मंगलवार, सितंबर 01, 2009

गैस,धड़कन, पसीना, थकान, टेन्शन, शारीरिक व मानसिक कमजोरी,, शारीरिक व मानसिक कमजोरी,

श्रीमान जी, नमस्कार, में 48 साल का हूँ, वैसे सामान्यतया स्वस्थ हूँ, परंतु कुछ समय (3\4 साल) से कुछ भी खाने से गैसबनती हे, सिर में अंदर धमक म्ह्सुस होती हे, पसीना ज्यादा आता हे, "" गर्मी बहुत ज्यादा लगती हे, दिल कि धड़कन मह्सुस होती हे,सारे दिन थकान रहती हे, शारीरिक व मानसिक कमजोरी, एलर्जिक जुखअम (20 सालों से) , नींद सपनों भरी सुबह नींद के बाद भी थकान पिंडलीयों में दर्द, खाने के बाद थकान नींद , याद क्म होना, गुस्सा ज्यादा, थोड़ा भी काम करने से सारे शरीर बहुत पसीना व थोड़े टेन्शन से भी बहुत पसीना, बी। पी. , शुगर नार्मल हे, डा. के अनुसार यह " शारीरिक व मानसिक कमजोरी," हे कोई उपाय बताये? गर्म दवा न दे, काम धंदे के कारण पहरेज नही हो सकता हे,
विष्णु
प्रिय विष्णु जी
नमस्कार
आपने अपनी समस्या के जिन लक्षणों को बताया है उससे बिलकुल स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि ये मात्र पित्त विकार है जो कि जीर्ण हो जाने के कारण आपको अधिक कष्ट दे रहा है।। आपने कहा कि काम धंधे के कारण परहेज संभव नहीं है तो ये बात विचित्र है कि आप अपने काम को शरीर से अधिक महत्त्व दे रहे हैं। जब शरीर स्वस्थ नहीं रहेगा तो काम क्या मन और आत्मा से कर सकते हैं इस लिये भाई हम तो मानते हैं कि पहले शरीर स्वस्थ रखिए वरना मेहनत करके कमाया हुआ पैसा बीमारी के इलाज में चला जाता है। आप तेज-मिर्चमसाले दार खाना न खाएं, बासी भोजन न करें, शराब तम्बाकू आदि के सेवन से बचें, चाय काफ़ी आदि भी आपको नुकसान अक्रेंगे, बाजारू ठंडे पेय न लें ये आपके लिये विष समान हैं। आप निम्न औषधियां लीजिये-
१. गिलोय सत्व ५०० मिग्रा + प्रवाल पिष्टी १२५ मिग्रा + एक चम्मच गुलकंद दिन में दो बार लीजिये।
२. अश्वगंधारिष्ट दो दो चम्मच दिन में दो बार भोजन के आद बराबर पानी मिला कर लीजिये।
इस उपचार को चालीस दिन तक न्यूनतम लीजिये।

1 आप लोग बोले:

sachin ने कहा…

Sir,
I respect you , ki aap mujhe koi acchi see dva batayea
mujhey sfade daag ho gaya hai jo din ba din failta ja rha hai