बुधवार, दिसंबर 03, 2008

मेरा दोस्त पागल हो गया है उसे बचा लीजिये

सर,मैंने सर्च इंजनों से तलाश कर-करके आयुषवेद का पता निकाला और मुझे उम्मीद है कि समस्या का समुचित हल मिल जाएगा। मैं अपने बचपन के दोस्त के घर लगभग बारह साल बाद उस जगह पोस्टिंग पर आया तो देखा कि मेरा दोस्त पागलों जैसी हालत में है। उसके माता-पिता ने बताया कि उसकी नवविवाहिता पत्नी के साथ किन्ही अपराधियों ने बलात्कार करा व उसकी हत्या कर दी। उस घटना के बाद मेरे मित्र ने अठारह दिन तक शोक की हालत में खाना नहीं खाया और फिर उसके बाद से आज तक कई साल से यही हाल है कि वह अकेले बैठ कर चिल्लाता रोता और गालियां देता रहता है। नींद न के बराबर है। मेरे सुंदर से दोस्त की हालत पर मुझे रोना आ गया, उसकी त्वचा एकदम रूखी सी झुर्रीदार हो गयी है रंग सांवला हो गया है एकदम दुबला हो गया है। मुझे लगता है कि यदि कुछ समय यही हाल रहा तो मेरा दोस्त मर जाएगा। सरकारी अस्पताल से उपचार कराया लेकिन कोई लाभ न हुआ बल्कि उन दवाओं से भूख एकदम मर गयी है अब तो बड़ा आग्रह करके खिलाना पड़ता है। मुझे पहचान कर उसने सारी कहानी बड़े आक्रोश में बतायी रह-रह कार दांत पीसता है। मेहरबानी करें कोई उपचार बताएं मुझसे उसकी हालत देखी नहीं जाती।
अंजन श्रीवास्तव,बलराम पुर
अंजन जी,आयुषवेद परिवार को आपके मित्र की दुखद परिस्थितियों के चलते उससे सहानुभूति है। विश्वास रखिये कि आपके मित्र की हालत सुधर जाएगी और वह सामान्य जीवन जी सकेगा। घटना के बाद जो शोक उपजा और उस हालत में इतने दिनों तक उपवास ने देह में वात को कुपित कर दिया जिसका दुष्परिणाम सामने है। आप उन्हें प्यार से मना कर निम्न दवाएं दें-
१ . उन्माद गजकेशरी रस एक-एक गोली सुबह-दोपहर-शाम एक चम्मच गाय के घी तथा दो चम्मच शहद के साथ मिला कर चटा दें।
२. सुबह-दोपहर-शाम इस दवा को देने के आधे घंटे बाद महारास्नादि काढ़े के दो-दो चम्मच पिलाइये।
इस उपचार को न्यूनतम छह माह तक दें वैसे तो सप्ताह भर में ही सुधार दिखने लगेगा। एक माह बाद पुनः सम्पर्क करिये ताकि आगे के सुधार के अनुसार उपचार बताया जा सके।

2 आप लोग बोले:

सुनीता शानू ने कहा…

आज सारथी पर यह ब्लॉग देखा,अच्छा लगा। मै भी बचपन से धन्वंतरी पढ़ा करती थी, मेरे दादा वैद्य थे..परन्तु जैसे-जैसे हम नये परिवेश में ढ़लते चले गये हैं एलोपैथिक दवाओ का जोर ज्यादा हो गया है, इससे सबसे बड़ी समस्या यह हुई है कि एक बीमारी को समाप्त करने के चक्कर में दो और परेशानियाँ खड़ी हो जाती है...
आपका धन्यवाद अगर आप मेरे पिता के लिये साईटिका का इलाज बताएं...

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) ने कहा…

सुनीता बहन,बांयी तरफ की पट्टी पर एक सर्च इंजन लगा है जिसमें "सायटिका" लिख कर तलाशने पर संबंधित उत्तर मिल जाएगा किंतु यदि बाबू जी की शारीरिक स्थिति के बारे विस्तार से बताएं तो बेहतर होगा।