गुरुवार, अप्रैल 25, 2013

कामशक्ती बढ़ाने के उपाय

प्र. आदरणीय डा. साहब मेरि आयु ३० साल है । सेक्स कि कोई खास जानकारी नही थी । खूब हस्तमैथुन किया फिर शादी हो गयी अब ये हाल है कि बस एक मिनट मे‘ ही काम तमाम हो जाता है बीवी भी खुश नही रहती मैने अपने बस भर बहुत उपाय केर लिये पर बात नही बनती अब आप ही कोई कारगर तरीका बताये आपकी बहुत मेहरबानी होगी ।
                                 अजीत सिन्घवानी पटना आयु ३० साल
उ.अजीत भाई आप बिलकुल चिन्ता न करें आमतौर पर लोगों को कामजीवन की जानकारी नही रहती यहां वहां से उल्टा सीधी बातें ही हमारे जीवन को गलत की ओर ले जाती है।लेकिन अगर आप विश्वास करें तो यकीन मानिये आप की समस्या हल हो सकती है हर बीमारी का निदान है बस आजमा कर देखिये ये नुस्खे कितने कारगर है
इस सेट में निम्नलिखित औषधियाँ हैं ---

कैप्सूल : स्वर्ण वर्क, हीरा भस्म, माणिक्य पिष्टी, पन्ना पिष्टी प्रत्येक .१५ मिग्रा.

         नागभस्म, कज्जली, चाँदी वर्क, अभ्रक भस्म प्रत्येक १.३५ मिग्रा


         तालमखाना, सालम मिश्री, लौंग, केसर, सौंठ, जायफल, जावित्री, विजया बीज, कौंच     बीज, दालचीनी, तेजपत्र, छोटी इलायची, अकरकरा, सफ़ेद जीरा, खुरासानी अजवायन, पीपर, रूमी मस्तंगी, मालकांगनी, शुद्ध धत्तूर बीज, शुद्ध वत्सनाभ, सफ़ेद मूसली, शुद्ध शिलाजीत, लाल बहमन प्रत्येक ४ मिग्रा.


टैबलेट : त्रिबंग भस्म, मुक्ताशुक्ति भस्म, कज्जली, अभ्रक भस्म, लोह भस्म, ताम्र भस्म, चाँदी भस्म, स्वर्ण वर्क, शुद्ध हिंगुल, शुद्ध हरताल, वैक्रान्त भस्म, शुद्ध कुचला, शुद्ध वत्सनाभ, विजया बीज, शुद्ध शिलाजीत, तोदरी, अश्वगंधा, शतावर, काला जीरा, सफ़ेद जीरा, केसर, जायफल, जावित्री, विदारीकंद, छोटी इलायची, सफ़ेद मिर्च, अकरकरा, दालचीनी, पीपर, सफ़ेद मूसली, काली मूसली, खुरासानी अजवायन, लौंग, सौंठ, वंशलोचन, जुन्दबेदस्त, गोखरू, सालमपंजा, मालकांगनी, काले तिल, मुलहठी

बसंत कुसुमाकर रस(विशेष-स्वानुभूत) : स्वर्ण तथा मोती से युक्त ये औषधि भी टैबलेट के रूप में है लेकिन इस शास्त्रोक्त औषधि को आयुषवेद परिवार ने अपने गहन अनुभवों के आधार पर विशेष कामशक्ति वर्धक औषधियों से भावना देकर तैयार करा है ताकि इस अत्यंत शक्तिशाली औषधि का प्रभाव कई गुना बढ़ सके।

मलहम(ऑइन्टमेंट) : मालकांगनी के तेल तथा अश्वगंधा के साथ लिंग को लौहलठ, पुष्ट तथा बलिष्ठ बना सकते है।
इन चारों औषधियों के बने सेट को कुछ समय तक सेवन से स्थायी प्रभाव मिलता है। इसके प्रभाव से आप पिछली गलतियों को सुधार सकते हैं और नए जीवन की सफलता से शुरूआत कर सकते हैं।इस उपचार को चालीस दिन तक लें अवश्य लाभ होगा कई हजार लोगों के ऊपर आजमाए हुए सरल और सस्ते प्रयोग हैं आप इन्हें घर पर आसानी से बना सकते हैं
  यदि कोई भी शंका या परेशानी हो तो आप सीधे मुझसे ई-मेल (aayushved@gmail.com) या मोबाइल नंबर 09224359159 पर संपर्क करें।लगाएं।
मानसिक शक्तियों के अनुभूत प्रयोग ,जीवन में मन की शक्तियों का इस्तेमाल हमें जरूर करना चाहिये कैसे ? जानने के लिये देखिये मेरी लिखी दूसरी वेबसाईट बस इस लिंक पर click करें । www.mindhypnotism.com

