणीय डा।साहब मेरे पिताजी को गठिया की समस्या है और उनके पैसे सुन्न से महसूस होते संक्षेप में करके उपचार बताइये
राजेश प्रजापति
प्रिय राजेश ,आपके पिताजी की समस्या के विषय में गहराई से समझा; विस्तार में न जा कर सीधे औषधि व्यवस्था बताता हूं। आप उन्हें निम्न दवाएं दीजिए-
१. आमवातारि रस एक गोली + हिंगुलेश्वर रस एक गोली + रास्नादि गुग्गुलु एक गोली गर्म पानी से दिन में तीन बार दीजिये।
२. गंधर्व हरीतकी अथवा पंचसकार चूर्ण एक चम्मच रात में सोते समय एक कप गर्म जल में घोल कर दीजिये।
३. ब्रांडी शराब सौ मिलीलीटर + कपूर २० ग्राम + पिपरमिंट(मेन्थाल) २० ग्राम साथ में मिला कर कसे हुए ढक्कन की बोतल में रख लीजिये तथा पीड़ित अंग पर दिन में तीन बार हल्के हाथ से मालिश करिये।
४. शिलाजीत एक रत्ती दिन में दो बार सुबह शाम गुनगुने दूध से दीजिए।
औषधियां खाली पेट न दें। बासी व वातकारक भोजन से परहेज करें। इस उपचार को लगातार दो माह तक लें असर तो दो-तीन दिन में ही दिखने लगेगा।

शुक्रवार, मई 01, 2009

टूटी हड्डी जुड़ने में परेशानी है

यह है हड़जोड़ नामक वनस्पति का चित्र जिसमें आप देख सकते है कि इसमें पत्ते आदि नहीं रहते
My wife, aged 56 years was having left hand paw fracture. After removal of plaster, physiotherapy for 2 months was given. Despite this, she has the following problems: 1. not having any apetite; 2. has become weak; 3. feeling fever like fatigue and pain in the whole body; 4. feeling giddiness at times; Seek appropriate advice. very very thanks and seek blessings
akdubey, lucknow दुबे जी, आपकी पत्नी की समस्या के बारे में आपने जो लिखा है उससे साफ़ पता चल रहा है कि जो भी लक्षण दिख रहे हैं वे एण्टीबायोटिक दवाओं के आफ़्टर इफ़ेक्ट्स हैं। ये तो हमेशा ही होता है। आप अपनी पत्नी को निम्न उपचार दीजिये और यकीन मानिये कि उनकी हड्डी जुड़ने में समय न लगेगा। आयुर्वेद में इस तरह की पचासों औषधियां है जो कि अस्थि संधान यानि कि हड्डियां जोड़ने की प्रक्रिया को तेज करने और उसे सही करने के लिये दी जाती हैं ऐलोपैथी की मजबूरी है कि ऐसी कोई दवा उनके पास नहीं है और न ही कोई स्पष्ट उपचार। १. लाक्षादि गुग्गुलु एक गोली + आभा गुग्गुलु एक गोली दिन में तीन बार सुबह-दोपहर-शाम दो-दो चम्मच सुधा जल से दीजिये। सुधा जल बनाने का तरीका एकदम सरल है। १०० ग्राम अनबुझा चूना लाकर किसी मिट्टी के बर्तन में दो लीटर पानी में डाल कर रख दें चूना उबलने लगेगा और कुछ देर में शांत हो जाएगा। दूसरे दिन ऊपर के साफ़ पानी को निथार लीजिये नीचे का जमा हुआ चूना किसी दूसरे काम में ले लीजिये, यही निथारा हुआ साफ़ पानी सुधा जल है। २. हड़जोड़(जिसे अस्थिश्रंगार भी कहते हैं यह एक बेल होती है जो कि ऐसा लगता है कि उंगलियों से जुड़-जुड़ कर बनी हो) को सुखा कर बारीक चूर्ण करके छान लीजिये और इस चूर्ण में से दो चुटकी लेकर एक मुनक्के में भर दीजिये और पानी से निगलवा दीजिये। यह दिन में दो बार दीजिये ध्यान रहे कि चूर्ण मुंह में न लगने पाए इसी लिये मुनक्के में भर कर दिया जाता है अन्यथा मुंह में हल्की सी चुनचुनाहट का अनुभव होने लगता है और किसी किसी नाजुक मरीज को छाले हो जाते हैं। बस पंद्रह दिन का उपचार ही चमत्कार दिखा देगा और आप आयुर्वेद की प्रशंसा करते नहीं थकेंगे। सारी समस्याएं इन दवाओं से ही हल हो जाएंगी।

