आदरणीय सर
प्रणाम
हमारे यहां साप्ताहिक हाट में एक वैद्य जी अपनी दवाएं लेकर आते हैं उनकी दवाएं कई बार तो बड़ी चमत्कारिक सा प्रभाव दिखाती हैं वो जाति से भील हैं। उनसे अगर दवाओं के बारे में कुछ जानना चाहें तो पैसा लेकर भी बताने को तैयार नहीं होते उनका कहना है कि ये जानकारियां पिता से पुत्र के आगे पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ती हैं। वो एक लाल पाउडर लाते हैं जो कि एक मल्टीपर्पज दवा रहती है और मैंने उस दवा से एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों लोगों को लाभान्वित होते देखा है। आपको दवा का नमूना भेज रहा हूं मेहरबानी करके बताएं कि ये क्या है? इसका उपयोग वे अजीर्ण, बदहजमी के कारण पेटदर्द, गैस ट्रबल, अफ़ारा यानि गैस से पेट फूलना, आखों की धुंध, जाली, रतौंधी( नेत्र रोगों में चारगुना काले सुरमें के साथ मिलाकर आंख में लगाने को बताते हैं), सिरदर्द, बेहोशी तथा तेज जुकाम में नसवार की तरह से सूंघने को बताते हैं, दांत दर्द में मंजन की तरह से घिसने को कहते हैं। आखिर ये जादू भरी दवा क्या है आप जनहित में इसे बता सकते हैं तो अवश्य बताएं।
अनुजकांत शर्मा, छत्तीस गढ़
अनुज जी आपने जो दवा का नमूना भेजा है उसे जांचने पर पता चलता है कि उसमें बराबर मात्रा में काली मिर्च , नौसादर(नवसागर) तथा गेरू के सिवाय कुछ नहीं है। आप आश्चर्य न करें कि यह योग देखने में अत्यंत साधारण व सस्ता है किंतु इसके मूल्य पर न जाएं यह वाकई में इन सभी रोगों में अलग -अलग अनुपान के साथ देने से चमत्कारिक लाभ देगा। पेट के विकारों में इसे गर्म जल या सौंफ़ के पानी के साथ दीजिये। मात्रा दो रत्ती रखिये। इसे आप भी घर पर बना कर रख सकते हैं जो कि "किचन-रेमेडी" की तरह से घर में रहे तो अच्छा रहता है।
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Namaskar Doctor Shahab. Me aapse apni samasya ka samadan chahta ho. sabse pahle me aapko apne bare me batana chahta ho meri aayo 21 year he ...
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डॉ साहब ,आपको सादर नमस्कार . मैंने आपके बहुत सारे ब्लोग्स पढ़े हैं । वहाँ से प्रेरित होकर मई भी आप को मेल कर रहा हू आशा रख...
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यह सभी वर्गों के पुरुषों के लिये अत्यंत उत्तम स्वास्थ्यवर्धक वटी ( टैबलेट) है जो कि बेहद प्रभावी तथा बहुमूल्य जड़ी-बूटियों का बेहतरीन मिश्रण ...
कुछ सुझाव
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रविवार, फ़रवरी 22, 2009
भील वैद्य जी की चमत्कारिक दवा जो कि मल्टीपर्पज है......
Published :
2/22/2009 04:18:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
रविवार, जून 01, 2008
आंख में नाखूना रोग है जिसका इलाज सिर्फ़ आपरेशन है......
