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मंगलवार, अगस्त 04, 2009
आप नपुंसक तो नहीं कहे जा सकते हैं
Published :
8/04/2009 07:47:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
Mai, Rajkumar meri Samasya Hai ke mai Bahut Dubla-Patla hu, or
mughhe kabj ki sakayat rahti hai,mai 24 sal ka ho gaya hu kintu mary dadi-muchh
abi tak nahi aai hai mare dosht kahte hai ke mai namard hau, kyoki mai
7-8 sal tak hastmethun karta tha jho mane chhod diya aap mery samasya ka
samadhan batane ka kast kare taki mai mota or balawan, mard ban saku
Danywad
Rajkumar Chhavariya
राजकुमार जी,आपकी समस्या की गम्भीरता को समझ रहा हूं। इस उम्र तक यदि दाढ़ी-मूंछ न आएं तो सचमुच ये एक हार्मोनल समस्या है......
आगे पढ़े......शेष भाग पुरुषों के रोगों वाले खंड पर जाएं
mughhe kabj ki sakayat rahti hai,mai 24 sal ka ho gaya hu kintu mary dadi-muchh
abi tak nahi aai hai mare dosht kahte hai ke mai namard hau, kyoki mai
7-8 sal tak hastmethun karta tha jho mane chhod diya aap mery samasya ka
samadhan batane ka kast kare taki mai mota or balawan, mard ban saku
Danywad
Rajkumar Chhavariya
राजकुमार जी,आपकी समस्या की गम्भीरता को समझ रहा हूं। इस उम्र तक यदि दाढ़ी-मूंछ न आएं तो सचमुच ये एक हार्मोनल समस्या है......
आगे पढ़े......शेष भाग पुरुषों के रोगों वाले खंड पर जाएं
सोमवार, जून 01, 2009
यूरिन में स्पर्म आ रहा है
Published :
6/01/2009 08:01:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
सर, बाथरूम करता टाइम यूरिन में स्पर्म आ रहा है जी और सेक्स करता टाइम जल्द डिस्चार्ज हो जाता हैं प्लीज हेल्प करिये, मेरी उम्र ३४ साल है (सर मेरी प्रॉब्लम लास्ट 3 साल से चल रही है ) प्लीज जल्दी मदद करें
regards
रणजीत सिंह
रणजीत जी आपने जो समस्या बतायी उसके लिये आप निम्न दवाएं
१ मकरध्वज वटी एक गोली + कुक्कुटाण्डत्वक भस्म एक रत्ती + शुक्रमात्रिका वटी एक गोली दिन में दो बार सुबह-शाम अश्वगंधारिष्ट दो चम्मच के साथ लीजिए
२ बंग भस्म एक रत्ती शहद के साथ सुबह शाम लीजिये।
इस औषधि व्यवस्था को आप कम से कम चालीस दिन तक लें। कब्जियत न रहने दें इसके लिये जरूरत होने पर त्रिफला चूर्ण ले लिया करें।
सोमवार, फ़रवरी 09, 2009
सिर में सेक्स के बाद भयंकर दर्द होता है
Published :
2/09/2009 01:04:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
आदरणीय वैद्य जी चरण स्पर्श
