बुधवार, मार्च 05, 2008

समस्या बड़ी विचित्र सी है जैसे ही मासिक पाली आने का समय होता है.........

डाक्टर साहब मेरी बेटी की उम्र अठारह साल है । उसकी समस्या बड़ी विचित्र सी है उसे जैसे ही मासिक पाली आने का समय होता है वह चार-पांच दिन पहले से ही एकदम अस्वस्थ सी हो जाती है ,अन्यमनस्क सी और उदास रहने लगती है । सिर में दर्द रहने लगता है ,नींद आना बंद हो जाती है ,कब्जियत रहने लगती है,डरी हुई सी रहने लगती है,कभी-कभी अतिसार भी होने लगते हैं,लगभग दो किलो तक वजन भी बढ़ जाता है,पैरों में सूजन आ जाती है,स्तनों में सूजन और पीड़ा रहने लगती है ,सबसे बुरी बात तो यह है कि कभी-कभी तो आक्षेप सा आता है और मूर्च्छित तक हो जाती है । तमाम जगह दिखा लिया पर कोई आराम नहीं है समझ नहीं आता कि क्या करूं ? मेहरबानी करके कारगर आयुर्वेदिक उपचार बताइये ।
संगीता सूर्यवंशी,ठाणे
बहन आप बिलकुल परेशान न हों । आयुर्वेद के अनुसार इसे हम ऋतुपूर्वग्लानि (PREMENSTRUAL MALAISE) कहते हैं । सत्य तो यह है कि आपको आज तक कोई सही उपचारक ही नहीं मिला है अन्यथा यह कोई जटिल समस्या तो नहीं है । बच्ची को निम्न उपचार दें---
१ . सुबह-दोपहर-शाम को एक-एक गोली आरोग्यवर्धिनी बटी जल के साथ दीजिये ,बस ध्यान रहे कि खाली पेट दवा न दें ।
२. शुद्ध नौसादर(मराठी में इसे नवसागर कहते हैं ,यह अमोनियम क्लोराइड नामक रसायन है ओ कि साधारणतः तमाम घरेलू कामों में आता है और सरलता से आपको पंसारी के पास से मिल जाएगा) दिन में दो बार आधा-आधा ग्राम गर्म जल से दीजिए ।
मात्र दो माह का इन दवाओं का प्रयोग आपकी बिटिया को फिर से प्रफुल्लित करने में सहयोगी होगा । बच्ची को प्रसन्न रखें ।

1 आप लोग बोले:

panditji ने कहा…

डॉक्टर साहब, मेरे पेट के दाहिने हिस्से में ठीक बीचोंबीच में हमेशा दर्द रहता है। एंडोस्कोपी, कोलोनोस्कोपी और अल्ट्रासाउंड कराने से भी कुछ नहीं निकला। दवा भी खूब कराई-लेकिन दर्द ठीक नहीं हो रहा है। पेट हमेशा भारी रहता है। आंव जैसा भी आता है और एसिडिटी भी खूब रहती है। कमजोरी तो खैर रहती ही है। बताईए क्या करूं ताकि स्वास्थ्य ठीक हो।