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बुधवार, अप्रैल 08, 2009

नपुंसकता आ गयी है अंग में ताकत ही नहीं है


आदरणीय डाक्टर साहब मेरी उम्र पैंतीस साल है और मेरी शादी हुए दो साल हो गये हैं। पहले मैं चरस का नशा करा करता था लेकिन अब शादी के बाद से बिलकुल छोड़ दिया है और कोई किसी किस्म का नशा नहीं करता हूं। बहुत हिचकिचाहट हो रही है बताने में कि मुझे बिलकुल भी कामोत्तेजना नहीं होती यानि कि अंग में जरा भी ताकत नहीं महसूस होती है। पत्नी की तरफ़ से ये हाल हो चला है कि उसने कहना शुरू कर दिया है कि पहले अपना इलाज कराओ वरना अगर मुझसे कोई गलत कदम उठ गया तो दोष मत देना। बहुत परेशान हूं ये बीमारी ऐसी है कि जितने वैद्य हकीम और डाक्टर मिले अबतक वो बस ज्यादा से ज्यादा पैसे झटकने के चक्कर में रहते हैं। आपसे बहुत उम्मीद बंध गयी है कि आप जल्द से जल्द मेरी तकलीफ़ दूर करेंगे।

(नाम पता न प्रकाशित करें)

प्रिय बंधु जैसा कि आपने अपने बहुत लंबे पत्र में अपनी समस्या बतायी है मैं समझता हूं कि आपको कितनी परेशानी उठानी पड़ रही है। आप नशा करना छोड़ चुके हैं ये बहुत प्रसन्नता का विषय है। आपने अपने भोजन के बारे में बताया कि आप शाकाहारी हैं। आप निम्न दवाएं लीजिये और यकीन मानिये कि आप नपुंसक हरगिज नहीं हैं बेफ़िक्र हो जाइए बस धैर्य रख कर चालीस दिन दवाएं लीजिये फिर आप खुद ही जरूरत के अनुसार आगे दवा लेना है या नहीं निर्धारित कर लीजियेगा-

१। मुलैठी का चूर्ण २० ग्राम + अश्वगंधा का चूर्ण २० ग्राम + विधारा चूर्ण १० ग्राम ; इन सबको कस कर घोंट लीजिये और फिर इस मिश्रित चूर्ण में से तीन ग्राम मात्रा लेकर सिद्ध मकरध्वज एक रत्ती(१२५ मिलीग्राम) मिला कर मिश्री मिले दूध के साथ दिन में दो बार भोजन के बाद लीजिये।

२. मन्मथ रस एक गोली + पानी में भिगो कर छिलका निकाला इमली के बीज जिसे चियां या चिंचोका भी कहते हैं १ ग्राम पीसा हुआ + दो ग्राम गुड़ मिला कर सुबह शाम दूध से लीजिये।औषधि सेवन काल में सम्भोग से परहेज करिये फिर चालीस दिन बाद जब आपकी समस्या हल हो जाए तो आप सामान्य जीवन जियें। कब्जियत न होने दें आवश्यकता होने पर त्रिफ़ला चूर्ण ले लीजियेगा।

रविवार, मार्च 29, 2009

डायबिटीज(मधुमेह) के नियंत्रण के लिये कोई शक्तिवर्धक उपाय बताइये

डाक्टर साहब डायबिटीज(मधुमेह) के नियंत्रण के लिये कोई शक्तिवर्धक उपाय बताइये क्योंकि मैं जो दवाएं लेता हूं उनसे शुगर का स्तर तो कन्ट्रोल में रहता है लेकिन कमजोरी बराबर बनी रहती है। मेरी उम्र बावन साल है सुस्ती सी बनी रहती है। मेथी, करेला और नीम आदि का एक चूर्ण है जो खाता हूं लेकिन उसकी मात्रा दो चम्मच दिन में तीन बार लेने से मुंह का स्वाद कड़वा सा बना रहता है और पेट लगता है उसी चूर्ण से भर गया है। कोई आयुर्वेदिक तरीका बताइये ताकि मैं फिट महसूस कर सकूं। आपकी बड़ी मेहरबानी होगी।
श्यामल रंजन तिवारी,बैतूल
श्यामल जी आपने अपनी जो रिपोर्ट्स भेजी हैं मैंने देख ली हैं आप परेशान न हों बस मात्र तीन-चार दिन में ही आप महसूस कर लेंगे कि लोग आयुर्वेदिक दवाओं की जो प्रशंसा करते हैं उसका क्या कारण है। आप अपने लिये इस औषधि को प्रयोग करें-
१. विजयसार + गुड़मार + नीम की छाल + जामुन की गुठली + गूलर(जिसे उदुम्बर या ऊमर भी कहते हैं इस फल के भीतर से छोटे-छोटे मच्छर जैसे कीड़े निकलते हैं) की छाल + सूखे हुए बेल पत्र + मेथी दाना ; इन सभी को बराबर मात्रा में लेकर मोटा-मोटा कूट लीजिये। अब इस मिश्रण के वजन से आठगुना पानी मिला कर इसे हलकी आग पर पकने के लिये रख दीजिये जब यह पानी जल कर एक चौथाई रह जाए तो इसे आग से उतार लीजिये और सारे मिश्रण को मजबूत हाथों से कसकर मसल लीजिये फिर किसी मोटे कपड़े से पानी छान लीजिए यह काफ़ी गाढ़ा सा हो जाएगा और जो चूर्ण आदि मिलाए थे उसे फेंक दीजिए आपके इस्तेमाल यह पानी आने वाला है। अब इस पानी को किसी चौड़ी थाली में रख कर धूप में सुखा लीजिये। यह काम झंझट भरा लगता है लेकिन स्वास्थ्य भी तो आपका ही है करना तो पड़ेगा और लाभ भी आप ही को होने वाला है। ये उबालना सुखाना आदि क्रिया को घनसत्व बनाना कहते हैं जो कठिन और मेहनत भरा तो है लेकिन जब इसका लाभ मिलना शुरू होता है तो सारा कष्ट भूल जाते हैं।
ऊपर बताया गया घनसत्व ७० ग्राम + शुद्ध शिलाजीत १५ ग्राम + त्रिबंग भस्म १० ग्राम + रस सिंदूर ५ ग्राम इन सब को कस कर मजबूत हाथों से खरल में घोंट लीजिये।
इस औषधि की एक-एक ग्राम मात्रा दिन में दो बार पानी से भोजन के बाद लीजिए। आप चंद ही दिनो में महसूस करेंगे कि आपकी डायबिटीज तो गायब हो ही रही है और साथ ही शरीर में नयी शक्ति का संचार हो रहा है। इसे निरंतर कुछ महीने तक लीजिये ताकि आपकी समस्या स्थायी तौर पर हल हो जाए।