मेरी समस्या कई डाक्टरों को दिखाने पर भी खत्म नहीं हो रही है जितने डाक्टरों को दिखाया सब अलग-अलग सलाह और दवाएं दे कर मेरे ऊपर प्रेक्टिकल सा कर रहे हैं। मुझे अपने वैवाहिक जीवन के निर्वाह में कोई प्राब्लम नही है सब एक सामान्य संतुष्टि के स्तर पर है लेकिन मैं जब भी सेक्स कर चुकता हूं तब मेरे सिर में सम्भोग के बाद भयंकर दर्द होता है, कई बार तो पूरा शरीर थरथराने लगता है ऐसा लगता है कि मैं गिर पड़ूंगा, उठने-बैठने तक में कमजोरी महसूस होती है। जबकि मैं शारीरिक तौर पर एक बलिष्ठ व्यक्ति हूं और काफ़ी मेहनत का काम करने के साथ नियमित जिम्नेशियम में कसरत भी करता हूं। मुझे ये सारी परेशानियां सम्भोग के तुरंत बाद ही होती हैं फिर कुछ देर आराम करने के बाद में जब चाय या काफ़ी आदि पी लेता हूं तब धीरे-धीरे सब सामान्य होने लगता है। ऐसा लगता है कि कोई मस्तिष्क को मुट्ठी में लेकर भींच रहा हो। कुछ लोगों ने झाड़फूंक कराने की सलाह दी है लेकिन मैं इन बातों पर यकीन नहीं करता। आप मेरी मदद करिये मुझे आयुर्वेद पर पूरा विश्वास है।
जैनेन्द्र माड़ा,अजमेर
जैनेन्द्र भाई, समस्या तो वाकई परेशान कर देने वाली है लेकिन गम्भीर नहीं है आप चिंतित न हों। आप निम्न औषधियां लीजिये-
१ . कूंजा मिश्री २० ग्राम रात में १२५ ग्राम पानी में डाल कर ढक कर रख दीजिये। सुबह सूरज उगने से पहले ही निराहार यानि खाली पेट उसे अच्छी तरह से हिला कर धोकर कर पी जाइये। यह प्रयोग तीन दिन तक करिये।
२ . शतावर्यादि चूर्ण एक चम्मच को २५० ग्राम गाय के दूध में मिलाइये और तीन छुहारे डाल कर उबाल लीजिये, दूध आधा रह जाने पर सब मसल कर हल्का सा गरम ही पी लीजिये। इस उपचार को कम से कम चालीस दिन तक लीजिये यदि अधिक लिया तो कोई हानि नहीं होगी बल्कि लाभ ही होगा और बल बढे़गा।
मेरी समस्या कई डाक्टरों को दिखाने पर भी खत्म नहीं हो रही है जितने डाक्टरों को दिखाया सब अलग-अलग सलाह और दवाएं दे कर मेरे ऊपर प्रेक्टिकल सा कर रहे हैं। मुझे अपने वैवाहिक जीवन के निर्वाह में कोई प्राब्लम नही है सब एक सामान्य संतुष्टि के स्तर पर है लेकिन मैं जब भी सेक्स कर चुकता हूं तब मेरे सिर में सम्भोग के बाद भयंकर दर्द होता है, कई बार तो पूरा शरीर थरथराने लगता है ऐसा लगता है कि मैं गिर पड़ूंगा, उठने-बैठने तक में कमजोरी महसूस होती है। जबकि मैं शारीरिक तौर पर एक बलिष्ठ व्यक्ति हूं और काफ़ी मेहनत का काम करने के साथ नियमित जिम्नेशियम में कसरत भी करता हूं। मुझे ये सारी परेशानियां सम्भोग के तुरंत बाद ही होती हैं फिर कुछ देर आराम करने के बाद में जब चाय या काफ़ी आदि पी लेता हूं तब धीरे-धीरे सब सामान्य होने लगता है। ऐसा लगता है कि कोई मस्तिष्क को मुट्ठी में लेकर भींच रहा हो। कुछ लोगों ने झाड़फूंक कराने की सलाह दी है लेकिन मैं इन बातों पर यकीन नहीं करता। आप मेरी मदद करिये मुझे आयुर्वेद पर पूरा विश्वास है।
जैनेन्द्र माड़ा,अजमेर
जैनेन्द्र भाई, समस्या तो वाकई परेशान कर देने वाली है लेकिन गम्भीर नहीं है आप चिंतित न हों। आप निम्न औषधियां लीजिये-
१ . कूंजा मिश्री २० ग्राम रात में १२५ ग्राम पानी में डाल कर ढक कर रख दीजिये। सुबह सूरज उगने से पहले ही निराहार यानि खाली पेट उसे अच्छी तरह से हिला कर धोकर कर पी जाइये। यह प्रयोग तीन दिन तक करिये।
