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Hello sir main saudi arabia main job karta hoon meri problem sex se related hai .sir maine do baar sex kiya hai dono bar main 4 sec ke andar...
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Sir, Main ak 26 varshiy vivahit ladka hoon.meri samasya yeh hai ki 1. mere gupt ang mein thik se tanav nahi aata hai aur jo aata hai to kuc...
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नमस्कार महोदय उम्र २९ वर्ष वजन ४३ केजी कद १६५सेमि ५'५'' दुबला शरीर, अविवाहित, अध्यनरत महोदय मै बहुत हि दुबला व कमजोर हू. कृपया म...
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Namaskar Doctor Shahab. Me aapse apni samasya ka samadan chahta ho. sabse pahle me aapko apne bare me batana chahta ho meri aayo 21 year he ...
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प्रणाम डॉक्टर साहब, सर्वप्रथम तो आपका बहुत-बहुत शुक्रिया जो आपने मेरी समस्या पर इतनी तत्परता से प्रतिक्रिया दी. आपको मैं थोड़े से विस्ता...
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डॉ साहब ,आपको सादर नमस्कार . मैंने आपके बहुत सारे ब्लोग्स पढ़े हैं । वहाँ से प्रेरित होकर मई भी आप को मेल कर रहा हू आशा रख...
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यह सभी वर्गों के पुरुषों के लिये अत्यंत उत्तम स्वास्थ्यवर्धक वटी ( टैबलेट) है जो कि बेहद प्रभावी तथा बहुमूल्य जड़ी-बूटियों का बेहतरीन मिश्रण ...
कुछ सुझाव
गुरुवार, जुलाई 23, 2009
अल्पविकसित व छोटे स्तनों के लिये आयुर्वेदिक योग
महिलाओ के लिए इस महत्त्वपूर्ण योग के लिये क्लिक करें।
बुधवार, जुलाई 22, 2009
पुरुषों के लिये
क्लिक करिये।
सोमवार, जुलाई 20, 2009
गाल पे PIMPLE/ACNE के कारण कुछ गढ़े-गढ़े से निशान से बन गये हैं
हमें आपका ई- मेल अड्रेस आपके आयुष ब्लॉग से मिली |
हम भी रोग निदान की उम्मीद से अपनी दो समस्या लिख रहें हैं |
1.) मेरे सिर में गीला dandruffसा कुछ निकलता रहता है जो की डेली साबुन/संपू से साफ करने पर भी हरेक दिन आ जाता है जो की बदबू भी करता है और हल्की खुजलाहट भी रहती है | अगर चेहरे पर dandruff लग जाए तो पसवाले चकत्ते/Acne आ जाते हैं |
2.) मेरे गाल पे PIMPLE/ACNE के कारण कुछ गढ़े-गढ़े से निशान से बन गये हैं, क्या ये भर सकता है ?
मैं बहुत आभारी होऊंगा, अगर हमे भी कुछ सलाह/ चिकित्सा संबंधी परामर्श देने की कृपा करेंगे |
धन्यवाद और नमस्कार
संतोष
संतोष जी आपकी समस्या संबंधी सुझाव कई दिनों बाद दे पा रहा हूं क्षमा चाहता हूं। आप निम्न औषधियां नियमित रूप से तीन माह तक लीजिये-
१. गंधक रसायन १०० मिग्रा.+रस माणिक्य १०० मिग्रा.+ गिलोय सत्व २०० मिग्रा. इन्हें घोंट कर एक कर लें तथा दिन में तीन बार खदिरारिष्ट + महामंजिष्ठादि काढ़े के दो चम्मच के साथ सेवन करें।
२. त्रिफला चूर्ण दो चम्मच दिन में दो बार गुनगुने जल के साथ सेवन करें।
३. यदि चाहें तो सोमराजी तेल रात में सोते समय हलके हाथ से प्रभावित अंग पर लगा लिया करें।
मसालेदार आहार से दूर रहें साथ ही बाजारू चायनीज आदि व्यंजन से भी बचें।
रविवार, जून 07, 2009
सफ़ेद दाग, सेक्स और बदन दर्द की समस्या भी है
om sai ram
meri age 36 year hai mujhe safed daag ho gaye hai neck per (backside 3 spot hai, left side ear ke paas ek bada sa spot hai. kya iska koi saral upchhar hai aur yadi aap medicine bhejte hai to kya kharcha aayega?second, mere left hand per near to elbow bhaut kharish hoti hai aur dane se ho gaye hai kripa karke ilaaj bataye
third, sex karen ke baad or na karene se bhi mere legs me ghutno se niche our uppar bhi and elbo se upar baju wale hisse may bahut pain hota hai jab mai koi kas kar kapda bandh kar soti hun tho nind aathi hai mai is baat se bahut pareshan hu kripa koi uppai battaye.
please do me mail
mrs. s. sharma
बहन जी, आपने कई समस्याओं को साथ में लिखा है इससे पता चलता है कि आप सचमुच स्वास्थ्य के प्रति गम्भीर हैं। आपकी देह की सारी समस्याओं का कारण मात्र कफ-पित्त-वात के विकार के कारण होता है और इनके साम्य से स्वास्थ्य बना रहता है। अनेक बीमारियों के लक्षणों का कारण मात्र एक ही होता है जबकि लक्षण ढेर सारे हो कर एक सिन्ड्रोम जैसा पैदा कर देते हैं। आप निम्न औषधियां लीजिये--
१. हल्दी ३०० मिग्रा. + काले तिल ३०० मिग्रा. + बाकुची चूर्ण ३०० मिग्रा. मिला कर एक मात्रा बनाएं व ऐसी तीन मात्राएं दिन में गर्म पानी से लीजिए।
२. श्वित्रारि वटी को पानी में घिस कर प्रभावित अंग पर लगाइये। कभी-कभी अधिक संवेदनशील लोगों को इस वटी से फुंसियां सी हो जाती हैं तो ऐसा होने पर अगली औषधि प्रयोग करें।
३. श्वित्रारि घी को प्रभावित अंग पर दिन में कई बार लगाएं।
४. विषतिंदुक वटी एक गोली दिन में तीन बार गर्म पानी से लीजिये।
इस औषधि व्यवस्था को चालीस दिन तक जारी रखिए व प्रभाव के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर आगे जारी रखें।
Renal Calculi है
sir mera name sangeeta ha.mare bhai ki kidny ke right and laft side me 13mm and 14mm ki Renal Calculi ha. hame last week hi pata chala ha. ab se phle kabhi pain nahi hua tha. iske leye hame opration karana pdega ya kisi daise treatment se nikal jayegi. or kya ye bad me bhi ho sakti ha ya nahi. iske leye kya -2 pahraj rakna hoga, plz mujhe mail kare.
