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कुछ सुझाव
रविवार, अगस्त 23, 2009
दोनो पैरोँ मेँ भयंकर दर्द रहता है,दर्द एड़ी से शुरु होता है फिर सूजन आ जाता है
Published :
8/23/2009 05:53:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
सर नमस्कार।मेरी मम्मी की उम्र लगभग ४५ साल है।उन्हेँ लगभग ५ साल से दोनो पैरोँ मेँ भयंकर दर्द रहता है,दर्द एड़ी से शुरु होता है फिर सूजन आ जाता है जो पूरे शरीर मेँ घुटने तक हो जाता है। जिस वजह से न चल पाती हैँ न ही उठ पाती हैँ।फिर बुखार आ जाता है।पैरोँ के उँगलियोँ मेँ तथा जोड़ोँ मेँ कोई गाँठ नही है।दर्द के वजह से सूजन जरुर हो जाता है। इलाज मेँ हर प्रकार से जड़ी-बूटी, एलोपैथी, आयुर्वेदिक, एक्युपंचर सभी किए गए हैँ,कोई कहते हैँ गठिया हैँ कोई आर्थराइटिस कोई वात हैँ।समझ मेँ नहीँ आता है क्या है।हम लोग हार चुके हैँ ,क्या मम्मीजी कभी पूरी तरह से ठीक हो पाएंगी ?हम सभी इस बीमारी से अपना आपा खो चुके हैँ क्या करेँ?क्या मम्मीजी पूरी तरह से पहले जैसी ठीक हो जाएँगी ? इसका ईलाज जरुर बताएँ डाँक्टर साहब मैँ आपका जिँदगी भर आभारी रहूँगा।
आशू सिंह
आशू सिंह जी,आपकी माता जी के ऊपर अब तक चिकित्सकों ने ढेर सारे प्रयोग कर डाले हैं यानि कि आपकी माताजी एक प्रायोगिक जन्तु की भांति कष्ट भोगती रही हैं मुझे उनसे हार्दिक सहानुभूति है। आपने जो लक्षण लिखे हैं उनके आधार पर ये शत-प्रतिशत वात का ही विकार है। आप उन्हें निम्न औषधियां दीजिये-
१. रास्ना घनसत्व ५ ग्राम + एकांगवीर रस १० ग्राम + योगराज गुग्गुलु १० ग्राम+ शुद्ध कुचला चूर्ण २.५ ग्राम + आमवातेश्वर रस १० ग्राम + विषमुष्टिका वटी १० ग्राम इन सबको मिला कर कस कर घोंट लीजिये व एक ग्राम की मात्रा दिन में तीन बार गर्म जल या चाय के साथ दीजिये।
२. रास्ना घनसत्व १० ग्राम + महायोगराज गुग्गुलु १० ग्राम + शुद्ध कुचला १० ग्राम लेकर कस कर घोंट लीजिये व इसमें से एक-एक ग्राम मात्रा दिन में दो बार गर्म जल से लीजिये।
३. सप्ताह में एक बार रात में कब्ज न रहे इसलिये मीठे दूध में कैस्टर आयल(एरण्ड का तेल) एक चम्मच डाल कर पिलाएं।
दही, चावल, मिथाई, तैलीय पदार्थ, ठंडे खाद्य पदार्थ( जैसे फ्रोजन फ़ूड) व गरिष्ठ भोजन खाने में न दें। हल्का व सुपाच्य भोजन लाभ अधिक देगा इस बात का विशेष ध्यान रखें। इस उपचार को न्यूनतम तीन माह दें।
आशू सिंह
आशू सिंह जी,आपकी माता जी के ऊपर अब तक चिकित्सकों ने ढेर सारे प्रयोग कर डाले हैं यानि कि आपकी माताजी एक प्रायोगिक जन्तु की भांति कष्ट भोगती रही हैं मुझे उनसे हार्दिक सहानुभूति है। आपने जो लक्षण लिखे हैं उनके आधार पर ये शत-प्रतिशत वात का ही विकार है। आप उन्हें निम्न औषधियां दीजिये-
१. रास्ना घनसत्व ५ ग्राम + एकांगवीर रस १० ग्राम + योगराज गुग्गुलु १० ग्राम+ शुद्ध कुचला चूर्ण २.५ ग्राम + आमवातेश्वर रस १० ग्राम + विषमुष्टिका वटी १० ग्राम इन सबको मिला कर कस कर घोंट लीजिये व एक ग्राम की मात्रा दिन में तीन बार गर्म जल या चाय के साथ दीजिये।
२. रास्ना घनसत्व १० ग्राम + महायोगराज गुग्गुलु १० ग्राम + शुद्ध कुचला १० ग्राम लेकर कस कर घोंट लीजिये व इसमें से एक-एक ग्राम मात्रा दिन में दो बार गर्म जल से लीजिये।
३. सप्ताह में एक बार रात में कब्ज न रहे इसलिये मीठे दूध में कैस्टर आयल(एरण्ड का तेल) एक चम्मच डाल कर पिलाएं।
दही, चावल, मिथाई, तैलीय पदार्थ, ठंडे खाद्य पदार्थ( जैसे फ्रोजन फ़ूड) व गरिष्ठ भोजन खाने में न दें। हल्का व सुपाच्य भोजन लाभ अधिक देगा इस बात का विशेष ध्यान रखें। इस उपचार को न्यूनतम तीन माह दें।
जो बाल कई बरसों में गिर गये हैं
Published :
8/23/2009 01:14:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
Dear Dr.
I would like to thank you for giving me time on Sunday to discuss my health problems with you.
As suggested by you, I am mentioning my health problems as under:
I am 35 yers of age. I suffer from hyperacidity, heat flushes, high serum uric acid (gout). Apart from this, I suffer from constipation and gas problem. As soon as I eat even a little, my stomach gets distended and it gives me a lot of discomfort. I have observed that over the past 2 years, my semen has become thinner. I think it is because of pitta and body heat. I also suffer from pre mature ejaculation.
Alopecia: I suffer from male pattern baldness for the last 12 years. However, over the last 2-3 years, my hair has been falling at an alarming pace.
I take the following medicines daily:
A sustained release acid inhibitor, PAN 40 a day for hyperacidity
3 Zylorics (morning, noon and night) to control my uric acid levels
4 tablets of Medohar Guggulu thrice a day (12 tablets)
You have rightly diagnosed that my problems are because of Pitta imbalance. My pulse is very strong and gallops prominently. I suffer from body heat, anger, sweating and hyperacidity. Kindly suggest me remedies that correct this imbalance and correct the other problems like alopecia .
Awaiting your response on the medicines. I would like to consume the medicines prepared by your establishment as I have total faith in you. Please suggest further
Respectfully,
Abhiram Mishra
प्रिय अभिराम जी, आपकी समस्या की जड़ तो मात्र एक ही है किन्तु उसके लक्षण अनेक दिखने के कारण आपको प्रतीत हो रहा है कि ढेर सारी समस्याएं है। आपने फोन पर जो बातें बताई थीं और जो लक्षण लिखे हैं उनके आधार पर स्पष्ट दिखायी देता है कि आप पित्तविकार से ग्रस्त हैं जो कि समय के साथ गहराता चला गया और जटिल लक्षण प्रस्तुत करता गया है। आप परेशान न हों और धैर्यपूर्वक निम्न औषधियां लीजिये
१. आंवला घनसत्व + हरड़ घनसत्व + मुलैहठी घनसत्व + भृंगराज घनसत्व २०-२० ग्राम ले कर इस मिश्रण में २० ग्राम स्वर्णमाक्षिक भस्म मिला कर इसकी एक ग्राम मात्रा दिन में दो बार ठंडे जल के साथ लीजिये(इस दवा को बीज निकाले हुए खाली मुनक्के या खाली कैप्सूल में भर कर लिया जा सकता है)
२. भृंगराज + आंवला + मिश्री + साबुत काले तिल २५-२५ ग्राम मिला कर रख लें व इस योग को भी एक-एक ग्राम मात्रा दिन में दो बार ठंडे जल के साथ लीजिये।
३. बालों में तेल इस समय लगाने का कोई उपयोग नहीं होता बल्कि समस्या उलझती ही जाती है अतः रात में (अथवा यदि शिफ़्ट ड्यूटी करते हों तो जब सोने का समय हो) बालों की जड़ों में उंगली के पोरों से हल्के तरीके से पंचतिक्त घृत लगायें(इतना अधिक नहीं कि चूने-टपकने लगे)और सुबह मुल्तानी मिट्टी या एलोवेरा शैम्पू से धो लें।
इस उपचार को नियमित रूप से न्यूनतम छह माह तक करा जाए तब आप देखेंगे कि नए काले छोटे-छोटे बाल खल्वाट त्वचा पर उग रहे हैं। चूंकि यह एक जिद्दी रोग है अतः बिना हताश हुए इलाज करना पड़ता है, यदि हम औषधियों से यह अपेक्षा रखें कि जो बाल कई बरसों में गिर गये हैं वे दवा लेते ही चमत्कारिक रूप से पुनः उग आएंगे तो यह बचपना ही होगा। घैर्य रखना ही इस उपचार का सबसे बड़ा धनात्मक पक्ष है।
I would like to thank you for giving me time on Sunday to discuss my health problems with you.
