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कुछ सुझाव
गुरुवार, जून 04, 2009
मेरे गाल धसे हुए है, बहुत ही दुबला पतला हूं
मेरा नाम परमेश्वर है। मेरी उम्र 23 साल है वजन 42 किलो व लम्बाई 5 फुट है। मेरी समस्या है कि मै बहुत ही दुबला पतला हु। मै 10 से 12 घंटे कम्प्यूटर पर काम करता हूं। मै पहले कभी हस्तमैथुन कर लेता था। क्या इसकी वजह से दुबलापन है या कोई और वजह से है। कृपया इसका उपचार बताये जिससे कि मेरा शरीर हष्ट पुष्ट और मोटा हो जाय। मेरे गाल धसे हुए है। कृपया उस दवा का नाम बताये जिससे मै मोटा हो सकता हू। और वह दवा कब तक लेना और कैसे लेना है। और किस कम्पनी का लेना है। कृपया ई-मेल करे सर मै इसके लिए आपका हमेशा आभारी रहुंगा।
धन्यवाद
प्रिय परमेश्वर जी, आप निम्न दवाएं नियम पूर्वक तीन माह तक लीजिये और खूब काम करिये कोई परेशानी नहीं होगी साथ ही आपकी चाहत के अनुसार आपके पिचके गाल भी भर जाएंगे और वजन बढ़ कर शरीर सुंदर लगने लगेगा-
१. अश्वगंधा चूर्ण एक ग्राम + विधारा चूर्ण एक ग्राम इस मिश्रण को सुबह शाम शहद के साथ चाट कर ऊपर से अश्वगंधारिष्ट दो चम्मच पी लिया करिये।
२. लशुनादि वटी एक गोली + आरोग्यवर्धिनी वटी एक गोली दिन में दो बार गर्म पानी से लीजिये।
३. लौह भस्म(शतपुटी) १२५ मिग्रा. शहद के साथ दिन में दो बार लीजिये।
औषधियां खाली पेट न लें।
बुधवार, अप्रैल 08, 2009
नपुंसकता आ गयी है अंग में ताकत ही नहीं है
आदरणीय डाक्टर साहब मेरी उम्र पैंतीस साल है और मेरी शादी हुए दो साल हो गये हैं। पहले मैं चरस का नशा करा करता था लेकिन अब शादी के बाद से बिलकुल छोड़ दिया है और कोई किसी किस्म का नशा नहीं करता हूं। बहुत हिचकिचाहट हो रही है बताने में कि मुझे बिलकुल भी कामोत्तेजना नहीं होती यानि कि अंग में जरा भी ताकत नहीं महसूस होती है। पत्नी की तरफ़ से ये हाल हो चला है कि उसने कहना शुरू कर दिया है कि पहले अपना इलाज कराओ वरना अगर मुझसे कोई गलत कदम उठ गया तो दोष मत देना। बहुत परेशान हूं ये बीमारी ऐसी है कि जितने वैद्य हकीम और डाक्टर मिले अबतक वो बस ज्यादा से ज्यादा पैसे झटकने के चक्कर में रहते हैं। आपसे बहुत उम्मीद बंध गयी है कि आप जल्द से जल्द मेरी तकलीफ़ दूर करेंगे।
(नाम पता न प्रकाशित करें)
प्रिय बंधु जैसा कि आपने अपने बहुत लंबे पत्र में अपनी समस्या बतायी है मैं समझता हूं कि आपको कितनी परेशानी उठानी पड़ रही है। आप नशा करना छोड़ चुके हैं ये बहुत प्रसन्नता का विषय है। आपने अपने भोजन के बारे में बताया कि आप शाकाहारी हैं। आप निम्न दवाएं लीजिये और यकीन मानिये कि आप नपुंसक हरगिज नहीं हैं बेफ़िक्र हो जाइए बस धैर्य रख कर चालीस दिन दवाएं लीजिये फिर आप खुद ही जरूरत के अनुसार आगे दवा लेना है या नहीं निर्धारित कर लीजियेगा-
१। मुलैठी का चूर्ण २० ग्राम + अश्वगंधा का चूर्ण २० ग्राम + विधारा चूर्ण १० ग्राम ; इन सबको कस कर घोंट लीजिये और फिर इस मिश्रित चूर्ण में से तीन ग्राम मात्रा लेकर सिद्ध मकरध्वज एक रत्ती(१२५ मिलीग्राम) मिला कर मिश्री मिले दूध के साथ दिन में दो बार भोजन के बाद लीजिये।
२. मन्मथ रस एक गोली + पानी में भिगो कर छिलका निकाला इमली के बीज जिसे चियां या चिंचोका भी कहते हैं १ ग्राम पीसा हुआ + दो ग्राम गुड़ मिला कर सुबह शाम दूध से लीजिये।औषधि सेवन काल में सम्भोग से परहेज करिये फिर चालीस दिन बाद जब आपकी समस्या हल हो जाए तो आप सामान्य जीवन जियें। कब्जियत न होने दें आवश्यकता होने पर त्रिफ़ला चूर्ण ले लीजियेगा।
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अग्निकुमार रस
अर्शोघ्नी बटी
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इच्छाभेदी रस
उपदंश कुठार रस
उन्माद गजकेशरी
रस
एकांगवीर रस
एलादि वटी
कनकसुंदर रस