२ . शतावर्यादि चूर्ण एक चम्मच को २५० ग्राम गाय के दूध में मिलाइये और तीन छुहारे डाल कर उबाल लीजिये, दूध आधा रह जाने पर सब मसल कर हल्का सा गरम ही पी लीजिये। इस उपचार को कम से कम चालीस दिन तक लीजिये यदि अधिक लिया तो कोई हानि नहीं होगी बल्कि लाभ ही होगा और बल बढे़गा।
शुक्रवार, जनवरी 23, 2009
पहले जैसी सेक्स की इच्छा नहीं रही
Published :
1/23/2009 11:01:00 pm
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
डॉक्टर साहब-नमस्कारमेरी उम्र 34 साल है और मेरी कुछ महीनों के बाद शादी होने वाली है।बचपन से लेकर अब तक जो गलतियां करी यानि कि हस्तमैथुन किया उसके कारण मुझे शीघ्रपतन की समस्या हो गयी है। अब मेरी पहले जैसी सेक्स की इच्छा नहीं रही। अब मेरी सेक्स में रुचि खत्म हो गई है। और सेक्स करने की कोशिश करता हूँ तो लिंग में पर्याप्त कठोरता नहीं आ पाती और बहुत जल्द ही दो-तीन सेकेंड में ही वीर्य स्खलन हो जाता है यानि शीघ्र पतन हो जाता है! सम्भोग के बाद मुझे तो अब भयंकर कमजोरी भी लगती है प्लीज़ आप मेरी मदद करिए ताकि मेरा वैवाहिक जीवन सुखमय रहे। धन्यवाद
आनंद कुमार
आनंद कुमार जी,बड़े दुर्भाग्य की बात है कि आप विवाह से पूर्व ही शारीरिक संबंधों में उतर चुके हैं और अब जबकि समस्या मुंह फाड़ कर सामने आ गयी है तो औषधियां तलाशते और परेशान होते फिर रहे हैं। हारमोनल परिवर्तनों के कारण आपने हस्त मैथुन आदि जो गलतियां करी हैं उसका तो दुष्परिणाम आपके सामने कामेच्छा की न्यूनता के रूप में आपके सामने आ रहा है लेकिन विवाह से पहले ही आप जिस तरह के संबंधों में उतर चुके हैं उससे शारीरिक ही नहीं सामाजिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। आशा है कि आपको आपकी इस गलती का भी एहसास होगा, लीजिये उपचार प्रस्तुत है इसे कम से कम तीन माह तक लीजिये और तेलीय,मिर्च-मसालेदार,खट्टॆ भोजन से परहेज रखिये-
१ . पूर्ण चंद्र रस एक गोली + पुष्पधन्वा रस एक गोली + मन्मथ रस एक गोली की एक मात्रा बनाएं व हलके गर्म मीठे दूध से दिन में दो बार भोजन के बाद लें।
२ . वानरी वटी एक गोली + मूसली पाक एक चम्मच का सेवन दिन में दो बार अश्वगंधारिष्ट के दो चम्मच से भोजन के बाद करें।
३ . रात्रि भोजन के बाद त्रिफला चूर्ण एक चम्मच गर्म जल में घोल कर पीजिये ताकि कब्जियत न रहे।
आनंद कुमार
आनंद कुमार जी,बड़े दुर्भाग्य की बात है कि आप विवाह से पूर्व ही शारीरिक संबंधों में उतर चुके हैं और अब जबकि समस्या मुंह फाड़ कर सामने आ गयी है तो औषधियां तलाशते और परेशान होते फिर रहे हैं। हारमोनल परिवर्तनों के कारण आपने हस्त मैथुन आदि जो गलतियां करी हैं उसका तो दुष्परिणाम आपके सामने कामेच्छा की न्यूनता के रूप में आपके सामने आ रहा है लेकिन विवाह से पहले ही आप जिस तरह के संबंधों में उतर चुके हैं उससे शारीरिक ही नहीं सामाजिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। आशा है कि आपको आपकी इस गलती का भी एहसास होगा, लीजिये उपचार प्रस्तुत है इसे कम से कम तीन माह तक लीजिये और तेलीय,मिर्च-मसालेदार,खट्टॆ भोजन से परहेज रखिये-