Sangeeta
संगीता बहन,परेशान न हों आप भाई को निम्न औषधियां दीजिये-
१. कलमी शोरा ५०० मिग्रा. + जवाखार ५०० मिग्रा + हजरुलयहूद भस्म १२५ मिग्रा इन्हें दो चम्मच पुनर्नवासव के साथ दिन में तीन बार लीजिये।
२. शूलगजकेशरी रस १२५ मिग्रा. + शीतल पर्पटी २५० मिग्रा. + श्वेत पर्पटी २५० मिग्रा. पानी से दिन में दो बार दीजिये।
इस उपचार को एक माह तक देने के बाद पुनः जांच करा लीजिये ताकि आपकी संतुष्टि हो जाए के पथरी घुल कर मूत्र से बाहर निकल गयी है।
गुरुवार, जून 04, 2009
मेरे गाल धसे हुए है, बहुत ही दुबला पतला हूं
मेरा नाम परमेश्वर है। मेरी उम्र 23 साल है वजन 42 किलो व लम्बाई 5 फुट है। मेरी समस्या है कि मै बहुत ही दुबला पतला हु। मै 10 से 12 घंटे कम्प्यूटर पर काम करता हूं। मै पहले कभी हस्तमैथुन कर लेता था। क्या इसकी वजह से दुबलापन है या कोई और वजह से है। कृपया इसका उपचार बताये जिससे कि मेरा शरीर हष्ट पुष्ट और मोटा हो जाय। मेरे गाल धसे हुए है। कृपया उस दवा का नाम बताये जिससे मै मोटा हो सकता हू। और वह दवा कब तक लेना और कैसे लेना है। और किस कम्पनी का लेना है। कृपया ई-मेल करे सर मै इसके लिए आपका हमेशा आभारी रहुंगा।
धन्यवाद
प्रिय परमेश्वर जी, आप निम्न दवाएं नियम पूर्वक तीन माह तक लीजिये और खूब काम करिये कोई परेशानी नहीं होगी साथ ही आपकी चाहत के अनुसार आपके पिचके गाल भी भर जाएंगे और वजन बढ़ कर शरीर सुंदर लगने लगेगा-
१. अश्वगंधा चूर्ण एक ग्राम + विधारा चूर्ण एक ग्राम इस मिश्रण को सुबह शाम शहद के साथ चाट कर ऊपर से अश्वगंधारिष्ट दो चम्मच पी लिया करिये।
२. लशुनादि वटी एक गोली + आरोग्यवर्धिनी वटी एक गोली दिन में दो बार गर्म पानी से लीजिये।
३. लौह भस्म(शतपुटी) १२५ मिग्रा. शहद के साथ दिन में दो बार लीजिये।
औषधियां खाली पेट न लें।
शीघ्रपतन की समस्या से वैवाहिक जीवन बर्बाद है
Main ak 26 varshiy vivahit ladka hoon.meri samasya yeh hai ki
1. mere gupt ang mein thik se tanav nahi aata hai aur jo aata hai to kuch hi second mein chala jata hai
2. Maine kai baar sehwas kerne ki koshish ki par har baar 5-7 second mein discharge ho gaya.
3. pesaab mein bhi viry aata hai
4. kuch sochne pe bhi viry nikal jata hai
5. mere ling ka aage ka part bhaut jyada sensitive hai use chhute viry nikal jata hai
Kripya meri madam karan bhaut jyada pareshaan hain meri shaadui bas tootne ko hi hai. kripya koi jald se jald achook upchaar bataye.
Dhanyawad
Aapka ati aabhaari
Ravi
रवि जी, आपकी समस्या भी तमाम अन्य भाइयों जैसी ही है अतः आप परेशान न हों और निम्न उपचार लेना प्रारंभ करें व कम से कम तीन माह तक लें-
१. मकरध्वज वटी एक गोली + महामन्मथ रस एक गोली + पूर्णचंद्र रस एक गोली इन तीनो दवाओं की एक मात्रा बनाएं व इस तरह की तीन खुराक दिन में शहद मिले दूध से लें(खाली पेट न लें)
२. शुद्ध शिलाजीत २५० मिग्रा. दिन में तीन बार दूध से लें।
इस उपचार के दौरान मांसाहार, खटाई युक्त भोजन,मिर्च-मसालेदार पदार्थों का सेवन न करें, शराब या अन्य व्यसन बिलकुल बंद करें।
शराब छुड़ाने के बारे में
Mere Bhai Ko Sarab Ki Jyadi Hi Lat Lag Gayi Hai. Main Uski Sarab Chudhana Chhahta Hoon. Mujhe Dawai Bhejne Ki Kripa Kare. Dawai Ki Fees Kya Hogi. Ye Bhi Bata De.