As suggested by you, I am mentioning my health problems as under:
I am 35 yers of age. I suffer from hyperacidity, heat flushes, high serum uric acid (gout). Apart from this, I suffer from constipation and gas problem. As soon as I eat even a little, my stomach gets distended and it gives me a lot of discomfort. I have observed that over the past 2 years, my semen has become thinner. I think it is because of pitta and body heat. I also suffer from pre mature ejaculation.
Alopecia: I suffer from male pattern baldness for the last 12 years. However, over the last 2-3 years, my hair has been falling at an alarming pace.
I take the following medicines daily:
A sustained release acid inhibitor, PAN 40 a day for hyperacidity
3 Zylorics (morning, noon and night) to control my uric acid levels
4 tablets of Medohar Guggulu thrice a day (12 tablets)
You have rightly diagnosed that my problems are because of Pitta imbalance. My pulse is very strong and gallops prominently. I suffer from body heat, anger, sweating and hyperacidity. Kindly suggest me remedies that correct this imbalance and correct the other problems like alopecia .
Awaiting your response on the medicines. I would like to consume the medicines prepared by your establishment as I have total faith in you. Please suggest further
Respectfully,
Abhiram Mishra
प्रिय अभिराम जी, आपकी समस्या की जड़ तो मात्र एक ही है किन्तु उसके लक्षण अनेक दिखने के कारण आपको प्रतीत हो रहा है कि ढेर सारी समस्याएं है। आपने फोन पर जो बातें बताई थीं और जो लक्षण लिखे हैं उनके आधार पर स्पष्ट दिखायी देता है कि आप पित्तविकार से ग्रस्त हैं जो कि समय के साथ गहराता चला गया और जटिल लक्षण प्रस्तुत करता गया है। आप परेशान न हों और धैर्यपूर्वक निम्न औषधियां लीजिये
१. आंवला घनसत्व + हरड़ घनसत्व + मुलैहठी घनसत्व + भृंगराज घनसत्व २०-२० ग्राम ले कर इस मिश्रण में २० ग्राम स्वर्णमाक्षिक भस्म मिला कर इसकी एक ग्राम मात्रा दिन में दो बार ठंडे जल के साथ लीजिये(इस दवा को बीज निकाले हुए खाली मुनक्के या खाली कैप्सूल में भर कर लिया जा सकता है)
२. भृंगराज + आंवला + मिश्री + साबुत काले तिल २५-२५ ग्राम मिला कर रख लें व इस योग को भी एक-एक ग्राम मात्रा दिन में दो बार ठंडे जल के साथ लीजिये।
३. बालों में तेल इस समय लगाने का कोई उपयोग नहीं होता बल्कि समस्या उलझती ही जाती है अतः रात में (अथवा यदि शिफ़्ट ड्यूटी करते हों तो जब सोने का समय हो) बालों की जड़ों में उंगली के पोरों से हल्के तरीके से पंचतिक्त घृत लगायें(इतना अधिक नहीं कि चूने-टपकने लगे)और सुबह मुल्तानी मिट्टी या एलोवेरा शैम्पू से धो लें।
इस उपचार को नियमित रूप से न्यूनतम छह माह तक करा जाए तब आप देखेंगे कि नए काले छोटे-छोटे बाल खल्वाट त्वचा पर उग रहे हैं। चूंकि यह एक जिद्दी रोग है अतः बिना हताश हुए इलाज करना पड़ता है, यदि हम औषधियों से यह अपेक्षा रखें कि जो बाल कई बरसों में गिर गये हैं वे दवा लेते ही चमत्कारिक रूप से पुनः उग आएंगे तो यह बचपना ही होगा। घैर्य रखना ही इस उपचार का सबसे बड़ा धनात्मक पक्ष है।
बुधवार, अगस्त 05, 2009
३-४ बजे शाम से सर में बहुत तेज़ दर्द होने लगता है
Published :
8/05/2009 08:28:00 pm
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
डॉक्टर साहेब,मेरी माँ को ८-१० दिनों से ३-४ बजे शाम से सर में बहुत तेज़ दर्द होने लगता है, और उनका गला जैसे लगता है की कोई दाब रहा है और चक्कर भी आता है , कुछ दर्द की दवाएं खा रही है पर कोई फायदा नहीं हो रहा है, कृपया इस बीमारी के बारे में बताएं ये किस तरह की बीमारी है, इसे क्या कहते है और इसका क्या इलाज है कहीं इन्हें कोई बड़ी बीमारी तो नहीं हो गयी है मुझे बहुत घबराहट लगने लग रहा है उनकी उमर लगभग ४० साल की होगी, डॉक्टर साहेब कृपया कर मेरी माँ कौन सी बीमारी है और इसका क्या इलाज़ है वो भी कृपया कर बताएं
धन्यवाद
shyam kumar
प्रिय श्याम जी आपकी माता जी के बारे में आपने जो लक्षण बताए हैं उनसे कुछ विशेष स्पष्ट नहीं हो रहा है किंतु जैसा कि आपने बताया कि जो लक्षण हैं वे हैं - शाम को निश्चित समय पर सिर में तेज दर्द, गला दबाने जैसी अनुभूति और चक्कर आना। अपने अनुभव के आधार पर विचार करने पर समझा कि स्पष्ट सी बात है कि इतने समय तक सामान्यतः लोग दोपहर का भोजन कर चुके होते हैं और यह पेट में भोजन के पाचन का समय होता है। इस समय पित्त प्रबल रहता है किन्तु आपकी माता जी की समस्या के साथ में दर्द का होना वायु के प्रकोप को भी बताता है किन्तु वह उतना प्रबल नहीं है जब तक उस पर पित्त का आवरण नहीं आ जाता समस्या शुरू नहीं होती है। आपने ये नहीं बताया कि क्या ये लक्षण कुछ समय बाद स्वयं ही शांत हो जाते हैं या आप कोई उपाय करते हैं, उनका हाजमा कैसा है, क्या कब्जियत रहती है,मासिक धर्म आदि में कोई समस्या तो नहीं है आदि; यदि विस्तार से लिखें तो कोई दिक्कत न होगी और तत्काल सही व सटीक उपचार मिल जाएगा। फिलहाल आप निम्न उपचार माताजी को दें--
१. कपूर + मेन्थाल(पिपरमिंट, जिसे पान में ठंडक के लिये डाला जाता है) बराबर मात्रा में मिला लीजिये और टाइट ढक्कन की कांच की शीशी में रख लीजिये तथा दोपहर का भोजन करने के आधा घंटे बाद एक बूंद उंगली पर लेकर माताजी की नाभि पर लगा दीजिये।
२. दूब(दूर्वा) ये साधारणतया पायी जाने वाली हरी घास है इसे लाकर मिट्टी साफ़ करके इतनी मात्रा में पीसिये कि एक चम्मच रस निकल आए। इस तरह से ताजा निकाला हुआ रस माता जी को सुबह नाश्ते के बाद तथा रात्रि को भोजन के आधा घंटे बाद दीजिए और उसके बाद एक घंटे तक पानी न पिएं।
इस उपचार को एक सप्ताह तक दीजिये और आयुषवेद के संपर्क में रहिए, तेज मिर्च-मसालेदार भोजन, मांसाहार से परहेज कराइये।
धन्यवाद
shyam kumar
प्रिय श्याम जी आपकी माता जी के बारे में आपने जो लक्षण बताए हैं उनसे कुछ विशेष स्पष्ट नहीं हो रहा है किंतु जैसा कि आपने बताया कि जो लक्षण हैं वे हैं - शाम को निश्चित समय पर सिर में तेज दर्द, गला दबाने जैसी अनुभूति और चक्कर आना। अपने अनुभव के आधार पर विचार करने पर समझा कि स्पष्ट सी बात है कि इतने समय तक सामान्यतः लोग दोपहर का भोजन कर चुके होते हैं और यह पेट में भोजन के पाचन का समय होता है। इस समय पित्त प्रबल रहता है किन्तु आपकी माता जी की समस्या के साथ में दर्द का होना वायु के प्रकोप को भी बताता है किन्तु वह उतना प्रबल नहीं है जब तक उस पर पित्त का आवरण नहीं आ जाता समस्या शुरू नहीं होती है। आपने ये नहीं बताया कि क्या ये लक्षण कुछ समय बाद स्वयं ही शांत हो जाते हैं या आप कोई उपाय करते हैं, उनका हाजमा कैसा है, क्या कब्जियत रहती है,मासिक धर्म आदि में कोई समस्या तो नहीं है आदि; यदि विस्तार से लिखें तो कोई दिक्कत न होगी और तत्काल सही व सटीक उपचार मिल जाएगा। फिलहाल आप निम्न उपचार माताजी को दें--
१. कपूर + मेन्थाल(पिपरमिंट, जिसे पान में ठंडक के लिये डाला जाता है) बराबर मात्रा में मिला लीजिये और टाइट ढक्कन की कांच की शीशी में रख लीजिये तथा दोपहर का भोजन करने के आधा घंटे बाद एक बूंद उंगली पर लेकर माताजी की नाभि पर लगा दीजिये।
२. दूब(दूर्वा) ये साधारणतया पायी जाने वाली हरी घास है इसे लाकर मिट्टी साफ़ करके इतनी मात्रा में पीसिये कि एक चम्मच रस निकल आए। इस तरह से ताजा निकाला हुआ रस माता जी को सुबह नाश्ते के बाद तथा रात्रि को भोजन के आधा घंटे बाद दीजिए और उसके बाद एक घंटे तक पानी न पिएं।
इस उपचार को एक सप्ताह तक दीजिये और आयुषवेद के संपर्क में रहिए, तेज मिर्च-मसालेदार भोजन, मांसाहार से परहेज कराइये।
मंगलवार, अगस्त 04, 2009
आप नपुंसक तो नहीं कहे जा सकते हैं
Published :
8/04/2009 07:47:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
Mai, Rajkumar meri Samasya Hai ke mai Bahut Dubla-Patla hu, or
mughhe kabj ki sakayat rahti hai,mai 24 sal ka ho gaya hu kintu mary dadi-muchh
abi tak nahi aai hai mare dosht kahte hai ke mai namard hau, kyoki mai
7-8 sal tak hastmethun karta tha jho mane chhod diya aap mery samasya ka
samadhan batane ka kast kare taki mai mota or balawan, mard ban saku
Danywad
Rajkumar Chhavariya
राजकुमार जी,आपकी समस्या की गम्भीरता को समझ रहा हूं। इस उम्र तक यदि दाढ़ी-मूंछ न आएं तो सचमुच ये एक हार्मोनल समस्या है......