१ . पूर्ण चंद्र रस एक गोली + पुष्पधन्वा रस एक गोली + मन्मथ रस एक गोली की एक मात्रा बनाएं व हलके गर्म मीठे दूध से दिन में दो बार भोजन के बाद लें।
२ . वानरी वटी एक गोली + मूसली पाक एक चम्मच का सेवन दिन में दो बार अश्वगंधारिष्ट के दो चम्मच से भोजन के बाद करें।
३ . रात्रि भोजन के बाद त्रिफला चूर्ण एक चम्मच गर्म जल में घोल कर पीजिये ताकि कब्जियत न रहे।
गुरुवार, जून 19, 2008
मेरा जीवन बर्बाद होने से बचा लीजिए..........
Published :
6/19/2008 09:00:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
डॉक्टर साहब को चरण स्पर्श, आपका ब्लॉग देखकर मैं आपके प्रति नतमस्तक हूँ क्योंकि आप निस्वार्थ लोगों की मदद कर रहे हैं। डॉक्टर साहब मुझे लगता है कि आप मेरे लिए मसीहा बनकर आए हैं। क्योंकि मेरी परेशानी ही कुछ ऐसी है कि जिसे ना तो किसी को बता सकते हैं और ना ही अंदर_ही_अंदर घुटकर जी सकते हैं। काफी प्रयासों (गुगल पर सर्च करके) मुझे आपका ब्लॉग प्राप्त हुआ। मुझे लगता है कि आप ही एकमात्र ऐसे इंसान है जो दूसरे इंसानों का दुख-दर्द समझते हैं। डॉक्टर साहब मेरी उम्र ३० वर्ष है, मेरी सेकंड मैरिज हुई है। पहली पत्नी के साथ मैंने २ साल सुखी वैवाहिक जीवन बिताया (इस समय कोई समस्या नहीं थी, फिर भी कोई संतान उत्पन्न नही हुई) लेकिन भगवान की मर्जी के आगे किसका बस चलता है, पहली बीवी नहीं रही। फिर २ साल इंतजार करने के बाद अब (फरवरी २००८) में मेरी दूसरी शादी मेरे से १० साल छोटी उम्र की लड़की से हुई है (मेरी बीवी की उम्र है २० साल और मेरी ३० साल) लेकिन अब मेरी पहले जैसी सेक्स की इच्छा नहीं रही। अब मेरी सेक्स में रुचि खत्म हो गई है। और सेक्स करने की कोशिश करता हूँ तो लिंग में पर्याप्त कठोरता नहीं आ पाती और बहुत जल्द ही शीघ्र पतन हो जाता है, जिससे मैं अपनी पत्नी को संतुष्ट नहीं कर पा रहा हूँ। मुझे दुख इस बात का है कि अभी तो शुरुआत है, अभी तो बच्चे भी पैदा करना होंगे, यह सब सोचकर मेरा मन घबराता है। अगर ३० साल की उम्र में यह हाल है तो ४० तक भगवान जाने क्या होगा, और वह (मेरी बीवी) ने तो अभी जवानी में कदम ही रखा है। उसे तो कम से कम १०-१५ साल तक संतुष्ट करना ही होगा नहीं तो अनर्थ हो जाएगा। आप जानते होंगे डॉक्टर साहब की क्या अनर्थ हो जाएगा? (मेरा जीवन, और इज्जत बर्बाद हो जाएगी)। प्लीज डॉक्टर साहब मुझे इस मनुष्य जीवन का आनंद लेने का मार्ग बताएँ। वरना मुझे आत्महत्या के लिए और कोई रास्ता नहीं दिखाई देता। मैं क्या करू? एक बात और बताना चाहता हूँ कि पहली शादी के पहले मैंने ५-७ साल तक हस्तमैथुन भी किया था, और मुझे लगता है कि इसी के कारण मेरी आज यह हालत हुई है। प्लीज डॉक्टर साहब मेरा जीवन बर्बाद होने से बचा लीजिए। कोई अच्छी-सी दवाई बताएँ मैं आपका जीवन भर आभारी रहूँगा। प्लीज आपसे मेरा बार-बार निवेदन है। आपकी सलाह के इंतजार में....