Thanks
Amit
अमित जी आपने जैसा बताया कि शराब की आदत भाई को लग चुकी है तो जाहिर है कि दवा उन्हें बिना उनकी जानकारी के ही देना होगा। वैसे यदि आप चाहें तो आयुषवेद के पेज पर दांयी तरफ लगे एक छोटे से सर्च इंजन का उपयोग कर सकते हैं जिस पर लिखा है "खुद तलाशिये", उसमें शराब टाइप करिये और संबंधित काफ़ी उपयोगी जानकारियां आपको मिल जाएंगी यदि कारगर उपाय मिल जाए तो बेहतर है क्योंकि पहले ही आयुषवेद पर शराब छुड़ाने के बारे में बहुत कुछ लिखा जा चुका है। यदि आपको लगे कि आपका कार्य सिद्ध नहीं हो रहा है तो फिर ई-मेल करें आपको अवश्य शराब छुड़ाने की आयुषवेद द्वारा निर्मित औषधि भेज दी जाएगी।
सेक्स सम्बन्धी भ्रम व हस्तमैथुन का दुष्परिणाम
एक बात और डॉ साहब मुझे आपसे दवा भी चाहिए होगी क्योकि मे इंडिया से बाहर रहता हू ।प्लीज मुझे बताइए की वो मे कैसे माँगा सकता हू आपसे? प्लीज उपचार बता दीजिये
आपका आभारी
नाम प्रकाशित न करा जाए
प्रिय भाई, जैसा कि आपने लिखा है कि आप अब उस बुरी आदत से छुटकारा पा चुके हैं और बाकी आपका भ्रम ही है । संयम रखना बड़ी बात है लेकिन खुद ही सोचिये कि आप अपने शरीर के सार तत्त्व को निचोड़ कर नाली में फेंक दें तो ये अक्लमंदी तो हरगिज नहीं है। कुछ दुष्ट किस्म के नीच "सैक्सोलाजिस्ट" बन कर बैठे ठग आप जैसे भोले लोगों को मूर्ख बना कर आपका जीवन ये कह कर बर्बाद कर देते हैं कि इस दुष्कर्म से कोई नुकसान नहीं होता ये तो एक सामान्य सा काम है। आयुषवेद के पाठकों से निवेदन है कि ऐसे धूर्तों की बातों में आकर अपना जीवन चौपट मत करिए क्योंकि आपको हकीकत तो तब पता चलती है जब आप वैवाहिक जीवन में प्रवेश करते हैं और सब कुछ अंधकारमय प्रतीत होता है। आप निम्न औषधियां तीन माह तक लीजिये-
१. मकरध्वज वटी एक गोली + मन्मथ रस एक गोली + त्रिबंग भस्म १२५ मिग्रा. इन औषधियों की एक खुराक बना लें व दिन में इस तरह की तीन खुराक दूध के साथ लीजिए।
२. पुष्पधन्वा रस एक गोली दिन में दो बार शहद से लीजिये।
ध्यान रखें कि कब्जियत न रहे यदि कब्ज हो तो आवश्यकतानुसार त्रिफला चूर्ण ले लिया करें।
कफ जमने से उल्टी बहुत ज़्यादा होती है
मुझे काफ़ी समय से जुकाम और कफ की प्राब्लम रहती हे, पूरे साल व किसी भी मौसम मे मुझे कफ जमा रहता हे जिसके कारण मुझे असिडिटी की भी प्राब्लम हो जाती हे और कुछ भी ख़ाता हूँ तो उल्टी हो जाती हे!अंग्रज़ी इलाज से कोई फाय्दा नही हुआ! कफ जमने से उल्टी बहुत ज़्यादा होती हे और छाती भी जलती हे!बार-बार उल्टी होती हे! साहब कोई अच्छा सा इलाज बताए जिससे की मेरी परेशानी का हमेशा के लिए इलाज हो जाए !
आपके सुझाव का इंतेज़ार रहेगा!
सध्न्यवाद
महेंद्र योगी
जय हिन्द
महेन्द्र जी सादर जय हिन्द, आपकी समस्या को समझा, समस्या पुरानी है किन्तु चिंता न करें निम्न औषधियां लीजिये-
१. कफ़कुठार रस एक-एक गोली दिन में तीन बार पान के पत्ते के रस में शहद मिला कर लीजिये।
२. गिलोय सत्त्व २५० मिग्रा. दिन में दो बार पानी से लीजिये
३. अभ्रक भस्म(शतपुटी) १२५ मिग्रा. दिन में दो बार शहद से लीजिये
४. दोपहर के भोजन के बाद एक गोली आरोग्यवर्धिनी वटी पानी से लीजिये
इस उपचार को चालीस दिनों तक जारी रखिए। एक सप्ताह बाद ही आराम आना शुरू हो जाएगा।
मंगलवार, जून 02, 2009
टूटी हड्डी जुडने में परेशानी हो रही है
1. not having any apetite;
2. has become weak;
3. feeling fever like fatigue and pain in the whole body;
4. feeling giddiness at times;
Seek appropriate advice. very very thanks and seek blessings.
akdubey, lucknow.
