डाक्टर साहब,नमस्ते
मेरी पत्नी को पिछले चार माह से बहुत कमजोरी महसूस होती है, आंखो से सामने अंधेरा छा जाता है, हाथ पैरों के तलवों में जलन होती रहती है, आंखो के नीचे काले घेरे बन गये हैं, चक्कर आते हैं, पेड़ू में भारीपन महसूस होता है,भूख कम हो गयी है, प्यास ज्यादा लगती है, किसी काम में मन नहीं लगता, स्वभाव चिड़चिड़ा हो गया है, कमर में दर्द होता रहता है, योनि से सफेद पानी जैसा पतला दूधिया सा स्राव बहता रहता है; कुल मिला कर मेरी पत्नी मात्र २८ साल की उम्र में बीमारियों का गोदाम बन गयी है। मेहरबानी करके यदि उसकी इन सारी तकलीफ़ों का आयुर्वेद में कोई इलाज हो तो बताइये।
उमेश तोमर,ग्वालियर(म.प्र.)
उमेश जी, आप अपनी पत्नी की बीमारी के ढेर सारे लक्षणों से क्षुब्ध हो गये हैं। आपको प्रतीत हो रहा है कि ये सारी अलग-अलग बीमारियां हैं। इस बारे में स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ये सब मात्र एक बीमारी "श्वेत प्रदर" के लक्षण हैं। यदि आपने इसका इलाज कराया है और कुछ दिन बाद फिर वही लक्षण उभर आये तो मैं बताता हूं कि वे दवाएं मात्र लक्षणों काउपचार कर रहीं थीं मूल कारण को समझा ही नहीं गया था। सबसे पहले आप अपनी पत्नी को नीम के पत्तों के काढ़े से एक सप्ताह तक योनि में डूश(पिचकारी नुमा यंत्र से योनि के अंदर तक धुलाई करने को डूश लेना कहते हैं) लेने को कहें। खान-पान पर विशेष ध्यान दीजिये तेज मिर्च मसाले, गरिष्ठ भोजन, चायनीज व्यंजनों तथा बाजारू साफ़्टड्रिंक्स से सख्त परहेज करें, यदि इन पदार्थों का सेवन करा तो औषधियों का कोई लाभ न होगा। अब निम्न दवाएं दें-
१ . प्रदरान्तक रस १० ग्राम + मधुमालिनी बसन्त रस ५ ग्राम + कुक्कुटाण्ड्त्वक भस्म ५ ग्राम + स्वर्ण बंग ५ ग्राम + प्रवाल पिष्टी ५ ग्राम इन सभी को मिला कर इतना घोंटिये कि स्वर्ण बंग की चमक दिखना बंद हो जाए। इसके बाद इस पूरे मिश्रण की चालीस बराबर पुड़िया बना लीजिये व एक-एक पुड़िया शहद के साथ सुबह-रात को चटवाएं तथा ऊपर से दूध पिला दें।
२ . सफेद मूसली १० ग्राम + माजू १० ग्राम + माई १० ग्राम + मोचरस १० ग्राम + अशोक छाल १० ग्राम + चिनिया गोंद १० ग्राम + इलायची १० ग्राम + संगजराहत २० ग्राम + तालमखाना २० ग्राम + चिकनी सुपारी ३० ग्राम + मंजीठ ३० ग्राम + सिंघाड़े का आटा ५०० ग्राम + खरेटी २५० ग्राम + गाय का घी एक किलो तथा इन सबके बराबर वजन में खांड ले लीजिये। पहले गोंद को घी में भून लीजिये व बारीक पीस लीजिये। सिंघाड़े के आटे को भी हल्का सा भून लीजिये। अब सबको मिला कर छोटे-छोटे लड्डू बना लीजिये। एक-एक लड्डू का सेवन सुबह शाम दूध के साथ करवाइये।
इस पूरे उपचार को दो माह तक चारी रखिये पहले ही सप्ताह में आश्चर्यजनक लाभ दिखाई देगा किन्तु स्थायी लाभ के लिये दो माह तक प्रयोग करवाएं।
मंगलवार, जुलाई 08, 2008
पत्नी मात्र २८ साल की उम्र में बीमारियों का गोदाम बन गयी है
Published :
7/08/2008 05:46:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
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अम्लपित्तान्तक
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लौह
शोथारि लौह
मेदोहर विडंगादि
लौह
अमृतादि गुग्गुल
आभा गुग्गुल
कांचनार गुग्गुल
कैशोर गुग्गुल,
गोक्षुरादि
गुग्गुल
पुनर्नवादि
गुग्गुल
लाक्षादि गुग्गुल
पंचतिक्तघृत
गुग्गुल
रास्नादि गुग्गुल
सप्तविंशतिको
गुग्गुल
सिंहनाद गुग्गुल,
त्रयोदशांग
गुग्गुल
त्रिफला गुग्गुल
योगराज गुग्गुल
महायोगराज
गुग्गुल
वातारि गुग्गुल,
मेदोहर(नवक)
गुग्गुल
अभ्रक पर्पटी
स्वर्ण पर्पटी
बोल पर्पटी
लौह पर्पटी
प्राणदा पर्पटी
ताम्र पर्पटी
पंचामृत पर्पटी
विजय पर्पटी