आगे पढ़े......शेष भाग पुरुषों के रोगों वाले खंड पर जाएं
mughhe kabj ki sakayat rahti hai,mai 24 sal ka ho gaya hu kintu mary dadi-muchh
abi tak nahi aai hai mare dosht kahte hai ke mai namard hau, kyoki mai
7-8 sal tak hastmethun karta tha jho mane chhod diya aap mery samasya ka
samadhan batane ka kast kare taki mai mota or balawan, mard ban saku
Danywad
Rajkumar Chhavariya
राजकुमार जी,आपकी समस्या की गम्भीरता को समझ रहा हूं। इस उम्र तक यदि दाढ़ी-मूंछ न आएं तो सचमुच ये एक हार्मोनल समस्या है......
आगे पढ़े......शेष भाग पुरुषों के रोगों वाले खंड पर जाएं
सोमवार, अगस्त 03, 2009
Bilateral polycystic kidney की समस्या
Published :
8/03/2009 12:06:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
Aadab bhai jan, bhai ki medical reports bhej raha hun ham sabhi ko apse bahut sari ashyen hain...
Present Condition:
Bilateral polysystic kidey with cholelithiasis
निम्न लक्षण हैं.......
१.दोनों पैर में सूजन है दाहिने पैर में ज्यादा व पंजे में अधिक है पैर की नसों व उँगलियों में दर्द,कुल्हे तक दर्द.
२.पेशाब रुक रुक कर होता है.कभी कभी पेशाब में जलन अधिक रहती है और जलन गले तक होती है.
३.पीठ में दोनों तरफ दर्द रहता है.बाएँ तरफ दर्द अधिक रहता है.
४.कभी कभी मतली होती है और कभी उलटी भी हो जाती है.
(करीब दस सालों से ये दिक्कत है. कमजोरी बहोत है और वज़न भी करीब ४७ किलो है.)
गुफ़रान सिद्दिकी,इलाहाबाद
प्रिय गुफ़रान भाई, आपके द्वारा भेजे गए पत्र में जो लक्षण और संलग्न रिपोर्ट्स थीं उन्हें जाना समझा। चूंकि जब रोग पुराना हो जाता है तो पुनः स्वास्थ्य आने में समय लगता है। इसलिये चिकित्सा काल में इच्छित परिणाम मे लिये धैर्य रखें। रोगी को निम्न उपचार दें-
१. शतावरी चूर्ण एक चम्मच + मुलैहठी चूर्ण एक चम्मच मिला कर एक कप दूध के साथ सुबह-शाम दें ध्यान रखिए कि दूध गर्म न करें सामान्य ताप पर ही दें।
२. अविपत्तिकर चूर्ण आधा चम्मच भोजन के आधे घंटे पहले जल से दीजिए दिन में दो बार दें।
३. क्षार पर्पटी एक ग्राम + सज्जीखार एक ग्राम + पुननर्वादि गुग्गुलु एक गोली को नींबू शर्बत या शहद के साथ दिन में तीन बार सुबह दोपह शाम को दीजिये(खाली पेट न दें)
४. त्रिफला २ ग्राम + कुटकी एक ग्राम + मुनक्का ३ ग्राम मिला कर मुनक्के को मसल कर बनाए शर्बत के साथ दें(इस शर्बत के स्थान पर हरीतक्यादि क्वाथ दें तो बेहतर परिणाम मिलते हैं)
भोजन में अधिकतम दूध रोटी या दूध चावल का सेवन हितकर है। नमक, तेल, मिर्च, अचार, दही,कुल्थी की दाल,मसूर आदि जैसे गर्म और भारी भोजन का त्याग करें। मांसाहार(अंडे भी) पूरी तरह सख्ती से बंद कर दें यह रोगी के लिए विष के समान है। फलों में पके केले, अनार, नारियल, मोसम्बी, आंवला दे सकते हैं; लौकी, परवल, करेला, कद्दू की सब्जी दीजिये किन्तु ध्यान रहे कि ये सब मसालेदार न हो। सब्जी में देसी घी और जीरे का छौंक दे सकते हैं।
Present Condition:
Bilateral polysystic kidey with cholelithiasis
निम्न लक्षण हैं.......
१.दोनों पैर में सूजन है दाहिने पैर में ज्यादा व पंजे में अधिक है पैर की नसों व उँगलियों में दर्द,कुल्हे तक दर्द.
२.पेशाब रुक रुक कर होता है.कभी कभी पेशाब में जलन अधिक रहती है और जलन गले तक होती है.
३.पीठ में दोनों तरफ दर्द रहता है.बाएँ तरफ दर्द अधिक रहता है.
४.कभी कभी मतली होती है और कभी उलटी भी हो जाती है.
(करीब दस सालों से ये दिक्कत है. कमजोरी बहोत है और वज़न भी करीब ४७ किलो है.)
गुफ़रान सिद्दिकी,इलाहाबाद
प्रिय गुफ़रान भाई, आपके द्वारा भेजे गए पत्र में जो लक्षण और संलग्न रिपोर्ट्स थीं उन्हें जाना समझा। चूंकि जब रोग पुराना हो जाता है तो पुनः स्वास्थ्य आने में समय लगता है। इसलिये चिकित्सा काल में इच्छित परिणाम मे लिये धैर्य रखें। रोगी को निम्न उपचार दें-
१. शतावरी चूर्ण एक चम्मच + मुलैहठी चूर्ण एक चम्मच मिला कर एक कप दूध के साथ सुबह-शाम दें ध्यान रखिए कि दूध गर्म न करें सामान्य ताप पर ही दें।
२. अविपत्तिकर चूर्ण आधा चम्मच भोजन के आधे घंटे पहले जल से दीजिए दिन में दो बार दें।
३. क्षार पर्पटी एक ग्राम + सज्जीखार एक ग्राम + पुननर्वादि गुग्गुलु एक गोली को नींबू शर्बत या शहद के साथ दिन में तीन बार सुबह दोपह शाम को दीजिये(खाली पेट न दें)
४. त्रिफला २ ग्राम + कुटकी एक ग्राम + मुनक्का ३ ग्राम मिला कर मुनक्के को मसल कर बनाए शर्बत के साथ दें(इस शर्बत के स्थान पर हरीतक्यादि क्वाथ दें तो बेहतर परिणाम मिलते हैं)
भोजन में अधिकतम दूध रोटी या दूध चावल का सेवन हितकर है। नमक, तेल, मिर्च, अचार, दही,कुल्थी की दाल,मसूर आदि जैसे गर्म और भारी भोजन का त्याग करें। मांसाहार(अंडे भी) पूरी तरह सख्ती से बंद कर दें यह रोगी के लिए विष के समान है। फलों में पके केले, अनार, नारियल, मोसम्बी, आंवला दे सकते हैं; लौकी, परवल, करेला, कद्दू की सब्जी दीजिये किन्तु ध्यान रहे कि ये सब मसालेदार न हो। सब्जी में देसी घी और जीरे का छौंक दे सकते हैं।
गुरुवार, जुलाई 23, 2009
अल्पविकसित व छोटे स्तनों के लिये आयुर्वेदिक योग
Published :
7/23/2009 06:31:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
महिलाओं के अल्पविकसित छोटे स्तनों को बढ़ा कर सौन्दर्य वर्धक योग
महिलाओ के लिए इस महत्त्वपूर्ण योग के लिये क्लिक करें।
महिलाओ के लिए इस महत्त्वपूर्ण योग के लिये क्लिक करें।
बुधवार, जुलाई 22, 2009
पुरुषों के लिये
Published :
7/22/2009 09:46:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
"पुरुषों के लिये" स्तंभ में नया आलेख
क्लिक करिये।
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सोमवार, जुलाई 20, 2009
गाल पे PIMPLE/ACNE के कारण कुछ गढ़े-गढ़े से निशान से बन गये हैं
Published :
7/20/2009 01:51:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
सर नमस्कार,
हमें आपका ई- मेल अड्रेस आपके आयुष ब्लॉग से मिली |
हम भी रोग निदान की उम्मीद से अपनी दो समस्या लिख रहें हैं |
1.) मेरे सिर में गीला dandruffसा कुछ निकलता रहता है जो की डेली साबुन/संपू से साफ करने पर भी हरेक दिन आ जाता है जो की बदबू भी करता है और हल्की खुजलाहट भी रहती है | अगर चेहरे पर dandruff लग जाए तो पसवाले चकत्ते/Acne आ जाते हैं |
2.) मेरे गाल पे PIMPLE/ACNE के कारण कुछ गढ़े-गढ़े से निशान से बन गये हैं, क्या ये भर सकता है ?