Published :
6/01/2008 07:27:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
डाक्टर साहब नमस्ते,मेरी उम्र २५ साल है। सर मेरी प्राब्लम यह है कि मेरी दांयी आंख की काली पुतली के पास एक सफ़ेद रंग का निशान है। मैंने डा० को चैक कराया तो उसने बताया कि आंख में नाखूना रोग है जिसका इलाज सिर्फ़ आपरेशन है और जब भी आपरेशन किया जाएगा यह पूरी तरह रेटिना(काली पुतली) पर फैल जाएगा। इसके कारण मेरे सिर व आंख में काफ़ी दर्द रहता है। सर क्या इसका एकमात्र निवारण आपरेशन ही है? आपसे निवेदन है कि कोई अच्छी सी दवाई बताने की कृपा करें। मैं आपकी बहुत आभारी रहूंगी।
जया, ग्रेटर नोएडा
जया जी,आपकी समस्या का एकमात्र हल यदि किसी चिकित्सक ने बताया कि आपरेशन ही है तो वो निस्संदेह ही आपकॊ मूर्ख बनाने का प्रयत्न कर रहा है। आपरेशन तो ऐसी स्थिति में करने की सलाह दी जाती है कि जब अन्य कोई विकल्प न हो किंतु आजकल के दुकानदार किस्म के चिकित्सक फ़टाक से पहले आपरेशन की ही सलाह दे देते हैं क्योंकि उसमें आपका बिल ज्यादा से ज्यादा बनाया जा सकता है। आप निम्न औषधियों को नियम से छह माह तक लीजिये आपकी समस्या समाप्त हो जाएगी साथ ही नजर तेज भी हो जाएगी।
१ . त्रिफ़ला चूर्ण १५ ग्राम + परवल ५ ग्राम + नीम की छाल ५ ग्राम + अड़ूसा( इसे रूस या रूसा भी कहा जाता है) ५ ग्राम ; इन सबको लेकर तीन गिलास पानी में उबालिये व डेढ़ गिलास रह जाने पर इसमें शोधित गुग्गुल एक चम्मच मिला कर घोल लें, इसके दो भाग कर लीजिये व एक भाग सुबह नाश्ते के बाद तथा दूसरा भाग शाम को पी लीजिये।
२ . महात्रिफलादि घृत आधा-आधा चम्मच दिन में तीन बार सेवन करें व ऊपर से एक कप ठंडा(फ्रिज का नहीं बल्कि सामान्य तापमान का) दूध यदि हो सके तो पी लीजिये।
३ . आंखो में शहद को काजल की तरह से लगाया करिये,दिन में कम से कम दो बार।
इस उपचार को न्यूनतम तीन माह तक लीजिये ताकि दुबारा जीवन में कभी समस्या न हो और आंखो में शहद लगाना तो आप आजीवन प्रयोग कर सकती हैं।
जया, ग्रेटर नोएडा
जया जी,आपकी समस्या का एकमात्र हल यदि किसी चिकित्सक ने बताया कि आपरेशन ही है तो वो निस्संदेह ही आपकॊ मूर्ख बनाने का प्रयत्न कर रहा है। आपरेशन तो ऐसी स्थिति में करने की सलाह दी जाती है कि जब अन्य कोई विकल्प न हो किंतु आजकल के दुकानदार किस्म के चिकित्सक फ़टाक से पहले आपरेशन की ही सलाह दे देते हैं क्योंकि उसमें आपका बिल ज्यादा से ज्यादा बनाया जा सकता है। आप निम्न औषधियों को नियम से छह माह तक लीजिये आपकी समस्या समाप्त हो जाएगी साथ ही नजर तेज भी हो जाएगी।
१ . त्रिफ़ला चूर्ण १५ ग्राम + परवल ५ ग्राम + नीम की छाल ५ ग्राम + अड़ूसा( इसे रूस या रूसा भी कहा जाता है) ५ ग्राम ; इन सबको लेकर तीन गिलास पानी में उबालिये व डेढ़ गिलास रह जाने पर इसमें शोधित गुग्गुल एक चम्मच मिला कर घोल लें, इसके दो भाग कर लीजिये व एक भाग सुबह नाश्ते के बाद तथा दूसरा भाग शाम को पी लीजिये।
२ . महात्रिफलादि घृत आधा-आधा चम्मच दिन में तीन बार सेवन करें व ऊपर से एक कप ठंडा(फ्रिज का नहीं बल्कि सामान्य तापमान का) दूध यदि हो सके तो पी लीजिये।
३ . आंखो में शहद को काजल की तरह से लगाया करिये,दिन में कम से कम दो बार।