दुबे जी पहले तो विलंब के लिये माफ़ी चाहता हूं आशा है कि आप अन्यथा न लेंगे। आप अपनी पत्नी को निम्न औषधियां दीजिए।
१. अस्थिसंधान रस एक गोली + आभा गुग्गुलु एक गोली + लाक्षादि गुग्गुलु एक गोली; इन तीनों शास्त्रोक्त औषधियों की एक खुराक बनाएं व दिन में तीन बार आधा कप सुधाजल( चूना भिगोने के बाद शांत होने के बाद ऊपर का जल निथार लीजिये यही सुधाजल है) से दीजिए।
यकीन मानिये कि आपने जितने लक्षण लिखे हैं जादू की तरह मात्र एक सप्ताह में गायब हो जाएंगे किंतु दवा चालीस दिन तक जारी रखिए।
सोमवार, जून 01, 2009
यूरिन में स्पर्म आ रहा है
सर, बाथरूम करता टाइम यूरिन में स्पर्म आ रहा है जी और सेक्स करता टाइम जल्द डिस्चार्ज हो जाता हैं प्लीज हेल्प करिये, मेरी उम्र ३४ साल है (सर मेरी प्रॉब्लम लास्ट 3 साल से चल रही है ) प्लीज जल्दी मदद करें
regards
रणजीत सिंह
रणजीत जी आपने जो समस्या बतायी उसके लिये आप निम्न दवाएं
१ मकरध्वज वटी एक गोली + कुक्कुटाण्डत्वक भस्म एक रत्ती + शुक्रमात्रिका वटी एक गोली दिन में दो बार सुबह-शाम अश्वगंधारिष्ट दो चम्मच के साथ लीजिए
२ बंग भस्म एक रत्ती शहद के साथ सुबह शाम लीजिये।
इस औषधि व्यवस्था को आप कम से कम चालीस दिन तक लें। कब्जियत न रहने दें इसके लिये जरूरत होने पर त्रिफला चूर्ण ले लिया करें।
गुरुवार, मई 28, 2009
नाक में धुल या धुआं या कोई सुगन्धित महक , या ऐ.सी में बैठता हूँ तो मेरा सांस फूलने लगती है
धन्यवाद
Shyam
श्याम जी आपकी समस्या को देखने पर पता चलता है कि आपकी समस्या कफ के विकार से संबंधित है। आप निम्न उपचार लीजिए
१. सोम(एफ़िड्रा) चूर्ण एक ग्राम + सितोपलादि चूर्ण एक ग्राम + रस सिंदूर १०० मिग्रा.+ श्वास कुठार रस १२५ मिग्रा. + श्रंग भस्म २५० मिग्रा + चंद्राम्रत रस १२५ मिग्रा. इन सबको मिला कर एक मात्रा बनाएं तथा इस की तीन खुराक दिन में अदरख + शहद के साथ लीजिए।
२. समीर पन्नग रस १२५ मिग्रा + मल्ल सिंदूर ६५ मिग्रा + त्रिभुवन कीर्ति रस १२५ मिग्रा की एक खुराक करें व इस तरह दिन में तीन खुराक गर्म जल से लीजिये।
इस उपचार को कम से कम तीन माह तक लीजिये व बासी भोजन और कफ उत्पन्न करने वाले आहार-विहार से परहेज रखें।
शनिवार, मई 16, 2009
सेक्स समस्या का समाधान बताइये
sir main saudi arabia main job karta hoon meri problem sex se related hai .sir maine do baar sex kiya hai dono bar main 4 sec ke andar discharge ho jata hoon aur mera ling sahi tarike se erect to hoota hai par bahoot jaldi loose ho jata hai main kabhi bhi koi blue flim dekhta hoon to mera vireay niklne lagta hai zara si baat sochne par bhi mere pet main kabz bhi rahta hai aur mujhe peshab main do dhaare aati hai aap koi achchi si advice bataye aur mujhe medicine dey . main pehle hath se bhi karta tha lekin ab chhod diya hai main aap ke mail ka intezaar karoonga . kya aap yahan saudi arab send kar sakte hai medicine ko aap mujhe bata dena meri age 27 hai ok thnk you
nadeem khan, saudi arab
नदीम खान जी, सबसे पहली बात जो मैं आपको बताना चाहता हूं कि यदि आप शादीशुदा नहीं है तो आप अश्लील फिल्म आदि देख कर और यहां-वहां शारीरिक संबंध बना कर अपने पैरों पर न सिर्फ़ कुल्हाड़ी मार रहे हैं बल्कि परिवार और समाज के साथ भी गलत कर रहे हैं। मैं चिकित्सक हूं आपको उपदेश देना मेरा कार्य नहीं है लेकिन मजबूरी है कि आपकी समस्या का सीधा संबंध इन बातों से है। आप निम्न औषधियां लीजिये-
१. त्रिबंग भस्म १२५ मिग्रा. + कपूर १२५ मिग्रा.+ मिश्री(खड़ी शक्कर) एक ग्राम+ धनिया पाउडर( जो सब्जी आदि में डाला जाता है) एक ग्राम + गिलोय सत्व २५० मिग्रा; इन सबको मजबूत हाथों से घोंट कर एकजान कर लीजिए व ठंडे मीठे दूध के साथ दिन में दो बार लीजिये।
२. गंधर्व हरीतकी एक चम्मच रात को सोते समय एक कप गर्म पानी में घोल कर पी लीजिये।
३. स्वर्ण बंगेश्वर रस १२५ मिग्रा. दिन में दो बार मलाई के साथ लीजिये
इस उपचार को आप लगातार दो माह तक लीजिये और मेहरबानी करके ऊटपटांग हरकतों से बचिए वरना आप नादानी में अपना जीवन बर्बाद कर लेंगे, आयुषवेद परिवार की तरफ से अनेक देशों में आदेश पर औषधियां भेजी जाती हैं।
मै बहुत ही दुबला व कमजोर हूँ
उम्र २९ वर्ष
वजन ४३ केजी कद १६५सेमि ५'५'' दुबला शरीर, अविवाहित, अध्यनरत
महोदय मै बहुत हि दुबला व कमजोर हू. कृपया मोटा होने का उपाय बताये| मुझे बचपन से ही जुखाम की समस्या रही है / अलोपैथी के डाक्टर ने साइनस बताया था नाक की सफाई भी की, काफी दवा भी खाई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ /आज कल होम्योपैथी दवा खा रहा हूँ/फिर भी समस्या खत्म नही हो रही है / शायद हड्डी टेढी है. मै कवि हु /मंच पर कविता गान में काफी दिक्कत होती है पढने लिखने में भी मन नही लगता है / सिर भारी सा रहता है कफ बहुत निकलता /क्रपया स्थाई समाधान बताये .