मैं बहुत आभारी होऊंगा, अगर हमे भी कुछ सलाह/ चिकित्सा संबंधी परामर्श देने की कृपा करेंगे |
धन्यवाद और नमस्कार
संतोष
संतोष जी आपकी समस्या संबंधी सुझाव कई दिनों बाद दे पा रहा हूं क्षमा चाहता हूं। आप निम्न औषधियां नियमित रूप से तीन माह तक लीजिये-
१. गंधक रसायन १०० मिग्रा.+रस माणिक्य १०० मिग्रा.+ गिलोय सत्व २०० मिग्रा. इन्हें घोंट कर एक कर लें तथा दिन में तीन बार खदिरारिष्ट + महामंजिष्ठादि काढ़े के दो चम्मच के साथ सेवन करें।
२. त्रिफला चूर्ण दो चम्मच दिन में दो बार गुनगुने जल के साथ सेवन करें।
३. यदि चाहें तो सोमराजी तेल रात में सोते समय हलके हाथ से प्रभावित अंग पर लगा लिया करें।
मसालेदार आहार से दूर रहें साथ ही बाजारू चायनीज आदि व्यंजन से भी बचें।
हमें आपका ई- मेल अड्रेस आपके आयुष ब्लॉग से मिली |
हम भी रोग निदान की उम्मीद से अपनी दो समस्या लिख रहें हैं |
1.) मेरे सिर में गीला dandruffसा कुछ निकलता रहता है जो की डेली साबुन/संपू से साफ करने पर भी हरेक दिन आ जाता है जो की बदबू भी करता है और हल्की खुजलाहट भी रहती है | अगर चेहरे पर dandruff लग जाए तो पसवाले चकत्ते/Acne आ जाते हैं |
2.) मेरे गाल पे PIMPLE/ACNE के कारण कुछ गढ़े-गढ़े से निशान से बन गये हैं, क्या ये भर सकता है ?
मैं बहुत आभारी होऊंगा, अगर हमे भी कुछ सलाह/ चिकित्सा संबंधी परामर्श देने की कृपा करेंगे |
धन्यवाद और नमस्कार
संतोष
संतोष जी आपकी समस्या संबंधी सुझाव कई दिनों बाद दे पा रहा हूं क्षमा चाहता हूं। आप निम्न औषधियां नियमित रूप से तीन माह तक लीजिये-
१. गंधक रसायन १०० मिग्रा.+रस माणिक्य १०० मिग्रा.+ गिलोय सत्व २०० मिग्रा. इन्हें घोंट कर एक कर लें तथा दिन में तीन बार खदिरारिष्ट + महामंजिष्ठादि काढ़े के दो चम्मच के साथ सेवन करें।
२. त्रिफला चूर्ण दो चम्मच दिन में दो बार गुनगुने जल के साथ सेवन करें।
३. यदि चाहें तो सोमराजी तेल रात में सोते समय हलके हाथ से प्रभावित अंग पर लगा लिया करें।
मसालेदार आहार से दूर रहें साथ ही बाजारू चायनीज आदि व्यंजन से भी बचें।
रविवार, जून 07, 2009
सफ़ेद दाग, सेक्स और बदन दर्द की समस्या भी है
Published :
6/07/2009 07:29:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
vaidh ji,
om sai ram
meri age 36 year hai mujhe safed daag ho gaye hai neck per (backside 3 spot hai, left side ear ke paas ek bada sa spot hai. kya iska koi saral upchhar hai aur yadi aap medicine bhejte hai to kya kharcha aayega?second, mere left hand per near to elbow bhaut kharish hoti hai aur dane se ho gaye hai kripa karke ilaaj bataye
third, sex karen ke baad or na karene se bhi mere legs me ghutno se niche our uppar bhi and elbo se upar baju wale hisse may bahut pain hota hai jab mai koi kas kar kapda bandh kar soti hun tho nind aathi hai mai is baat se bahut pareshan hu kripa koi uppai battaye.
please do me mail
mrs. s. sharma
बहन जी, आपने कई समस्याओं को साथ में लिखा है इससे पता चलता है कि आप सचमुच स्वास्थ्य के प्रति गम्भीर हैं। आपकी देह की सारी समस्याओं का कारण मात्र कफ-पित्त-वात के विकार के कारण होता है और इनके साम्य से स्वास्थ्य बना रहता है। अनेक बीमारियों के लक्षणों का कारण मात्र एक ही होता है जबकि लक्षण ढेर सारे हो कर एक सिन्ड्रोम जैसा पैदा कर देते हैं। आप निम्न औषधियां लीजिये--
१. हल्दी ३०० मिग्रा. + काले तिल ३०० मिग्रा. + बाकुची चूर्ण ३०० मिग्रा. मिला कर एक मात्रा बनाएं व ऐसी तीन मात्राएं दिन में गर्म पानी से लीजिए।
२. श्वित्रारि वटी को पानी में घिस कर प्रभावित अंग पर लगाइये। कभी-कभी अधिक संवेदनशील लोगों को इस वटी से फुंसियां सी हो जाती हैं तो ऐसा होने पर अगली औषधि प्रयोग करें।
३. श्वित्रारि घी को प्रभावित अंग पर दिन में कई बार लगाएं।
४. विषतिंदुक वटी एक गोली दिन में तीन बार गर्म पानी से लीजिये।
इस औषधि व्यवस्था को चालीस दिन तक जारी रखिए व प्रभाव के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर आगे जारी रखें।
om sai ram
meri age 36 year hai mujhe safed daag ho gaye hai neck per (backside 3 spot hai, left side ear ke paas ek bada sa spot hai. kya iska koi saral upchhar hai aur yadi aap medicine bhejte hai to kya kharcha aayega?second, mere left hand per near to elbow bhaut kharish hoti hai aur dane se ho gaye hai kripa karke ilaaj bataye
third, sex karen ke baad or na karene se bhi mere legs me ghutno se niche our uppar bhi and elbo se upar baju wale hisse may bahut pain hota hai jab mai koi kas kar kapda bandh kar soti hun tho nind aathi hai mai is baat se bahut pareshan hu kripa koi uppai battaye.
please do me mail
mrs. s. sharma
बहन जी, आपने कई समस्याओं को साथ में लिखा है इससे पता चलता है कि आप सचमुच स्वास्थ्य के प्रति गम्भीर हैं। आपकी देह की सारी समस्याओं का कारण मात्र कफ-पित्त-वात के विकार के कारण होता है और इनके साम्य से स्वास्थ्य बना रहता है। अनेक बीमारियों के लक्षणों का कारण मात्र एक ही होता है जबकि लक्षण ढेर सारे हो कर एक सिन्ड्रोम जैसा पैदा कर देते हैं। आप निम्न औषधियां लीजिये--
१. हल्दी ३०० मिग्रा. + काले तिल ३०० मिग्रा. + बाकुची चूर्ण ३०० मिग्रा. मिला कर एक मात्रा बनाएं व ऐसी तीन मात्राएं दिन में गर्म पानी से लीजिए।
२. श्वित्रारि वटी को पानी में घिस कर प्रभावित अंग पर लगाइये। कभी-कभी अधिक संवेदनशील लोगों को इस वटी से फुंसियां सी हो जाती हैं तो ऐसा होने पर अगली औषधि प्रयोग करें।
३. श्वित्रारि घी को प्रभावित अंग पर दिन में कई बार लगाएं।
४. विषतिंदुक वटी एक गोली दिन में तीन बार गर्म पानी से लीजिये।
इस औषधि व्यवस्था को चालीस दिन तक जारी रखिए व प्रभाव के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर आगे जारी रखें।
Renal Calculi है
Published :
6/07/2009 07:25:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
Dear sir
sir mera name sangeeta ha.mare bhai ki kidny ke right and laft side me 13mm and 14mm ki Renal Calculi ha. hame last week hi pata chala ha. ab se phle kabhi pain nahi hua tha. iske leye hame opration karana pdega ya kisi daise treatment se nikal jayegi. or kya ye bad me bhi ho sakti ha ya nahi. iske leye kya -2 pahraj rakna hoga, plz mujhe mail kare.