इस उपचार को न्यूनतम तीन माह तक लीजिये ताकि दुबारा जीवन में कभी समस्या न हो और आंखो में शहद लगाना तो आप आजीवन प्रयोग कर सकती हैं।
आंखो की पलकों में रूसी, खुजली व पानी भी आता है।
Published :
6/01/2008 07:26:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
सर, नमस्ते मेरी आंखो की पलकों में रूसी सी रहती है जिसके कारण आखों में खुजली होती रहती है तथा आखों में दर्द भी रहता है। सर मैं कम्प्यूटर पर काम ज्यादा करता हूं इसलिये आंखों से पानी भी आता है। अतः आपसे निवेदन है कि मेरे लिये अच्छी सी दवा बताएं।
सतीश, दादरी
सतीश जी, आपने अपनी जो समस्या लिखी है वो प्रतीत होता है कि काफ़ी समय से है लेकिन चिन्ता न करें। कम्प्यूटर पर काम करना ज्यादा समय तक जाहिर है कि नुकसान करता ही है किन्तु फिर भी अगर आपकी रोजी-रोटी ही इससे चल रही है तो आप इस काम को बदल तो नहीं सकते हैं। लीजिये समाधान प्रस्तुत है और इस उपचार को नियमित रूप से प्रयोग करिये-
१ . आंवला १५ ग्राम + बहेड़ा १० ग्राम + हरड़ ५ ग्राम को लेकर दो गिलास जल में उबालिये फिर आधा रह जाने पर इसे छान कर ठंडा होने पर पीजिये। इस औषधि को दिन में दो बार सुबह शाम प्रयोग करिये। ध्यान रहे कि रोज ताजा बनाएं फ्रिज में बना कर न रखें वरना वह प्रभाव नहीं मिलेगा।
२. शुद्ध शहद को दिन में तीन आर उंगली से काजल की तरह से लगाइये यदि आपको शुद्ध शद न मिल सके तो बाजार में उपलब्ध किसी भी औषधि विक्रेता से "जीवदया नेत्रप्रभा" नामक रेडीमेड दवा ले लीजिये यह भी अत्यंत प्रभावकारी औषधि है।
इस उपचार को आप लगातार यदि आजीवन लेते रहें तो यकीन मानिये कि जब तक जीवन है आपको आंखो की कोई परेशानी न होगी और नजर गिद्ध की तरह तेज बनी रहेगी यदि चश्मा लगता होगा तो वह भी कुछ समय बाद उतर जाएगा। ध्यान रखिये कि मिर्च-मसाले का आहार न करें तथा मांसाहार व शराब-तम्बाकू का सेवन त्याग दें।
सतीश, दादरी
सतीश जी, आपने अपनी जो समस्या लिखी है वो प्रतीत होता है कि काफ़ी समय से है लेकिन चिन्ता न करें। कम्प्यूटर पर काम करना ज्यादा समय तक जाहिर है कि नुकसान करता ही है किन्तु फिर भी अगर आपकी रोजी-रोटी ही इससे चल रही है तो आप इस काम को बदल तो नहीं सकते हैं। लीजिये समाधान प्रस्तुत है और इस उपचार को नियमित रूप से प्रयोग करिये-
१ . आंवला १५ ग्राम + बहेड़ा १० ग्राम + हरड़ ५ ग्राम को लेकर दो गिलास जल में उबालिये फिर आधा रह जाने पर इसे छान कर ठंडा होने पर पीजिये। इस औषधि को दिन में दो बार सुबह शाम प्रयोग करिये। ध्यान रहे कि रोज ताजा बनाएं फ्रिज में बना कर न रखें वरना वह प्रभाव नहीं मिलेगा।
२. शुद्ध शहद को दिन में तीन आर उंगली से काजल की तरह से लगाइये यदि आपको शुद्ध शद न मिल सके तो बाजार में उपलब्ध किसी भी औषधि विक्रेता से "जीवदया नेत्रप्रभा" नामक रेडीमेड दवा ले लीजिये यह भी अत्यंत प्रभावकारी औषधि है।
इस उपचार को आप लगातार यदि आजीवन लेते रहें तो यकीन मानिये कि जब तक जीवन है आपको आंखो की कोई परेशानी न होगी और नजर गिद्ध की तरह तेज बनी रहेगी यदि चश्मा लगता होगा तो वह भी कुछ समय बाद उतर जाएगा। ध्यान रखिये कि मिर्च-मसाले का आहार न करें तथा मांसाहार व शराब-तम्बाकू का सेवन त्याग दें।
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लौह
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