With Kind Regards,
बृजेन्द्र शरण श्रीवास्तव 'उत्कर्ष'
बृजेन्द्र जी, आपकी पहली समस्या का हल तो आयुषवेद पर सुझाया जा चुका है। वजन के बारे में आप निम्न औषधि एक माह तक लीजिये फिर पंद्रह दिन बंद करके पुनः एक माह लीजिये इस प्रकार तीन चरणों में औषधि सेवन करें-
१. कासीस भस्म १ ग्राम + सुदर्शन चूर्ण १६ ग्राम , इस अनुपात में मिश्रण बना लीजिये तथा दो ग्राम मात्रा को प्रातः-सायं जल से सेवन करें फिर भोजन के बाद सितोपलादि चूर्ण दो-दो ग्राम की तीन मात्राएं दस-दस मिनट के अंतर पर फांकिए लेकिन कम से कम इसके बाद आधा से पौना घंटा पानी न पिएं।
आप विश्वास करें कि इस उपचार व्यवस्था से सूखी लकड़ी की तरह दिखने वाले लोग भी हरे-भरे दिखाई देने लगे हैं तो आप भी अपनाइये और आयुर्वेद के गुण गाइये।
पिताजी को डायबिटीज़ और दमा साथ-साथ सता रहा है
Mere pita ji ki umra 58 saal hai jo ki 2007 se diabetes (sugar high) ke marij hai diabetes ke bad inko dama ki bhi shikayat ho gai, ab inko swans lene me pareshani aati hai swans jaldi jaldi lete hain aur 2007-08 main inko 4-5 bar dama attack bhi aaya, lekin es dauran inhone dhumrapan nahin chora. (sir ke taraf bethane se inko aaram milta hai)
(Allopathic ilaaj se kuch fayada hua (ilaaj 2007 se karvaya) lekin ilaj band kar dene se fhir se vahin samaya aa jati hai) kripya uchit ayurvedik ilaaj batayen.
apki badi kripa hogi
Ranjeet kumar (25)
Lakhimpur Kheri (U.P.)
रंजीत जी, आपके पिताजी की दोनो समस्याएं अलग-अलग नहीं हैं बल्कि दोनों के पैदा होने का बुनियादी कारण एक ही विकार रहा होगा जो कि अब आपको दो अलग स्वतंत्र रोगों के रूप में दिखाई दे रहा है। आप उन्हें निम्न औषधियां दीजिये-
१. शुद्ध शिलाजीत २५० मिग्रा. सुबह-शाम दिन में दो बार मलाई निकाले हुए दूध के साथ दीजिये
२. नीलम पिष्टी ६५ मिग्रा. सुबह शाम दिन में दो बार शहद के साथ चटाइये।
इस उपचार को उन्हें कम से कम तीन माह तक अवश्य दें
३-४ वर्षों से कमर दर्द से पीड़ित हूँ
रजनीश परिहार,बीकानेर..[राजस्थान]
प्रिय रजनीश जी,आपकी समस्या देख कर सीधे ही औषधि बताने से पूर्व बताना चाहता हूं कि इस तरह की समस्याएं बताते समय यदि मरीज अपना पेशा और दिनचर्या आदि बता दे तो निदान में आसानी होती है आपकी बीमारी को आयुर्वेद में कटिग्रह कहते हैं। लीजिये समाधान प्रस्तुत है-
१. महायोगराज गुग्गुल दो गोली दिन में तीन बार दो चम्मच महारास्नादि क्वाथ से लीजिये
२. दशमूलारिष्ट चार चम्मच दिन में दो बार भोजन के पहले लीजिए
३. लशुनादि वटी एक गोली+ चित्रकादि वटी एक गोली+ हिंग्वादि वटी एक गोली दिन में दो बार भोजन से आधा घंटा पहले लीजिये
४. सैंधवादि तैल + महानारायण तैल की दिन में दो बार मालिश करें व सिंकाई करें
५. व्रहद छागलाद्य घी एक एक चम्मच दिन में दो बार चाटें(यदि ये दवा बाजार में न मिले तो किसी स्थानीय वैद्य से बनवा लें आयुषवेद परिवार इस औषधि को नहीं बनाता है क्योंकि इस औषधि में बकरी का मांस डाला जाता है यदि आप शाकाहारी हों तो इस दवा को न लें)
इस औषदि के स्थान पर आप निम्न योग भी ले सकते हैं: - लहसुन का रस+ अदरख का रस+ गोमूत्र अर्क+ शहद चारों बराबर मात्रा में लेकर कांच की बोतल में भरकर कस कर ढक्कन लगा दें व सात दिन धूप में रखें उसके बाद दो - दो चम्मच दवा बराबर पानी से लीजिये और रात में सोते समय दो चम्मच एरण्ड पाक गर्म दूध से लीजिये।
इस उपचार का सेवन तीन माह तक करिये।
सोमवार, मई 11, 2009
जड़ी-बूटी,एलोपैथी,आयुर्वेदिक,एक्युपंचर सभी किए गए,दोनो पैरोँ मेँ भयंकर दर्द रहता है
सर नमस्कार।मेरी मम्मी की उम्र लगभग 38 साल है।उन्हेँ लगभग 3 साल से दोनो पैरोँ मेँ भयंकर दर्द रहता है,दर्द ऐँड़ी से शुरु होता है फिर सूजन आ जाता है जो पूरे शरीर मेँहो जाता है।नसेँ मुड़ी हुई लगती है।जिस वजह से न चल पाती हैँ न ही उठ पाती हैँ।फिर बुखार आ जाता है।पैरोँ के उँगलियोँ मेँ तथा जोड़ोँ मेँ कोई गाँठ नही है।दर्द के वजह से सूजन जरुर हो जाता है।अभी साल भर से साथ मेँ अगर चलती हैँ तो कमर से कट-कट की आवाज आती है।इलाज मेँ हर प्रकार से जड़ी-बूटी,एलोपैथी,आयुर्वेदिक,एक्युपंचर सभी किए गए हैँ,कोई कहते हैँ गठिया हैँ कोई आर्थराइटिस कोई वात हैँ।समझ मेँ नहीँ आता है क्या है।हम लोग हार चुके हैँ ,क्या मम्मीजी कभी पूरी तरह से ठीक हो पाएंगी ?दवाई मेँ Nimesulide या Diclofenac sodium दिन मेँ 3 बार देना पड़ता है साथ मेँ इंजेक्शन भी। 3 सालोँ से लीवर और किडनी का क्या हाल हुआ होगा ?हम सभी इस बीमारी से अपना आपा खो चुके हैँ क्या करेँ?इस बीमारी की शुरुवात कैसे हुई ये बताना चाहुँगा, बरसात के दिनोँ मेँ खेती सम्भालना पड़ता है मम्मीजी खेत के पानी मेँ 5-6 घंटे तक रही थी।शाम से पैर के पंजो व ऐड़ी मेँ दर्द हुआ फिर सूजन और अभी ये गंभीर स्थिति है।मैँ स्वंय ऐलोपैथी का युवा डाँक्टर हुँ और इस बीमारी से हार चुका हुँ।क्या मम्मीजी पूरी तरह से पहले जैसी ठीक हो जाएँगी ? इसका ईलाज जरुर बताएँ डाँक्टर साहब मैँ आपका जिँदगी भर आभारी रहूँगा।