Sangeeta
संगीता बहन,परेशान न हों आप भाई को निम्न औषधियां दीजिये-
१. कलमी शोरा ५०० मिग्रा. + जवाखार ५०० मिग्रा + हजरुलयहूद भस्म १२५ मिग्रा इन्हें दो चम्मच पुनर्नवासव के साथ दिन में तीन बार लीजिये।
२. शूलगजकेशरी रस १२५ मिग्रा. + शीतल पर्पटी २५० मिग्रा. + श्वेत पर्पटी २५० मिग्रा. पानी से दिन में दो बार दीजिये।
इस उपचार को एक माह तक देने के बाद पुनः जांच करा लीजिये ताकि आपकी संतुष्टि हो जाए के पथरी घुल कर मूत्र से बाहर निकल गयी है।
sir mera name sangeeta ha.mare bhai ki kidny ke right and laft side me 13mm and 14mm ki Renal Calculi ha. hame last week hi pata chala ha. ab se phle kabhi pain nahi hua tha. iske leye hame opration karana pdega ya kisi daise treatment se nikal jayegi. or kya ye bad me bhi ho sakti ha ya nahi. iske leye kya -2 pahraj rakna hoga, plz mujhe mail kare.
Sangeeta
संगीता बहन,परेशान न हों आप भाई को निम्न औषधियां दीजिये-
१. कलमी शोरा ५०० मिग्रा. + जवाखार ५०० मिग्रा + हजरुलयहूद भस्म १२५ मिग्रा इन्हें दो चम्मच पुनर्नवासव के साथ दिन में तीन बार लीजिये।
२. शूलगजकेशरी रस १२५ मिग्रा. + शीतल पर्पटी २५० मिग्रा. + श्वेत पर्पटी २५० मिग्रा. पानी से दिन में दो बार दीजिये।
इस उपचार को एक माह तक देने के बाद पुनः जांच करा लीजिये ताकि आपकी संतुष्टि हो जाए के पथरी घुल कर मूत्र से बाहर निकल गयी है।
गुरुवार, जून 04, 2009
मेरे गाल धसे हुए है, बहुत ही दुबला पतला हूं
Published :
6/04/2009 09:01:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
5नमस्ते सर
मेरा नाम परमेश्वर है। मेरी उम्र 23 साल है वजन 42 किलो व लम्बाई 5 फुट है। मेरी समस्या है कि मै बहुत ही दुबला पतला हु। मै 10 से 12 घंटे कम्प्यूटर पर काम करता हूं। मै पहले कभी हस्तमैथुन कर लेता था। क्या इसकी वजह से दुबलापन है या कोई और वजह से है। कृपया इसका उपचार बताये जिससे कि मेरा शरीर हष्ट पुष्ट और मोटा हो जाय। मेरे गाल धसे हुए है। कृपया उस दवा का नाम बताये जिससे मै मोटा हो सकता हू। और वह दवा कब तक लेना और कैसे लेना है। और किस कम्पनी का लेना है। कृपया ई-मेल करे सर मै इसके लिए आपका हमेशा आभारी रहुंगा।
धन्यवाद
प्रिय परमेश्वर जी, आप निम्न दवाएं नियम पूर्वक तीन माह तक लीजिये और खूब काम करिये कोई परेशानी नहीं होगी साथ ही आपकी चाहत के अनुसार आपके पिचके गाल भी भर जाएंगे और वजन बढ़ कर शरीर सुंदर लगने लगेगा-
१. अश्वगंधा चूर्ण एक ग्राम + विधारा चूर्ण एक ग्राम इस मिश्रण को सुबह शाम शहद के साथ चाट कर ऊपर से अश्वगंधारिष्ट दो चम्मच पी लिया करिये।
२. लशुनादि वटी एक गोली + आरोग्यवर्धिनी वटी एक गोली दिन में दो बार गर्म पानी से लीजिये।
३. लौह भस्म(शतपुटी) १२५ मिग्रा. शहद के साथ दिन में दो बार लीजिये।
औषधियां खाली पेट न लें।
मेरा नाम परमेश्वर है। मेरी उम्र 23 साल है वजन 42 किलो व लम्बाई 5 फुट है। मेरी समस्या है कि मै बहुत ही दुबला पतला हु। मै 10 से 12 घंटे कम्प्यूटर पर काम करता हूं। मै पहले कभी हस्तमैथुन कर लेता था। क्या इसकी वजह से दुबलापन है या कोई और वजह से है। कृपया इसका उपचार बताये जिससे कि मेरा शरीर हष्ट पुष्ट और मोटा हो जाय। मेरे गाल धसे हुए है। कृपया उस दवा का नाम बताये जिससे मै मोटा हो सकता हू। और वह दवा कब तक लेना और कैसे लेना है। और किस कम्पनी का लेना है। कृपया ई-मेल करे सर मै इसके लिए आपका हमेशा आभारी रहुंगा।
धन्यवाद
प्रिय परमेश्वर जी, आप निम्न दवाएं नियम पूर्वक तीन माह तक लीजिये और खूब काम करिये कोई परेशानी नहीं होगी साथ ही आपकी चाहत के अनुसार आपके पिचके गाल भी भर जाएंगे और वजन बढ़ कर शरीर सुंदर लगने लगेगा-
१. अश्वगंधा चूर्ण एक ग्राम + विधारा चूर्ण एक ग्राम इस मिश्रण को सुबह शाम शहद के साथ चाट कर ऊपर से अश्वगंधारिष्ट दो चम्मच पी लिया करिये।
२. लशुनादि वटी एक गोली + आरोग्यवर्धिनी वटी एक गोली दिन में दो बार गर्म पानी से लीजिये।
३. लौह भस्म(शतपुटी) १२५ मिग्रा. शहद के साथ दिन में दो बार लीजिये।
औषधियां खाली पेट न लें।
शीघ्रपतन की समस्या से वैवाहिक जीवन बर्बाद है
Published :
6/04/2009 08:49:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
Sir,
Main ak 26 varshiy vivahit ladka hoon.meri samasya yeh hai ki
1. mere gupt ang mein thik se tanav nahi aata hai aur jo aata hai to kuch hi second mein chala jata hai
2. Maine kai baar sehwas kerne ki koshish ki par har baar 5-7 second mein discharge ho gaya.
3. pesaab mein bhi viry aata hai
4. kuch sochne pe bhi viry nikal jata hai
5. mere ling ka aage ka part bhaut jyada sensitive hai use chhute viry nikal jata hai
Kripya meri madam karan bhaut jyada pareshaan hain meri shaadui bas tootne ko hi hai. kripya koi jald se jald achook upchaar bataye.
Dhanyawad
Aapka ati aabhaari
Ravi
रवि जी, आपकी समस्या भी तमाम अन्य भाइयों जैसी ही है अतः आप परेशान न हों और निम्न उपचार लेना प्रारंभ करें व कम से कम तीन माह तक लें-
१. मकरध्वज वटी एक गोली + महामन्मथ रस एक गोली + पूर्णचंद्र रस एक गोली इन तीनो दवाओं की एक मात्रा बनाएं व इस तरह की तीन खुराक दिन में शहद मिले दूध से लें(खाली पेट न लें)
२. शुद्ध शिलाजीत २५० मिग्रा. दिन में तीन बार दूध से लें।
इस उपचार के दौरान मांसाहार, खटाई युक्त भोजन,मिर्च-मसालेदार पदार्थों का सेवन न करें, शराब या अन्य व्यसन बिलकुल बंद करें।
Main ak 26 varshiy vivahit ladka hoon.meri samasya yeh hai ki
1. mere gupt ang mein thik se tanav nahi aata hai aur jo aata hai to kuch hi second mein chala jata hai
2. Maine kai baar sehwas kerne ki koshish ki par har baar 5-7 second mein discharge ho gaya.
3. pesaab mein bhi viry aata hai
4. kuch sochne pe bhi viry nikal jata hai
5. mere ling ka aage ka part bhaut jyada sensitive hai use chhute viry nikal jata hai
Kripya meri madam karan bhaut jyada pareshaan hain meri shaadui bas tootne ko hi hai. kripya koi jald se jald achook upchaar bataye.
Dhanyawad
Aapka ati aabhaari
Ravi
रवि जी, आपकी समस्या भी तमाम अन्य भाइयों जैसी ही है अतः आप परेशान न हों और निम्न उपचार लेना प्रारंभ करें व कम से कम तीन माह तक लें-
१. मकरध्वज वटी एक गोली + महामन्मथ रस एक गोली + पूर्णचंद्र रस एक गोली इन तीनो दवाओं की एक मात्रा बनाएं व इस तरह की तीन खुराक दिन में शहद मिले दूध से लें(खाली पेट न लें)
२. शुद्ध शिलाजीत २५० मिग्रा. दिन में तीन बार दूध से लें।
इस उपचार के दौरान मांसाहार, खटाई युक्त भोजन,मिर्च-मसालेदार पदार्थों का सेवन न करें, शराब या अन्य व्यसन बिलकुल बंद करें।
शराब छुड़ाने के बारे में
Published :
6/04/2009 08:42:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
Sir, i want the medicine for stopping liquor.
Mere Bhai Ko Sarab Ki Jyadi Hi Lat Lag Gayi Hai. Main Uski Sarab Chudhana Chhahta Hoon. Mujhe Dawai Bhejne Ki Kripa Kare. Dawai Ki Fees Kya Hogi. Ye Bhi Bata De.