कफ़कुठार रस
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कफ़केतु रस
कुमारकल्याण रस
कामदुधा रस
कृव्यादि रस
कफ़कर्तरी रस
कल्पतरू रस
कामधेनु रस
कृमिकुठार रस
कृमिमुग्दर रस
कफ़चिंतामणि रस
कांकायन बटी
कन्यालोहादि बटी
खैरसार बटी
खदिरादि बटी
गंधक बटी
गंधक रसायन
गर्भपाल रस
गुड़मार बटी
गुल्मकुठार रस
ग्रहणीकपाट रस
ग्रहणी गजेन्द्र
रस
चंद्रप्रभा बटी
चतुर्भुज रस
चंद्रामृत रस
चंदनादि बटी
चंद्रान्शु रस
चतुर्मुख रस
चित्रकादि बटी
चिंतामणि
चतुर्मुख रस
चंद्रकला रस
चिंतामणि रस
चौंसठ प्रहरी
पीपल
जवाहरमोहरा
दंतोद्भेदगदान्तक
रस
हिंगुलेश्वर रस
हृदयार्णव रस
हिंग्वादि बटी,
ज्वरांकुश रस
जयमंगल रस
लघुमालिनी बसंत
रस
लहशुनादि बटी
लवंगादि बटी
लक्ष्मीनारायण रस
लक्ष्मीविलास रस
लक्ष्मीनारायण
रस(नारदीय)
लाई रस
लीलाविलास रस
लोकनाथ रस
मधुमेहनाशिनी बटी
महाज्वरांकुश रस
महाशंख बटी
महामृत्युंजय रस
महावात विध्वंसन
रस
महालक्ष्मी विलास
रस
मकरध्वज बटी
मन्मथाभ्र रस
मूत्रकृच्छान्तक
रस
मरिच्यादि बटी
मृत्युन्जय रस
नृपतिवल्लभ रस
नागार्जुनाभ्र रस
नष्टपुष्पान्तक
रस
नित्यानंद रस
पीयूषवल्ली रस
पूर्ण चंद्र रस
प्रदररिपु रस,
प्रवाल पंचाम्रत
रस
प्रतापलंकेश्वर
रस
प्रमेहगज केशरी
रस
पुष्पधन्वा रस
प्रदरारि रस
प्रदरान्तक रस
रसपीपरी रस
रसराज रस
रामबाण रस
रजःप्रवर्तिनी
बटी,
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शिरोवज्र रस
शूलवज्रिणी बटी
शंख बटी
शंकर बटी
शूलगजकेशरी रस
श्वास कुठार रस,
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चिंतामणि रस
शीतांशु रस
शुक्रमात्रिका
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चिंतामणि रस
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रस
वृहत
गर्भचिंतामणि रस
वीर्यशोधन बटी
वृद्धिबाधिका बटी
व्योषादि बटी
विषतिंदुक बटी
व्याधिहरण रसायन,
वृहत कामचूड़ामणि
रस
योगेन्द्र रस
अभ्रक भस्म
(साधारण,शतपुटी,सहस्त्रपुटी)
अकीक पिष्टी/भस्म
हजरुलयहूद
भस्म/पिष्टी
गोदन्ती भस्म
जहरमोहरा खताई
भस्म/पिष्टी,
कुक्कुटाण्डत्वक
भस्म
कहरवा पिष्टी
कान्तसार लौह
भस्म
कपर्द(वराटिका)भस्म
कासीस भस्म
लौह भस्में
(तीन
प्रकार)
मण्डूर भस्म
श्रंग भस्म
मुक्ताशुक्ति
भस्म/पिष्टी,
नाग भस्म
प्रवाल
पिष्टी/भस्म
शंख भस्म
शुभ्रा(स्फटिका)
भस्म
स्वर्णमाक्षिक
भस्म
ताम्र भस्म
टंकण भस्म
त्रिबंग भस्म
बंग भस्म
यशद भस्म
कासीस गोदन्ती
भस्म
संगेजराहत भस्म
संगेयेशव
भस्म/पिष्टी
गोमेदमणि
भस्म/पिष्टी
माणिक्य
भस्म/पिष्टी
मुक्ता(मोती)भस्म/पिष्टी
नीलम भस्म/पिष्टी
पुखराज
भस्म/पिष्टी
चांदी(रजत)भस्म
पन्ना(तार्क्ष्य)भस्म/पिष्टी
लाजावर्त
भस्म/पिष्टी
अम्लपित्तान्तक
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चंदनादि लौह
(ज्वर
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ताप्यादि लौह
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प्रदरारि लौह
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लौह
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सप्तामृत लौह
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लौह
रक्तपित्तान्तक
लौह
शोथारि लौह
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कैशोर गुग्गुल,
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गुग्गुल
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गुग्गुल
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गुग्गुल
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महायोगराज
गुग्गुल
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गुग्गुल
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लौह पर्पटी
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