रस पर्पटी
शीतल पर्पटी
श्वेत पर्पटी
मकरध्वज
चंद्रोदय
मल्ल सिंदूर
मल्ल चंद्रोदय
रस सिंदूर
शिला सिंदूर
स्वर्णबंग
ताल सिंदूर
रसमाणिक्य,
शिलाजीत(गीला/सूखा)
स्वर्णबंग क्षार
2 आप लोग बोले:
मैं बहुत अभागा हूँ मेरे पास सब कुछ होते हुए जीने का कोई मतलब नही रह गया है मेरी उम्र केवल ३२ साल है मैं एक बड़ी कंपनी में टॉप मैनेजमेंट पोस्ट पर हूँ.मेरी शादी २००५ दिसम्बर में हुई थी. पत्नी सरकारी अफसर है.लेकिन तीन महीने में जब वो प्रेग्नंत थी तभी अपने घर चली गई.एक साल तक वो इसका कारन भी नही बताती थी मैं परेशां होकर उसे बुलाता रहा और पूछता रहा फिर वही बेटे का जन्म हुआ. मैं बस उसे भी एक बार ही उसी समय देख पाया. उसके बाद से उसने मुझे फ़ोन करना बंद कर दिया और नही लौटी. अब डिवोर्स केस चल रहा है.उसने बस एक बार फ़ोन थाय और जब कारण बताया तो मेरी हालत ख़राब हो गई.दरअसल बचपन में मुझे लिंग में चोट लग गई इस कारन वो बाई ओअर झुक गया है उसने कहा की इसी कारन मैं तुम्हे पसंद नही करती.अब मैं उससे तलाक ले रहा हूँ पर मुझे दूसरी शादी करने में डर लग रहा है.इस हीनभावना के कारन मेरे लिंग में उत्तेजना भी ख़त्म हो गई मैं मस्तुर्बते भी काफ़ी करने लगा हूँ जिससे वो और कम्जोत और तेरा मेरा हो गया है तनाव के इन सालो में मैंने दिन रात शराब पि जिससे मुझे परमानेंट कब्ज रहता है पखाना बहुत चिपचिपा और बदबूदार और काले भूरे रंग का थोरा सा होता है कुछ दिनों से मेरे बाये पैर में घुटने के आसपास सुन्न सा रहता है बहुत दुबला भी हो गया हूँ बाल भी काफी सफ़ेद हो गए हैं सिग्रीते और गुटखा भी खाने लगा हूँ सिग्ग्राते तो ३०-४० पि जाता हूँ. कृपया लिंग और बाकि सभी बीमारियो से मुझे निजात दिलाईये वरना मैं आत्महत्या कर लूँगा मेरे घर वाले दूसरी शादी के लिए दबाव बना रहे हैं पर इन हालत में मैं कैसे शादी करू प्लेस जल्द से जल्द मुझे ठीक कर दीजिये
मैं बहुत अभागा हूँ मेरे पास सब कुछ होते हुए जीने का कोई मतलब नही रह गया है मेरी उम्र केवल ३२ साल है मैं एक बड़ी कंपनी में टॉप मैनेजमेंट पोस्ट पर हूँ.मेरी शादी २००५ दिसम्बर में हुई थी. पत्नी सरकारी अफसर है.लेकिन तीन महीने में जब वो प्रेग्नंत थी तभी अपने घर चली गई.एक साल तक वो इसका कारन भी नही बताती थी मैं परेशां होकर उसे बुलाता रहा और पूछता रहा फिर वही बेटे का जन्म हुआ. मैं बस उसे भी एक बार ही उसी समय देख पाया. उसके बाद से उसने मुझे फ़ोन करना बंद कर दिया और नही लौटी. अब डिवोर्स केस चल रहा है.उसने बस एक बार फ़ोन थाय और जब कारण बताया तो मेरी हालत ख़राब हो गई.दरअसल बचपन में मुझे लिंग में चोट लग गई इस कारन वो बाई ओअर झुक गया है उसने कहा की इसी कारन मैं तुम्हे पसंद नही करती.अब मैं उससे तलाक ले रहा हूँ पर मुझे दूसरी शादी करने में डर लग रहा है.इस हीनभावना के कारन मेरे लिंग में उत्तेजना भी ख़त्म हो गई मैं मस्तुर्बते भी काफ़ी करने लगा हूँ जिससे वो और कम्जोत और तेरा मेरा हो गया है तनाव के इन सालो में मैंने दिन रात शराब पि जिससे मुझे परमानेंट कब्ज रहता है पखाना बहुत चिपचिपा और बदबूदार और काले भूरे रंग का थोरा सा होता है कुछ दिनों से मेरे बाये पैर में घुटने के आसपास सुन्न सा रहता है बहुत दुबला भी हो गया हूँ बाल भी काफी सफ़ेद हो गए हैं सिग्रीते और गुटखा भी खाने लगा हूँ सिग्ग्राते तो ३०-४० पि जाता हूँ. कृपया लिंग और बाकि सभी बीमारियो से मुझे निजात दिलाईये वरना मैं आत्महत्या कर लूँगा मेरे घर वाले दूसरी शादी के लिए दबाव बना रहे हैं पर इन हालत में मैं कैसे शादी करू प्लेस जल्द से जल्द मुझे ठीक कर दीजिये मेरा
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