धन्यवाद
दिनेश कर्मा
दिनेश जी,विश्वास प्रदर्शित करने के लिये आपका आभारी हूं। आपकी समस्या जितनी बड़ी आपको महसूस हो रही है सच में वह आपकी मानसिक स्थिति के कारण है अन्यथा सब कुछ सामान्य है बस छोटी सी समस्या है। पहले तो एक बात विशेष ध्यान दीजिये कि आप रोज रात को भोजन के बाद एक चम्मच त्रिफला चूर्ण गर्म जल में घोल कर पी लिया करें ताकि कब्जियत न रहे और पेट बराबर साफ होता रहे। अब लीजिये कि क्या उपचार लेना होगा --
१ . शतावर ४० ग्राम + गोखरू ४० ग्राम + कुलंजन ४० ग्राम + विदारीकंद ४० ग्राम + कौंच(केवांच) के बीज ४ ग्राम + उटंगन के बीज ४ ग्राम + छोटी पीपल ४ ग्राम + छोटी इलायची के बीज ४ ग्राम + नागकेशर ४ ग्राम + सफेद मूसली ४ ग्राम + लाल चंदन ४ ग्राम + छरीला ४ ग्राम + गिलोय(गुळवेल)सत्व ४ ग्राम + वंशलोचन ४ ग्राम + मोचरस १० ग्राम ; इन सबको आप किसी भी आयुर्वेद के दवा विक्रेता से सरलता से ले सकते हैं इन्हें पीस कर सुबह शाम गाय के दूध से दो-दो चम्मच सेवन करें तथा उसके बाद १० ग्राम नारियल की गरी चबा लें।
२ . अश्वगंधा चूर्ण,चीनिया कपूर, खुरासानी अजवायन, जायफ़ल, जावित्री, अकरकरा,बच, शुद्ध भांग, रस सिंदूर ; इन सबको सात-सात ग्राम की मात्रा में लेकर कसकर घोंट लें। इन्हें पचास ग्राम मिश्री पीस कर मिला लें। इस मिश्रण को चार-चार ग्राम की मात्रा में रात में भोजन के बाद मलाई मिला कर चाट लीजिये और अगर मिल सके तो ऊपर से एक मूली खा लीजिये।
३ . पुष्पधन्वा रस एक-एक गोली सुबह शाम दूध से लीजिये।
४ . वानरी गुटिका एक गोली + स्वर्णबंग एक रत्ती(१२५ मिग्रा)+ कौंचा पाक एक चम्मच मिला कर दिन में दो बार चाट लें ऊपर से दूध पी लीजिये।
यकीन मानिये कि चार दिन बाद आप खुद ही मुझे मेल करके धन्यवाद कर रहे होंगे कि चमत्कार हो गया। औषधि सेवन तीन माह तक करें व सेवन काल में मिर्च-मसाले व खटाई का सेवन न करें,मांसाहार बंद कर दें।
धन्यवाद
दिनेश कर्मा
दिनेश जी,विश्वास प्रदर्शित करने के लिये आपका आभारी हूं। आपकी समस्या जितनी बड़ी आपको महसूस हो रही है सच में वह आपकी मानसिक स्थिति के कारण है अन्यथा सब कुछ सामान्य है बस छोटी सी समस्या है। पहले तो एक बात विशेष ध्यान दीजिये कि आप रोज रात को भोजन के बाद एक चम्मच त्रिफला चूर्ण गर्म जल में घोल कर पी लिया करें ताकि कब्जियत न रहे और पेट बराबर साफ होता रहे। अब लीजिये कि क्या उपचार लेना होगा --
१ . शतावर ४० ग्राम + गोखरू ४० ग्राम + कुलंजन ४० ग्राम + विदारीकंद ४० ग्राम + कौंच(केवांच) के बीज ४ ग्राम + उटंगन के बीज ४ ग्राम + छोटी पीपल ४ ग्राम + छोटी इलायची के बीज ४ ग्राम + नागकेशर ४ ग्राम + सफेद मूसली ४ ग्राम + लाल चंदन ४ ग्राम + छरीला ४ ग्राम + गिलोय(गुळवेल)सत्व ४ ग्राम + वंशलोचन ४ ग्राम + मोचरस १० ग्राम ; इन सबको आप किसी भी आयुर्वेद के दवा विक्रेता से सरलता से ले सकते हैं इन्हें पीस कर सुबह शाम गाय के दूध से दो-दो चम्मच सेवन करें तथा उसके बाद १० ग्राम नारियल की गरी चबा लें।
