शनिवार, फ़रवरी 23, 2008

शराब छोड़ने के साधुओं के आजमाए नुस्खे

शराब छोड़ने के लिए जो लोग इच्छुक होते हैं लेकिन वो मानते हैं कि उनकी कमज़ोर इच्छाशक्ति के चलते वे शराब नहीं छोड़ पा रहे हैं तो उन्हें ये नुस्खे अवश्य प्रयोग करने चाहिए । सोने-चांदी का काम करने वाले सोनारों के पास से शुद्ध गंधक का तेज़ाब यानि कि सल्फ़्युरिक एसिड ले आइए और आप जो शराब पीने जा रहे हैं उसके बने हुए पैग में चार बूंद यह तेज़ाब डाल दीजिए और जैसे सेवन करते है वैसे ही पीजिए और आप देखेंगे कि धीरे-धीरे आपकी शराब पीने की इच्छा अपने आप ही कम होने लगी है । इसी क्रम में आप एक दिन खुद ही शराब के प्रति अरुचि महसूस करने लगेंगे और पीना अपने आप छूट जाएगा ,ध्यान रखिए कि आप और कोई उपाय न करें बस खाने पर ध्यान दें कि स्वास्थ्यवर्धक आहार लें ।
दूसरा यह कि शिमला मिर्च(कैप्सिकम) जो कि मोटी-मोटी होती हैं व खाने में तीखी नहीं होती व सब्जी बनाने में प्रयोग करी जाती हैं ,ले लीजिए और उनका जूसर से रस निकाल लीजिए व इस रस का सेवन दिन में दो बार आधा कप नाश्ते या भोजन के बाद करें । आप चमत्कारिक रूप से पाएंगे कि आपकी शराब की तलब अपने आप घटने लगी है और एक दिन आप खुद ही पीने से इंकार कर देते हैं चाहे कोई कितना भी दबाव क्यों न डाले । ये दोनो उपाय सन्यासियों के आजमाए हुए हैं जोकि लोगों की शराब छुड़ाने के प्रसिद्ध रहे हैं ।
तीसरा तरीका उनके लिये है जो कि शिवाम्बु सेवन के पक्ष में हैं मैं यहां शिवाम्बु की महिमा नहीं बताउंगा क्योंकि वह एक विशाल विषय है और साथ ही कदाचित यहां उचित भी नहीं है । इतना जान लीजिए कि शिवाम्बु स्वमूत्र(अपने ही पेशाब) को कहते हैं । सुबह उठ कर यदि बीच की धार का सेवन करा जाए तो कुछ समय बाद स्वतः ही शराब के सेवन से अरुचि होने लगती है ।

2 आप लोग बोले:

सिद्धार्थ जोशी ने कहा…

डॉ साहब मैं शराब तो नहीं पीता लेकिन आपके ये नुस्‍खे जरूर याद रखूंगा शायद मेरे किसी मित्र के काम आ जाएं उपाय बताने के लिए धन्‍यवाद

बेनामी ने कहा…

This is just great, if it really works. We should be highly obliged and utterly greatful to the saints, who have done so deep a research for the benefit of mankind. We must bow before the great souls, and also the one who is propagating without the lust for money.Thanks