डाँ॰वीरेँद्र पालके(पी॰एम॰एच॰एम॰)
कवर्धा (छत्तीसगढ़)
प्रिय डा.वीरेन्द्र जी, हिम्मत हार कर बैठ जाने से समस्याएं हल नहीं होती हैं एक चिकित्सक को आखिरी दम तक प्रयत्नशील रहना चाहिये। आपकी माता जी के विषय में आपने जैसा लिखा है कि तमाम उपचार लिये जा चुके हैं, ये लक्षण शत-प्रतिशत वात संबंधी विकार के ही हैं किन्तु कोई लाभ नहीं हुआ तो इसका सीधा सा अर्थ है कि आपको सही चिकित्सक नहीं मिले या सही और शुद्ध औषधियां नहीं मिली होंगी; जरा विश्वास रख कर इस उपचार को दीजिए-
१. शुन्ठी गुग्गुल एक गोली + योगराज गुग्गुल एक गोली + महायोगराज गुग्गुल एक गोली दिन में तीन बार गर्म जल से दीजिये।
२. वैश्वारनर चूर्ण तीन ग्राम रात में एक बार गर्म दूध के साथ दीजिए
३. अश्वगंधा चूर्ण तीन ग्राम दिन में दो बार जल से दीजिये।
४. समीरपन्नग रस एक एक गोली दिन में दो बार शहद से दीजिये।
५. रास्नासप्तक क्वाथ तीस मिली. दिन में दो बार दीजिये।
६. बलातेल+ एरण्ड तेल मिला कर इससे सप्ताह में एक बार एनिमा दीजिए।
इस उपचार को तीन माह तक दीजिये और ध्यान रहे कि कब्जियत न होने पाए वैसे तो औषधि व्यवस्था ऐसी है कि ऐसा नहीं होगा किन्तु कई बार रोगी क्रूरकोष्ठी होने पर ऐसा पाया गया है। बासी भोजन से परहेज करें।
बालों की समस्या
Respected Doctor,
My name ajay tomar , I have problem related to my hair ,I have itching problem in my head, dandruff is there but if my head is clear then also i have itching on my head ..i have seen many doctors then told it's fungal infection.and if i rub that place where itching my 3-4 hair comes out.I have loosed so many hairs because of it I am not bald but i will in coming time if this problem will persist ,Hope u can help .If any medicine or else there please send me detail and cost , i m ready to pay.
Thanks & Regards
Ajay Tomer
अजय जी आपकी समस्या के बारे में मुझे नहीं पता कि आपने जिन चिकित्सकों को दिखाया और उन्होंने क्या समझा होगा। आयुर्वेद के अनुसार मैं आपको उपचार बता रहा हूं उसे प्रयोग करें आपकी समस्या हल हो जाएगी-
१. कलौंजी का तेल १०० मिली + रोगन बैजा़-ए-मुर्ग़ १०० मिली(ये आपको यूनानी औषधियों की दुकान पर आसानी से मिल जाएगा) + कपूर २० ग्राम + मेन्थाल(पिपरमिन्ट) २० ग्राम इन्हें मिला कर ढक्कन कस कर रख दें। दो दिन में कपूर आदि सब घुल कर एक हो जाएंगे। इस तेल को दिन में सुविधानुसार दो तीन बार बालों की जड़ों में लगाइये।
२. आमलकी रसायन १ ग्राम + भ्रंगराज घनसत्त्व १ ग्राम + स्वर्णमाक्षिक भस्म २५० मिग्रा मिला कर दिन में तीन बार दो चम्मच शहद कें मिला कर चाटें।
३. कब्जियत न रहे इसके लिये देह के अनुसार त्रिफ़ला चूर्ण रात में सोते समय गर्म जल से एक चम्मच ले लिया करें
तेल मसालेदार भोजन से परहेज करिये। इस उपचार को तीन माह तक लगातार लीजिए। आप पहले ही सप्ताह में आश्चर्य करने लगेंगे।
आस्टियोआर्थराइटिस की समस्या से माता जी परेशान हैं
My 76 years old mother is having terrible pain in her one knee --- and also sometime back she was having pain in her lower back. Now, it no longer troubles her. But she is very much disturbed due to her left knee pain. Today, x-rays were done for the left knee and LS spine in AP and lateral view and were shown to a orthopaedic surgeon.
He has advised to get blood sugar and uric acid tested and further advised to get the knee xrays done in standing position.
In the meantime he has advised to take some painkillers.
Dear Doctor, she is in pain so she has been taking the pain-killers too frequently. The doctor has provisionally told that she is having all this due to osteoarthritis.
I am afraid that too much pain-killers may be harmful to her. So, I am approaching you for your expert advice about management of this painful condition as per your ayurvedic advice. Could you please suggest some ayurvedic medicines or some medicines for local application over the painful knee so that she gets some relief. Dr Rupesh, we have a Patanjali Dispensary in our city , so getting any ayurvedic medicine wont be a problem.
i am eagerly waiting for your reply.