Thanks
Amit
अमित जी आपने जैसा बताया कि शराब की आदत भाई को लग चुकी है तो जाहिर है कि दवा उन्हें बिना उनकी जानकारी के ही देना होगा। वैसे यदि आप चाहें तो आयुषवेद के पेज पर दांयी तरफ लगे एक छोटे से सर्च इंजन का उपयोग कर सकते हैं जिस पर लिखा है "खुद तलाशिये", उसमें शराब टाइप करिये और संबंधित काफ़ी उपयोगी जानकारियां आपको मिल जाएंगी यदि कारगर उपाय मिल जाए तो बेहतर है क्योंकि पहले ही आयुषवेद पर शराब छुड़ाने के बारे में बहुत कुछ लिखा जा चुका है। यदि आपको लगे कि आपका कार्य सिद्ध नहीं हो रहा है तो फिर ई-मेल करें आपको अवश्य शराब छुड़ाने की आयुषवेद द्वारा निर्मित औषधि भेज दी जाएगी।
Mere Bhai Ko Sarab Ki Jyadi Hi Lat Lag Gayi Hai. Main Uski Sarab Chudhana Chhahta Hoon. Mujhe Dawai Bhejne Ki Kripa Kare. Dawai Ki Fees Kya Hogi. Ye Bhi Bata De.
Thanks
Amit
अमित जी आपने जैसा बताया कि शराब की आदत भाई को लग चुकी है तो जाहिर है कि दवा उन्हें बिना उनकी जानकारी के ही देना होगा। वैसे यदि आप चाहें तो आयुषवेद के पेज पर दांयी तरफ लगे एक छोटे से सर्च इंजन का उपयोग कर सकते हैं जिस पर लिखा है "खुद तलाशिये", उसमें शराब टाइप करिये और संबंधित काफ़ी उपयोगी जानकारियां आपको मिल जाएंगी यदि कारगर उपाय मिल जाए तो बेहतर है क्योंकि पहले ही आयुषवेद पर शराब छुड़ाने के बारे में बहुत कुछ लिखा जा चुका है। यदि आपको लगे कि आपका कार्य सिद्ध नहीं हो रहा है तो फिर ई-मेल करें आपको अवश्य शराब छुड़ाने की आयुषवेद द्वारा निर्मित औषधि भेज दी जाएगी।
सेक्स सम्बन्धी भ्रम व हस्तमैथुन का दुष्परिणाम
Published :
6/04/2009 08:09:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
डॉ साहब ,आपको सादर नमस्कार . मैंने आपके बहुत सारे ब्लोग्स पढ़े हैं । वहाँ से प्रेरित होकर मई भी आप को मेल कर रहा हू आशा रखता हू की आप मेरी समस्या का निवारण कर देगे । डॉ साहब मेरी समस्या ये है की मैंने भी बचपन से आब तक हस्त्मथुन किया था . अब मेरी उमर २५ साल है मेरी शादी होने वाली है (करीब 3-4 महीने बाद ). मुझे लगता है की मुझे bhi शीघ्र पतन की समस्या है मेरे वीर्य भी बहुत पतला आता है ।लिंग का भी नही पता की सही से तनाव आता है या नही . ऐसा भी लगता है की मेरे लिंग का साइज़ छोटा है . मुझे कोई उपाय बताइए की मेरा आने वाला विवाहित जीवन सही रहे .मैं आपका बहुत आभारी रहूगा . ऐसा भी हो सकता है की ये सारी मेरी शंका हो .मेरी राय में आप मुझे कोई उपचार बता दीजिये मे वो उपचार कर लुगा शयद मेरा भ्रम दूर हो जाय और वैसे भी आपका उपचार कोई साइड इफेक्ट तो करेगा नही सो आपनाने में कोई हर्ज नही है .
एक बात और डॉ साहब मुझे आपसे दवा भी चाहिए होगी क्योकि मे इंडिया से बाहर रहता हू ।प्लीज मुझे बताइए की वो मे कैसे माँगा सकता हू आपसे? प्लीज उपचार बता दीजिये
आपका आभारी
नाम प्रकाशित न करा जाए
प्रिय भाई, जैसा कि आपने लिखा है कि आप अब उस बुरी आदत से छुटकारा पा चुके हैं और बाकी आपका भ्रम ही है । संयम रखना बड़ी बात है लेकिन खुद ही सोचिये कि आप अपने शरीर के सार तत्त्व को निचोड़ कर नाली में फेंक दें तो ये अक्लमंदी तो हरगिज नहीं है। कुछ दुष्ट किस्म के नीच "सैक्सोलाजिस्ट" बन कर बैठे ठग आप जैसे भोले लोगों को मूर्ख बना कर आपका जीवन ये कह कर बर्बाद कर देते हैं कि इस दुष्कर्म से कोई नुकसान नहीं होता ये तो एक सामान्य सा काम है। आयुषवेद के पाठकों से निवेदन है कि ऐसे धूर्तों की बातों में आकर अपना जीवन चौपट मत करिए क्योंकि आपको हकीकत तो तब पता चलती है जब आप वैवाहिक जीवन में प्रवेश करते हैं और सब कुछ अंधकारमय प्रतीत होता है। आप निम्न औषधियां तीन माह तक लीजिये-
१. मकरध्वज वटी एक गोली + मन्मथ रस एक गोली + त्रिबंग भस्म १२५ मिग्रा. इन औषधियों की एक खुराक बना लें व दिन में इस तरह की तीन खुराक दूध के साथ लीजिए।
२. पुष्पधन्वा रस एक गोली दिन में दो बार शहद से लीजिये।
ध्यान रखें कि कब्जियत न रहे यदि कब्ज हो तो आवश्यकतानुसार त्रिफला चूर्ण ले लिया करें।
एक बात और डॉ साहब मुझे आपसे दवा भी चाहिए होगी क्योकि मे इंडिया से बाहर रहता हू ।प्लीज मुझे बताइए की वो मे कैसे माँगा सकता हू आपसे? प्लीज उपचार बता दीजिये
आपका आभारी
नाम प्रकाशित न करा जाए
प्रिय भाई, जैसा कि आपने लिखा है कि आप अब उस बुरी आदत से छुटकारा पा चुके हैं और बाकी आपका भ्रम ही है । संयम रखना बड़ी बात है लेकिन खुद ही सोचिये कि आप अपने शरीर के सार तत्त्व को निचोड़ कर नाली में फेंक दें तो ये अक्लमंदी तो हरगिज नहीं है। कुछ दुष्ट किस्म के नीच "सैक्सोलाजिस्ट" बन कर बैठे ठग आप जैसे भोले लोगों को मूर्ख बना कर आपका जीवन ये कह कर बर्बाद कर देते हैं कि इस दुष्कर्म से कोई नुकसान नहीं होता ये तो एक सामान्य सा काम है। आयुषवेद के पाठकों से निवेदन है कि ऐसे धूर्तों की बातों में आकर अपना जीवन चौपट मत करिए क्योंकि आपको हकीकत तो तब पता चलती है जब आप वैवाहिक जीवन में प्रवेश करते हैं और सब कुछ अंधकारमय प्रतीत होता है। आप निम्न औषधियां तीन माह तक लीजिये-
१. मकरध्वज वटी एक गोली + मन्मथ रस एक गोली + त्रिबंग भस्म १२५ मिग्रा. इन औषधियों की एक खुराक बना लें व दिन में इस तरह की तीन खुराक दूध के साथ लीजिए।
२. पुष्पधन्वा रस एक गोली दिन में दो बार शहद से लीजिये।
ध्यान रखें कि कब्जियत न रहे यदि कब्ज हो तो आवश्यकतानुसार त्रिफला चूर्ण ले लिया करें।
कफ जमने से उल्टी बहुत ज़्यादा होती है
Published :
6/04/2009 08:07:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
आदर्निय श्रीमान ,
मुझे काफ़ी समय से जुकाम और कफ की प्राब्लम रहती हे, पूरे साल व किसी भी मौसम मे मुझे कफ जमा रहता हे जिसके कारण मुझे असिडिटी की भी प्राब्लम हो जाती हे और कुछ भी ख़ाता हूँ तो उल्टी हो जाती हे!अंग्रज़ी इलाज से कोई फाय्दा नही हुआ! कफ जमने से उल्टी बहुत ज़्यादा होती हे और छाती भी जलती हे!बार-बार उल्टी होती हे! साहब कोई अच्छा सा इलाज बताए जिससे की मेरी परेशानी का हमेशा के लिए इलाज हो जाए !
आपके सुझाव का इंतेज़ार रहेगा!
सध्न्यवाद
महेंद्र योगी
जय हिन्द
महेन्द्र जी सादर जय हिन्द, आपकी समस्या को समझा, समस्या पुरानी है किन्तु चिंता न करें निम्न औषधियां लीजिये-
१. कफ़कुठार रस एक-एक गोली दिन में तीन बार पान के पत्ते के रस में शहद मिला कर लीजिये।
२. गिलोय सत्त्व २५० मिग्रा. दिन में दो बार पानी से लीजिये
३. अभ्रक भस्म(शतपुटी) १२५ मिग्रा. दिन में दो बार शहद से लीजिये
४. दोपहर के भोजन के बाद एक गोली आरोग्यवर्धिनी वटी पानी से लीजिये
इस उपचार को चालीस दिनों तक जारी रखिए। एक सप्ताह बाद ही आराम आना शुरू हो जाएगा।
मुझे काफ़ी समय से जुकाम और कफ की प्राब्लम रहती हे, पूरे साल व किसी भी मौसम मे मुझे कफ जमा रहता हे जिसके कारण मुझे असिडिटी की भी प्राब्लम हो जाती हे और कुछ भी ख़ाता हूँ तो उल्टी हो जाती हे!अंग्रज़ी इलाज से कोई फाय्दा नही हुआ! कफ जमने से उल्टी बहुत ज़्यादा होती हे और छाती भी जलती हे!बार-बार उल्टी होती हे! साहब कोई अच्छा सा इलाज बताए जिससे की मेरी परेशानी का हमेशा के लिए इलाज हो जाए !