सोमवार, अप्रैल 08, 2013

हस्तमैथुन तो कर लेता हूं किसी तरह लेकिन संभोग करने लायक उत्तेजना नहीं आ पाती|

Published : 8/4/13 8.25 am Author : डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)

सर जी
नमस्ते
मैं अपनी समस्या बताने में हिचकिचा रहा था लेकिन जब आपने आश्वासन दिया कि नाम प्रकाशित नहीं करा जाएगा और पहचान गुप्त रखी जाएगी तो मैं अपनी समस्या बता रहा हूं। मेरी उम्र अट्ठाइस साल है लेकिन मेरी ही गलतियों के कारण अब मेरी स्थिति ऐसी हो गयी है कि मेरा लिंग उत्तेजित ही नहीं होता है, हस्तमैथुन तो कर लेता हूं किसी तरह लेकिन संभोग करने लायक उत्तेजना नहीं आ पाती है। मेरी नवविवाहिता पत्नी ने मुझे कोसना और चिड़चिडा़ना शुरू कर दिया है। मेरा आत्महत्या करने का मन करता है लेकिन बूढ़े माता-पिता को देख कर रह जाता हूं। कोई उपचार बताइये मैं बाजारू दवाएं नहीं लेना चाहता क्योंकि एक तो वो बहुत मंहगी है दूसरे उनकी शुद्धता पर मुझे भरोसा नहीं होता। मेरी मदद करिये।
नाम प्रकाशित न करें
भाई, ये मात्र आपकी ही नहीं अनेक लोगो की समस्या है जिसे लोग मुझे अलग-अलग तरह से बताते हैं इसलिये आप सब की समस्या का हल मैं एक साथ बता रहा हूं ताकि अलग से सब को उत्तर न देना पड़े। विस्तार में न जाकर सीधे दवा का जिक्र करते हैं-
१. अश्वगंधा चूर्ण+सफ़ेद मूसली चूर्ण+सेमल मूसला चूर्ण+शतावर चूर्ण+ तालमखाना+गिलोय सत्त्व+ कौंच के बीच+ बड़े गोखुरू २०-२० ग्राम सभी लें इन्हें कस कर पीस लें फिर इस मिश्रण में बंगभस्म+प्रवाल भस्म+लौह भस्म प्रत्येक एक-एक ग्राम तथा केशर दो ग्राम मिला कर कस कर घोंट लीजिये। सब एकदम एकजान हो जाने पर इसमें सारे मिश्रण के बराबर वज़न की मिश्री यानि खड़ी शक्कर मिला लीजिये। दिन में दो बार इस चूर्ण का सेवन दूध के साथ चार-चार ग्राम करिये। इसका सेवन कम से कम चालीस दिन तक तो करें ही और अधिक लें तो कोई हानि नहीं है। बस औषधि सेवन के दौरान संयम रखिये व स्त्री संबंध से परहेज करें।
२. स्वर्ण बंग एक -एक रत्ती शहद के साथ सुबह-दोपहर-शाम सेवन करें व ऊपर से दूध पी लीजिये।
३.हरड़+बहेड़ा+आंवला+शिलाजीत+लौहभस्म+बंगभस्म समान भाग लेकर कस कर घॊट लीजिये व शहद के साथ खरल करके आधा-आधा ग्राम की गोलियां बना लीजिए और सुबह शाम दूध से लीजिये। इससे आपको कब्जियत न रहेगी व खुल कर भूख लगेगी।
इस उपचार को चालीस दिन तक लें अवश्य लाभ होगा कई हजार लोगों के ऊपर आजमाए हुए सरल और सस्ते प्रयोग हैं आप इन्हें घर पर आसानी से बना सकते हैं यदि भस्म आदि मिलने में दिक्कत हो तो हमें ई-मेल करिये हम उत्पादन मूल्य पर आपको भस्म भेज देंगे।  यदि कोई भी शंका या परेशानी हो तो आप सीधे मुझसे ई-मेल (aayushved@gmail.com) या मोबाइल नंबर 09224359159 पर संपर्क करें।लगाएं।
मानसिक शक्तियों के अनुभूत प्रयोग ,जीवन में मन की शक्तियों का इस्तेमाल हमें जरूर करना चाहिये कैसे ? जानने के लिये देखिये मेरी लिखी दूसरी वेबसाईट बस इस लिंक पर click करें । www.mindhypnotism.com
आप मुझे अपनी समस्यायें what`s app के मेरे नम्बर 09833953289 पर भी भेज सकते हैं