डा.साहब नमस्ते, मेरे ससुर जी को पक्षाघात की समस्या हो गयी है और पूरा बांया अंग प्रभावित है। वे बोल तो रहे हैं किन्तु अस्पष्ट सा जोकि हम लोग समझ नहीं पाते हैं। हमें ये भी नहीं पता कि वे हम लोगों को पहचान पा रहे हैं कि नहीं? तत्काल कोई प्रभावी उपाय बताइये ताकि वे शीघ्र स्वस्थ हो सकें। धन्यवाद
छत्तीसगढ़ से एक पाठक
आत्मन बंधु,आप ससुर जी के उपचार के लिये तत्काल निम्न औषधियां शुरू कर दें -
१ . रास्ना ३ ग्राम + वातगजांकुश रस ५०० मिग्रा. + विडपिष्टी(यानि कि कबूतर का मल/टट्टी/बीट) २५० मिग्रा + लहसुन २ ग्राम + मल्ल सिन्दूर २५० मिग्रा.
इन सबको लेकर भली प्रकार घोंट लें व सुबह - दोपहर - शाम को महारास्नादि काढ़े के दो चम्मच दवा के साथ दें ,बताई गई मात्रा एक खुराक की है।
२ . एकांगवीर रस सुबह-दोपहर-शाम को एक एक गोली दशमूल क्वाथ के दो चम्मच के साथ दिन में तीन बार दीजिये।
३ . रस सिन्दूर २० ग्राम + विषतिन्दुक बटी १० ग्राम + लौह भस्म २० ग्राम + त्रिकटु चूर्ण २० ग्राम इन सबको खरल में घॊंट कर मिला लें व अदरक का रस मिला कर २५० मिग्रा. की गोलियां बना लें। सुबह दोपहर शाम को दो -दो गोली तीन ग्राम अश्वगंधा के चूर्ण के साथ मिला कर गर्म जल से दें।
४ . महाविषगर्भ तेल से प्रभावित अंगो पर मालिश करिए व उन अंगों को हवा न लगने दें।
यदि विश्वास हो तो "बजरंग बाण" का सस्वर जाप उनके सामने कम से कम सात बार करें तो शीघ्र लाभ संभाव्य है।
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गुरुवार, जून 12, 2008
पक्षाघात(लकवा) की समस्या है पूरा बांया अंग प्रभावित है।
Published :
6/12/2008 11:11:00 am
Author :
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
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