२ . अश्वगंधा चूर्ण,चीनिया कपूर, खुरासानी अजवायन, जायफ़ल, जावित्री, अकरकरा,बच, शुद्ध भांग, रस सिंदूर ; इन सबको सात-सात ग्राम की मात्रा में लेकर कसकर घोंट लें। इन्हें पचास ग्राम मिश्री पीस कर मिला लें। इस मिश्रण को चार-चार ग्राम की मात्रा में रात में भोजन के बाद मलाई मिला कर चाट लीजिये और अगर मिल सके तो ऊपर से एक मूली खा लीजिये।
३ . पुष्पधन्वा रस एक-एक गोली सुबह शाम दूध से लीजिये।
४ . वानरी गुटिका एक गोली + स्वर्णबंग एक रत्ती(१२५ मिग्रा)+ कौंचा पाक एक चम्मच मिला कर दिन में दो बार चाट लें ऊपर से दूध पी लीजिये।
यकीन मानिये कि चार दिन बाद आप खुद ही मुझे मेल करके धन्यवाद कर रहे होंगे कि चमत्कार हो गया। औषधि सेवन तीन माह तक करें व सेवन काल में मिर्च-मसाले व खटाई का सेवन न करें,मांसाहार बंद कर दें।
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अग्निकुमार रस
अर्शोघ्नी बटी
आनंद भैरव रस
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अर्शकुठार रस
आमवातेश्वर रस
आमवातारि रस
अश्वकंचुकी(घोड़ाचोली)रस
अग्नितुंडी बटी
अमरसुंदरी बटी
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इच्छाभेदी रस
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उन्माद गजकेशरी
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एलादि वटी
कनकसुंदर रस
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कफ़केतु रस
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कृव्यादि रस
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कल्पतरू रस
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खैरसार बटी
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गुड़मार बटी
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चित्रकादि बटी
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चतुर्मुख रस
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जवाहरमोहरा
दंतोद्भेदगदान्तक
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हिंग्वादि बटी,
ज्वरांकुश रस
जयमंगल रस
लघुमालिनी बसंत
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महावात विध्वंसन
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गुग्गुल
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सप्तविंशतिको
गुग्गुल
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गुग्गुल
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मल्ल सिंदूर
मल्ल चंद्रोदय
रस सिंदूर
शिला सिंदूर
स्वर्णबंग
ताल सिंदूर
रसमाणिक्य,
शिलाजीत(गीला/सूखा)
स्वर्णबंग क्षार