I shall be very thankful to you,
Dr parveen chopra
आदरणीय डा.चोपड़ा जी
माता जी की समस्या के बारे में जिन लक्षणों का आपने उल्लेख करते हुए बताया है कि आधुनिक निदान के अनुसार यह आस्टियोआर्थराइटिस है। माताजी का वजन व देहयष्टि के विषय में आपने बताया है कि वे भारी शरीर की हैं। अब इन लक्षणों के आधार पर इस नतीजे पर हूं कि स्पष्टतः ये समस्या आमवात से उपजी है। विस्तार में न जा कर सीधे उपचार पर आता हूं। सर्वप्रथम यदि आप स्वयं संभव हो तो माताजी को एरण्ड के तेल से जुलाब देकर उनका पेट साफ़ कर लें तत्पश्चात निम्न औषधियां दें-
१. वातगजांकुश रस ५० मिग्रा + समीरपन्नग रस ५० मिग्रा + महायोगराज गुग्गुल १०० मिग्रा + विषतिंदुक वटी १०० मिग्रा + त्रिकुट चूर्ण ७५ मिग्रा + पीपरामूल २५ मिग्रा + अजमोदादि चूर्ण २०० मिग्रा ; इन सभी को एक साथ मजबूत हाथों से खरल करके इस अनुपात में एक मात्रा बनाएं व 00 साइज के खाली कैप्सूल में भर कर या कैप्सूल न होने पर सीधे ही ३०० मिग्रा की एक मात्रा बना कर सुबह-शाम दशमूल क्वाथ के दो चम्मच के साथ निगलवाएं
२. महायोगराज गुग्गुल ५०० मिग्रा + महारास्नादि क्वाथ घन ५०० मिग्रा + अश्वगंधा चूर्ण १०० मिग्रा + नागरमोथा १०० मिग्रा + बच्छनाग १०० मिग्रा + विषतिंदुक वटी १०० मिग्रा + शुद्ध हिंगुल ५० मिग्रा + नागभस्म ५० मिग्रा + स्वर्णमाक्षिक भस्म ५० मिग्रा; इन सबको निर्गुन्डी के पत्तों के रस के साथ अथवा महारास्नादि क्वाथ के साथ घोंट कर २०० मिग्रा की गोलियां बनाकर छाया में सुखा लें। ये एक-एक गोली सुबह दोपहर शाम गर्म पानी से दें।
३. सिंहनाद गुग्गुल दो गोली रास्ना सप्तक क्वाथ + एरण्ड तेल के दो चम्मच के साथ दीजिये।
४. बलारिष्ट + अश्वगंधारिष्ट + पुनर्नवारिष्ट मिला कर तीस मिली. दिन में तीन बार दीजिये।
५. तारपीन का तेल ५०० मिली + 555 या 777 अथवा बंदर छाप किस्म के हल्के कास्टिक वाले कपड़े धोने का साबुन एक १०० ग्राम की बट्टी + एक लीटर गर्म पानी; साबुन को कतर कर छोटे टुकड़े कर लें व गर्म जल में घोल लीजिये तथा ऊपर से उसमें तारपीन का तेल मिला कर कस कर हिला लीजिये। इसे प्रभावित अंग पर मालिश के लिये दिन में दो बार प्रयोग करें व उस पर मालिश के बाद कपड़ा लपेट दें।
मैं इन पांच अत्यंत प्रभावशाली औषधि योगों का अनेक वर्षों से अपने चिकित्साभ्यास में प्रयोग करता आ रहा हूं और हजारों रोगियों में से कोई भी कभी निराश नहीं हुआ, यदा-कदा प्रभाव आने में रोगी के अनुसार समय लगा किंतु सभी लाभान्वित हुए। आप भी अवश्य लाभ उठाइये। आहार में वातवर्धक भोजन से परहेज रखें, बासी भोजन से बचें। इस उपचार को न्यूनतम चालीस दिन तक दीजिये।
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अग्निकुमार रस
अर्शोघ्नी बटी
आनंद भैरव रस
अजीर्ण कंटक रस
अर्शकुठार रस
आमवातेश्वर रस
आमवातारि रस
अश्वकंचुकी(घोड़ाचोली)रस
अग्नितुंडी बटी
अमरसुंदरी बटी
आरोग्यवर्धिनी
बटी
आमलकी रसायन
इच्छाभेदी रस
उपदंश कुठार रस
उन्माद गजकेशरी
रस
एकांगवीर रस
एलादि वटी
कनकसुंदर रस
कफ़कुठार रस
कुष्ठकुठार रस
कफ़केतु रस
कुमारकल्याण रस
कामदुधा रस
कृव्यादि रस
कफ़कर्तरी रस
कल्पतरू रस
कामधेनु रस
कृमिकुठार रस
कृमिमुग्दर रस
कफ़चिंतामणि रस
कांकायन बटी
कन्यालोहादि बटी
खैरसार बटी
खदिरादि बटी
गंधक बटी
गंधक रसायन
गर्भपाल रस
गुड़मार बटी
गुल्मकुठार रस
ग्रहणीकपाट रस
ग्रहणी गजेन्द्र
रस
चंद्रप्रभा बटी
चतुर्भुज रस
चंद्रामृत रस
चंदनादि बटी
चंद्रान्शु रस