स्वप्नदोष में बाबा रामदेव की दवाओं से परेशानी ज्यादा हो गयी है


आदरणीय सरपिछ्ले 6-7 महीनो से हर 2-3 दिन बाद स्वप्न दोश हो जाता है जिस कारण बहुत कमजोर हो गया हूँबहुत डॉक्टर से दवाई लेने के बावजुद कोई आराम नही हुआ.पेट अच्छी तरह साफ़ नहीं हो पाता. में निम्न दवा सेवन कर चूका हु .चंद्रप्रभावती २.५ महीने तक सेवन की हैविर्यशोदन वती १ महिना तकगुलकंद १ महीने तकHomepatich medicine:-tuja-q for 3 weeksप्रवाल पिसती २० दिन तकDIVYA GOKSHURAYADI GUGUL VATIDIVYA USHIRASAVBANG BASAM(10G) MAKARDWAJ(2GM) SAGHESTAV PISTI(10 GM) RAJAT BHASAM(2GM) MUKTASUKTI BHASAM(10G) SWARMAKSHIK BHASAM 5GM MOTIPISTI(2GM) 30 DIN TAK WITH HONEY.इन medincine लेने के बाद नया ही रोग हो गया है . बाथरूम करने के बाद चिपचिपा पानी की तरह काफी तीखी गंद द्रव रिसता रहता है .इन वजहों से में तनावग्रस्त रहता हुमन में काफी निराशा उतपन हो गई है. मेंने सारे बुरे काम और चिंतन छोड़ दिए है. Pls कोई असरकारक दवा है जो में इन दवाऔ के साथ लें सखु. में आपके उतर के बडी उत्सुकता से प्रतिकशा कर रहा हूँ

preet.
प्रिय प्रीत व अनेक भाई जो कि "दिव्य" औषधियों को लेकर ज्यादा ही परेशानी में आ गए हैं। आप लोगों का कोई दोष नहीं है दोष उस व्यक्ति का है जो कि साधु के भेष में एक व्यापारी है जो कि आपकी भावनाओं का दोहन करके आपको ठग रहा है,आप जानते हैं कि मैं बाबा रामदेव की बात कर रहा हूं। उनके नाम से चलने वाले चिकित्सा केन्द्रों में बैठे BAMS डाक्टर आयुर्वेद की मिट्टी पलीद कर रहे हैं और बिक्री में से कमीशन खा रहे हैं शायद। आपकी बीमारी के विषय में आपने जितना बताया उतना काफ़ी है मैं सीधे आपका उपचार बताता हूं-
१. त्रिबंग भस्म १० ग्राम + छोटी इलायची के दाने १० ग्राम + वंशलोचन १० ग्राम + धनिया पाउडर २० ग्राम + कपूर ५ ग्राम + आंवला चूर्ण १० ग्राम + शिलाजीत ५ ग्राम + फिटकरी(शुभ्रा) भस्म १० ग्राम + मिश्री या खांड ११० ग्राम मिला कर इन सबको मिलाएं व कस कर मजबूत हाथों से घोंट लीजिये। इस पूरे १८० ग्राम मिश्रण की एक-एक ग्राम की बराबर पुडिया बना लें। एक-एक पुड़िया पानी के साथ दिन में तीन बार लीजिये।
२. चंद्रप्रभा वटी १ गोली + गिलोय सत्व २५० मिलीग्राम इनकी एक खुराक बनाएं दिन में दो बार इसे अम्रतारिष्ट के एक चम्मच+एक चम्मच पानी के साथ लीजिये।
३. त्रिफला गुग्गुलु दो-दो गोली दिन में दो बार गर्म जल से सुबह शाम लीजिये।
इस उपचार को लगातार दो माह तक लीजिये, मन को स्वस्थ मनोरंजन व रचनात्मक कार्यों में लगाएं। शारीरिक व्यायाम करिये। बाजारू जंकफ़ूड से परहेज रखिए। यकीन मानिये कि एक सप्ताह में ही आपकी सारी समस्याएं गायब होने लगेंगी फिर इसके बाद एक माह तक मकरध्वज बटी का सेवन कर लीजिये। सारी ताकत और स्फूर्ति वापस आ जाएगी।