आपके सुझाव का इंतेज़ार रहेगा!
सध्न्यवाद
महेंद्र योगी
जय हिन्द
महेन्द्र जी सादर जय हिन्द, आपकी समस्या को समझा, समस्या पुरानी है किन्तु चिंता न करें निम्न औषधियां लीजिये-
१. कफ़कुठार रस एक-एक गोली दिन में तीन बार पान के पत्ते के रस में शहद मिला कर लीजिये।
२. गिलोय सत्त्व २५० मिग्रा. दिन में दो बार पानी से लीजिये
३. अभ्रक भस्म(शतपुटी) १२५ मिग्रा. दिन में दो बार शहद से लीजिये
४. दोपहर के भोजन के बाद एक गोली आरोग्यवर्धिनी वटी पानी से लीजिये
इस उपचार को चालीस दिनों तक जारी रखिए। एक सप्ताह बाद ही आराम आना शुरू हो जाएगा।
मंगलवार, जून 02, 2009
टूटी हड्डी जुडने में परेशानी हो रही है
Published :
6/02/2009 10:33:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
My wife, aged 56 years was having left hand paw fracture. After removal of plaster, physiotherapy for 2 months was given. Despite this, she has the following problems:
1. not having any apetite;
2. has become weak;
3. feeling fever like fatigue and pain in the whole body;
4. feeling giddiness at times;
Seek appropriate advice. very very thanks and seek blessings.
akdubey, lucknow.
दुबे जी पहले तो विलंब के लिये माफ़ी चाहता हूं आशा है कि आप अन्यथा न लेंगे। आप अपनी पत्नी को निम्न औषधियां दीजिए।
१. अस्थिसंधान रस एक गोली + आभा गुग्गुलु एक गोली + लाक्षादि गुग्गुलु एक गोली; इन तीनों शास्त्रोक्त औषधियों की एक खुराक बनाएं व दिन में तीन बार आधा कप सुधाजल( चूना भिगोने के बाद शांत होने के बाद ऊपर का जल निथार लीजिये यही सुधाजल है) से दीजिए।
यकीन मानिये कि आपने जितने लक्षण लिखे हैं जादू की तरह मात्र एक सप्ताह में गायब हो जाएंगे किंतु दवा चालीस दिन तक जारी रखिए।
1. not having any apetite;
2. has become weak;
3. feeling fever like fatigue and pain in the whole body;
4. feeling giddiness at times;
Seek appropriate advice. very very thanks and seek blessings.
akdubey, lucknow.
दुबे जी पहले तो विलंब के लिये माफ़ी चाहता हूं आशा है कि आप अन्यथा न लेंगे। आप अपनी पत्नी को निम्न औषधियां दीजिए।
१. अस्थिसंधान रस एक गोली + आभा गुग्गुलु एक गोली + लाक्षादि गुग्गुलु एक गोली; इन तीनों शास्त्रोक्त औषधियों की एक खुराक बनाएं व दिन में तीन बार आधा कप सुधाजल( चूना भिगोने के बाद शांत होने के बाद ऊपर का जल निथार लीजिये यही सुधाजल है) से दीजिए।
यकीन मानिये कि आपने जितने लक्षण लिखे हैं जादू की तरह मात्र एक सप्ताह में गायब हो जाएंगे किंतु दवा चालीस दिन तक जारी रखिए।
सोमवार, जून 01, 2009
यूरिन में स्पर्म आ रहा है
Published :
6/01/2009 08:01:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
सर, बाथरूम करता टाइम यूरिन में स्पर्म आ रहा है जी और सेक्स करता टाइम जल्द डिस्चार्ज हो जाता हैं प्लीज हेल्प करिये, मेरी उम्र ३४ साल है (सर मेरी प्रॉब्लम लास्ट 3 साल से चल रही है ) प्लीज जल्दी मदद करें
regards
रणजीत सिंह
रणजीत जी आपने जो समस्या बतायी उसके लिये आप निम्न दवाएं
१ मकरध्वज वटी एक गोली + कुक्कुटाण्डत्वक भस्म एक रत्ती + शुक्रमात्रिका वटी एक गोली दिन में दो बार सुबह-शाम अश्वगंधारिष्ट दो चम्मच के साथ लीजिए
२ बंग भस्म एक रत्ती शहद के साथ सुबह शाम लीजिये।
इस औषधि व्यवस्था को आप कम से कम चालीस दिन तक लें। कब्जियत न रहने दें इसके लिये जरूरत होने पर त्रिफला चूर्ण ले लिया करें।
गुरुवार, मई 28, 2009
नाक में धुल या धुआं या कोई सुगन्धित महक , या ऐ.सी में बैठता हूँ तो मेरा सांस फूलने लगती है
Published :
5/28/2009 08:04:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
मेरा नाम श्याम है, उम्र २४ साल है मैं पटना, बिहार का रहने वाला हूँ | आपके बारें में मुझे इन्टरनेट से पता चला है की आप लोग बिमारियों के बारे में सलाह देतें है | कृपया मुझे मेरी बीमारी के बारें में बतायें की मुझे क्या उपचार करना चाहिए, जिससे में हमेसा के लिए मुक्त हो जाऊं | मुझे पता नहीं चल रहा है की मुझे ऐसा क्यों होता है , जब भी मेरे नाक में धुल या धुआं या कोई सुगन्धित महक , या ऐ.सी में बैठता हूँ तो मेरा सांस फूलने लगती है और साँसों से घर घर की आवाज़ आने लगती है, ज्यादा काम करने से भी मेरी सांस फूलने लगती है सीधी पर चड़ने से भी मेरी सांस फूलने लगती है | या मुझे ठण्ड लगती है या जब मौसम में बदलाब आता है तब | ऐसा में ४ -५ साल से झेल रहा हूँ | मैं बहुत दावा खाया है पर कोई फायदा नहीं हुआ है और मेरा पेट भी फूलने पचकने लगता है | चिकित्सक कहतें हैं की दम्मा है, कोई कहता है की आपको अलेर्जी है पर कोई भी ठीक से मुझे नहीं बता पा रहा है की मुझे कौन सी बीमारी है | कृपया इस बीमारी का कोई इलाज जल्द से जल्द बताएं, में बहुत परेसान रहता हूँ |
धन्यवाद
Shyam
श्याम जी आपकी समस्या को देखने पर पता चलता है कि आपकी समस्या कफ के विकार से संबंधित है। आप निम्न उपचार लीजिए
१. सोम(एफ़िड्रा) चूर्ण एक ग्राम + सितोपलादि चूर्ण एक ग्राम + रस सिंदूर १०० मिग्रा.+ श्वास कुठार रस १२५ मिग्रा. + श्रंग भस्म २५० मिग्रा + चंद्राम्रत रस १२५ मिग्रा. इन सबको मिला कर एक मात्रा बनाएं तथा इस की तीन खुराक दिन में अदरख + शहद के साथ लीजिए।
२. समीर पन्नग रस १२५ मिग्रा + मल्ल सिंदूर ६५ मिग्रा + त्रिभुवन कीर्ति रस १२५ मिग्रा की एक खुराक करें व इस तरह दिन में तीन खुराक गर्म जल से लीजिये।
इस उपचार को कम से कम तीन माह तक लीजिये व बासी भोजन और कफ उत्पन्न करने वाले आहार-विहार से परहेज रखें।
धन्यवाद
Shyam
श्याम जी आपकी समस्या को देखने पर पता चलता है कि आपकी समस्या कफ के विकार से संबंधित है। आप निम्न उपचार लीजिए
१. सोम(एफ़िड्रा) चूर्ण एक ग्राम + सितोपलादि चूर्ण एक ग्राम + रस सिंदूर १०० मिग्रा.+ श्वास कुठार रस १२५ मिग्रा. + श्रंग भस्म २५० मिग्रा + चंद्राम्रत रस १२५ मिग्रा. इन सबको मिला कर एक मात्रा बनाएं तथा इस की तीन खुराक दिन में अदरख + शहद के साथ लीजिए।
२. समीर पन्नग रस १२५ मिग्रा + मल्ल सिंदूर ६५ मिग्रा + त्रिभुवन कीर्ति रस १२५ मिग्रा की एक खुराक करें व इस तरह दिन में तीन खुराक गर्म जल से लीजिये।
इस उपचार को कम से कम तीन माह तक लीजिये व बासी भोजन और कफ उत्पन्न करने वाले आहार-विहार से परहेज रखें।
शनिवार, मई 16, 2009
सेक्स समस्या का समाधान बताइये
Published :
5/16/2009 08:24:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
Hello