चतुर्मुख रस
चित्रकादि बटी
चिंतामणि
चतुर्मुख रस
चंद्रकला रस
चिंतामणि रस
चौंसठ प्रहरी
पीपल
जवाहरमोहरा
दंतोद्भेदगदान्तक
रस
हिंगुलेश्वर रस
हृदयार्णव रस
हिंग्वादि बटी,
ज्वरांकुश रस
जयमंगल रस
लघुमालिनी बसंत
रस
लहशुनादि बटी
लवंगादि बटी
लक्ष्मीनारायण रस
लक्ष्मीविलास रस
लक्ष्मीनारायण
रस(नारदीय)
लाई रस
लीलाविलास रस
लोकनाथ रस
मधुमेहनाशिनी बटी
महाज्वरांकुश रस
महाशंख बटी
महामृत्युंजय रस
महावात विध्वंसन
रस
महालक्ष्मी विलास
रस
मकरध्वज बटी
मन्मथाभ्र रस
मूत्रकृच्छान्तक
रस
मरिच्यादि बटी
मृत्युन्जय रस
नृपतिवल्लभ रस
नागार्जुनाभ्र रस
नष्टपुष्पान्तक
रस
नित्यानंद रस
पीयूषवल्ली रस
पूर्ण चंद्र रस
प्रदररिपु रस,
प्रवाल पंचाम्रत
रस
प्रतापलंकेश्वर
रस
प्रमेहगज केशरी
रस
पुष्पधन्वा रस
प्रदरारि रस
प्रदरान्तक रस
रसपीपरी रस
रसराज रस
रामबाण रस
रजःप्रवर्तिनी
बटी,
रसादि रस
रक्तपित्तान्तक
रस
संजीवनी बटी
संशमनी बटी
समीरपन्नग रस
सारिवादि बटी
सर्पगंधाघन बटी
सूतशेखर रस
श्रंगाराभ्र रस
स्मृतिसागर रस
सिद्धप्राणेश्वर
रस
सोमनाथ रस
शिलाजीत बटी,
शिलाजित्वादि बटी
शिलासिंदूर बटी,
शिरःशूलादिवज्र
रस
शिरोवज्र रस
शूलवज्रिणी बटी
शंख बटी
शंकर बटी
शूलगजकेशरी रस
श्वास कुठार रस,
श्वासकास
चिंतामणि रस
शीतांशु रस
शुक्रमात्रिका
बटी
त्रिभुवन कीर्ति
रस
त्रिमूर्ति रस,
त्रैलोक्य
चिंतामणि रस
तारकेश्वर रस
बोलबद्ध रस
ब्राह्मी बटी
वात गजांकुश रस
वातकुलान्तक रस
बसंत कुसुमाकर रस
वृहत वातगजांकुश
रस
वृहत बंगेश्वर रस
विरेचन बटी
वृहत वातचिंतामणि
रस
वृहत
गर्भचिंतामणि रस
वीर्यशोधन बटी
वृद्धिबाधिका बटी
व्योषादि बटी
विषतिंदुक बटी
व्याधिहरण रसायन,
वृहत कामचूड़ामणि
रस
योगेन्द्र रस
अभ्रक भस्म
(साधारण,शतपुटी,सहस्त्रपुटी)
अकीक पिष्टी/भस्म
हजरुलयहूद
भस्म/पिष्टी
गोदन्ती भस्म
जहरमोहरा खताई
भस्म/पिष्टी,
कुक्कुटाण्डत्वक
भस्म
कहरवा पिष्टी
कान्तसार लौह
भस्म
कपर्द(वराटिका)भस्म
कासीस भस्म
लौह भस्में
(तीन
प्रकार)
मण्डूर भस्म
श्रंग भस्म
मुक्ताशुक्ति
भस्म/पिष्टी,
नाग भस्म
प्रवाल
पिष्टी/भस्म
शंख भस्म
शुभ्रा(स्फटिका)
भस्म
स्वर्णमाक्षिक
भस्म
ताम्र भस्म
टंकण भस्म
त्रिबंग भस्म
बंग भस्म
यशद भस्म
कासीस गोदन्ती
भस्म
संगेजराहत भस्म
संगेयेशव
भस्म/पिष्टी
गोमेदमणि
भस्म/पिष्टी
माणिक्य
भस्म/पिष्टी
मुक्ता(मोती)भस्म/पिष्टी
नीलम भस्म/पिष्टी
पुखराज
भस्म/पिष्टी
चांदी(रजत)भस्म
पन्ना(तार्क्ष्य)भस्म/पिष्टी
लाजावर्त
भस्म/पिष्टी
अम्लपित्तान्तक
लौह
चंदनादि लौह
(ज्वर
व प्रमेह)
ताप्यादि लौह
(रजत/बिना
रजत)
धात्री लौह
नवायस लौह
प्रदरारि लौह
प्रदरान्तक लौह
पुनर्नवादि
मण्डूर
विषमज्वरान्तक
लौह
सर्वज्वरहर लौह
सप्तामृत लौह
शिलाजित्वादि लौह
यक्रदप्लीहारि
लौह
रक्तपित्तान्तक
लौह
शोथारि लौह
मेदोहर विडंगादि
लौह
अमृतादि गुग्गुल
आभा गुग्गुल
कांचनार गुग्गुल
कैशोर गुग्गुल,
गोक्षुरादि
गुग्गुल
पुनर्नवादि
गुग्गुल
लाक्षादि गुग्गुल
पंचतिक्तघृत
गुग्गुल
रास्नादि गुग्गुल
सप्तविंशतिको
गुग्गुल
सिंहनाद गुग्गुल,
त्रयोदशांग
गुग्गुल
त्रिफला गुग्गुल
योगराज गुग्गुल
महायोगराज
गुग्गुल
वातारि गुग्गुल,
मेदोहर(नवक)
गुग्गुल
अभ्रक पर्पटी
स्वर्ण पर्पटी
बोल पर्पटी
लौह पर्पटी
प्राणदा पर्पटी
ताम्र पर्पटी
पंचामृत पर्पटी
विजय पर्पटी
रस पर्पटी
शीतल पर्पटी
श्वेत पर्पटी
मकरध्वज
चंद्रोदय
मल्ल सिंदूर
मल्ल चंद्रोदय
रस सिंदूर
शिला सिंदूर
स्वर्णबंग
ताल सिंदूर
रसमाणिक्य,
शिलाजीत(गीला/सूखा)
स्वर्णबंग क्षार