sir main saudi arabia main job karta hoon meri problem sex se related hai .sir maine do baar sex kiya hai dono bar main 4 sec ke andar discharge ho jata hoon aur mera ling sahi tarike se erect to hoota hai par bahoot jaldi loose ho jata hai main kabhi bhi koi blue flim dekhta hoon to mera vireay niklne lagta hai zara si baat sochne par bhi mere pet main kabz bhi rahta hai aur mujhe peshab main do dhaare aati hai aap koi achchi si advice bataye aur mujhe medicine dey . main pehle hath se bhi karta tha lekin ab chhod diya hai main aap ke mail ka intezaar karoonga . kya aap yahan saudi arab send kar sakte hai medicine ko aap mujhe bata dena meri age 27 hai ok thnk you
nadeem khan, saudi arab
नदीम खान जी, सबसे पहली बात जो मैं आपको बताना चाहता हूं कि यदि आप शादीशुदा नहीं है तो आप अश्लील फिल्म आदि देख कर और यहां-वहां शारीरिक संबंध बना कर अपने पैरों पर न सिर्फ़ कुल्हाड़ी मार रहे हैं बल्कि परिवार और समाज के साथ भी गलत कर रहे हैं। मैं चिकित्सक हूं आपको उपदेश देना मेरा कार्य नहीं है लेकिन मजबूरी है कि आपकी समस्या का सीधा संबंध इन बातों से है। आप निम्न औषधियां लीजिये-
१. त्रिबंग भस्म १२५ मिग्रा. + कपूर १२५ मिग्रा.+ मिश्री(खड़ी शक्कर) एक ग्राम+ धनिया पाउडर( जो सब्जी आदि में डाला जाता है) एक ग्राम + गिलोय सत्व २५० मिग्रा; इन सबको मजबूत हाथों से घोंट कर एकजान कर लीजिए व ठंडे मीठे दूध के साथ दिन में दो बार लीजिये।
२. गंधर्व हरीतकी एक चम्मच रात को सोते समय एक कप गर्म पानी में घोल कर पी लीजिये।
३. स्वर्ण बंगेश्वर रस १२५ मिग्रा. दिन में दो बार मलाई के साथ लीजिये
इस उपचार को आप लगातार दो माह तक लीजिये और मेहरबानी करके ऊटपटांग हरकतों से बचिए वरना आप नादानी में अपना जीवन बर्बाद कर लेंगे, आयुषवेद परिवार की तरफ से अनेक देशों में आदेश पर औषधियां भेजी जाती हैं।
sir main saudi arabia main job karta hoon meri problem sex se related hai .sir maine do baar sex kiya hai dono bar main 4 sec ke andar discharge ho jata hoon aur mera ling sahi tarike se erect to hoota hai par bahoot jaldi loose ho jata hai main kabhi bhi koi blue flim dekhta hoon to mera vireay niklne lagta hai zara si baat sochne par bhi mere pet main kabz bhi rahta hai aur mujhe peshab main do dhaare aati hai aap koi achchi si advice bataye aur mujhe medicine dey . main pehle hath se bhi karta tha lekin ab chhod diya hai main aap ke mail ka intezaar karoonga . kya aap yahan saudi arab send kar sakte hai medicine ko aap mujhe bata dena meri age 27 hai ok thnk you
nadeem khan, saudi arab
नदीम खान जी, सबसे पहली बात जो मैं आपको बताना चाहता हूं कि यदि आप शादीशुदा नहीं है तो आप अश्लील फिल्म आदि देख कर और यहां-वहां शारीरिक संबंध बना कर अपने पैरों पर न सिर्फ़ कुल्हाड़ी मार रहे हैं बल्कि परिवार और समाज के साथ भी गलत कर रहे हैं। मैं चिकित्सक हूं आपको उपदेश देना मेरा कार्य नहीं है लेकिन मजबूरी है कि आपकी समस्या का सीधा संबंध इन बातों से है। आप निम्न औषधियां लीजिये-
१. त्रिबंग भस्म १२५ मिग्रा. + कपूर १२५ मिग्रा.+ मिश्री(खड़ी शक्कर) एक ग्राम+ धनिया पाउडर( जो सब्जी आदि में डाला जाता है) एक ग्राम + गिलोय सत्व २५० मिग्रा; इन सबको मजबूत हाथों से घोंट कर एकजान कर लीजिए व ठंडे मीठे दूध के साथ दिन में दो बार लीजिये।
२. गंधर्व हरीतकी एक चम्मच रात को सोते समय एक कप गर्म पानी में घोल कर पी लीजिये।
३. स्वर्ण बंगेश्वर रस १२५ मिग्रा. दिन में दो बार मलाई के साथ लीजिये
इस उपचार को आप लगातार दो माह तक लीजिये और मेहरबानी करके ऊटपटांग हरकतों से बचिए वरना आप नादानी में अपना जीवन बर्बाद कर लेंगे, आयुषवेद परिवार की तरफ से अनेक देशों में आदेश पर औषधियां भेजी जाती हैं।
मै बहुत ही दुबला व कमजोर हूँ
Published :
5/16/2009 08:22:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
नमस्कार महोदय
उम्र २९ वर्ष
वजन ४३ केजी कद १६५सेमि ५'५'' दुबला शरीर, अविवाहित, अध्यनरत
महोदय मै बहुत हि दुबला व कमजोर हू. कृपया मोटा होने का उपाय बताये| मुझे बचपन से ही जुखाम की समस्या रही है / अलोपैथी के डाक्टर ने साइनस बताया था नाक की सफाई भी की, काफी दवा भी खाई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ /आज कल होम्योपैथी दवा खा रहा हूँ/फिर भी समस्या खत्म नही हो रही है / शायद हड्डी टेढी है. मै कवि हु /मंच पर कविता गान में काफी दिक्कत होती है पढने लिखने में भी मन नही लगता है / सिर भारी सा रहता है कफ बहुत निकलता /क्रपया स्थाई समाधान बताये .
With Kind Regards,
बृजेन्द्र शरण श्रीवास्तव 'उत्कर्ष'
बृजेन्द्र जी, आपकी पहली समस्या का हल तो आयुषवेद पर सुझाया जा चुका है। वजन के बारे में आप निम्न औषधि एक माह तक लीजिये फिर पंद्रह दिन बंद करके पुनः एक माह लीजिये इस प्रकार तीन चरणों में औषधि सेवन करें-
१. कासीस भस्म १ ग्राम + सुदर्शन चूर्ण १६ ग्राम , इस अनुपात में मिश्रण बना लीजिये तथा दो ग्राम मात्रा को प्रातः-सायं जल से सेवन करें फिर भोजन के बाद सितोपलादि चूर्ण दो-दो ग्राम की तीन मात्राएं दस-दस मिनट के अंतर पर फांकिए लेकिन कम से कम इसके बाद आधा से पौना घंटा पानी न पिएं।
आप विश्वास करें कि इस उपचार व्यवस्था से सूखी लकड़ी की तरह दिखने वाले लोग भी हरे-भरे दिखाई देने लगे हैं तो आप भी अपनाइये और आयुर्वेद के गुण गाइये।
उम्र २९ वर्ष
वजन ४३ केजी कद १६५सेमि ५'५'' दुबला शरीर, अविवाहित, अध्यनरत
महोदय मै बहुत हि दुबला व कमजोर हू. कृपया मोटा होने का उपाय बताये| मुझे बचपन से ही जुखाम की समस्या रही है / अलोपैथी के डाक्टर ने साइनस बताया था नाक की सफाई भी की, काफी दवा भी खाई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ /आज कल होम्योपैथी दवा खा रहा हूँ/फिर भी समस्या खत्म नही हो रही है / शायद हड्डी टेढी है. मै कवि हु /मंच पर कविता गान में काफी दिक्कत होती है पढने लिखने में भी मन नही लगता है / सिर भारी सा रहता है कफ बहुत निकलता /क्रपया स्थाई समाधान बताये .
With Kind Regards,
बृजेन्द्र शरण श्रीवास्तव 'उत्कर्ष'
बृजेन्द्र जी, आपकी पहली समस्या का हल तो आयुषवेद पर सुझाया जा चुका है। वजन के बारे में आप निम्न औषधि एक माह तक लीजिये फिर पंद्रह दिन बंद करके पुनः एक माह लीजिये इस प्रकार तीन चरणों में औषधि सेवन करें-
१. कासीस भस्म १ ग्राम + सुदर्शन चूर्ण १६ ग्राम , इस अनुपात में मिश्रण बना लीजिये तथा दो ग्राम मात्रा को प्रातः-सायं जल से सेवन करें फिर भोजन के बाद सितोपलादि चूर्ण दो-दो ग्राम की तीन मात्राएं दस-दस मिनट के अंतर पर फांकिए लेकिन कम से कम इसके बाद आधा से पौना घंटा पानी न पिएं।
आप विश्वास करें कि इस उपचार व्यवस्था से सूखी लकड़ी की तरह दिखने वाले लोग भी हरे-भरे दिखाई देने लगे हैं तो आप भी अपनाइये और आयुर्वेद के गुण गाइये।
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अभ्रक भस्म
(साधारण,शतपुटी,सहस्त्रपुटी)
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भस्म/पिष्टी,
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