सोमवार, सितंबर 09, 2013

स्त्रियों का मुख्य रोग श्वेत प्रदर

प्र. आदरणीय डा. साहब मै २४ साल की युवा लड्की हू और मार्केटिंग की फ़ील्ड मे काम करती हूँ । पिछ्ले २ सालों से योनि मे से सफेद सफेद सा कुछ द्रव्य बहता रहता है जिसकी वजह से कमर मे भी दर्द रहता है मैने डाक्टर को भी दिखाया था कुछ एलोपैथिक दवायें भी लीं । पर कोई लाभ नही हुआ । कई महीनो मैने होमियोपैथिक दवायें भी खायीं पर मेरी प्राबलम वैसी ही है कभी कभी पेट मे भी दर्द रहता है मै बुरी तरह परेशान हूँ प्लीज कोई परमानेंट साल्यूशन बताईये। धन्यवाद।
                                                      निधि शर्मा आयु २४ साल दिल्ली से
                                                 
उ. प्रिय निधी जी ये स्त्रियों को होने वाला एक मुख्य रोग है और ये एक जिद्दी रोग है इसकी आपको धीरज से चिकित्सा करनी होगी ।तब ये जड से समाप्त हो जायेगा मै यहाँ इस रोग के कई आयु. नुस्खे लिख रहा हूँ आप विश्वास पूर्वक चिकित्सा कीजिये इस संसार में शायद ही कोई इस तरह का रोग हो जिसकी चिकित्सा नही हो बस आपका विशवास और धैर्य चाहिये निराश मत होईये नीचे लिखी चिकित्सा कर के देखिये आशा है आपको बहुत लाभ होगा ।
१ शकरकन्द और जिमीकन्द समान भाग मे लेके इसको छाया मे सुखा लें फिर इसका बारीक चूर्ण बना लें । ताजे पानी, बकरी के दूध, या फिर अशोक की छाल के क्वाथ मे शहद मिला कर ५ ग्राम रोज लीजिये ये योग सभी प्रकार के प्रदर मे लाभकारी है।
२दारूहल्दी, बबूल क गोंद,शुध्द रसांजन १०-१० ग्राम पीस ले। पीपल की लाख ,नागरमोथा ,सोनागेरू ५-५ ग्राम और २० ग्राम मिश्री सभी को अच्छी तरह कूट लें अब सुबह शाम २से३ ग्राम ताजे पानी से लें यह सभी तरह के प्रदर रोग दूर करता है।
३ चौलाई की जड ५ग्राम चावल के धोवन के साथ शहद मिला कर लें
४;मोचरस, अनार की कली डाक का गोंद १०-१० ग्राम पठानी लोध समुद्र शोथ ४०-४० ग्राम मिश्री ५० ग्राम सभी को अच्छी तरह से कूट लें और कपडे से छान लें फिर मीठे दूध से १० ग्राम रोज लें।
५वासा स्वरस शहद में मिलाकर लें।
६ गिलोय स्वरस श्हद मे मिलाकर लें।
७;कुशा की जड को चावल के धोवन के साथ पीस कर पियें इससे सभी प्रकार के प्रदर रोग दूर होते हैं ।
८;त्रिफला ,मुलहठी, नागरमोथा लोध काचूर्ण शहद मे मिलाकर लें ये हर प्रकार के प्रदर रोग मे फायदा करता है।
९;बेर का चूर्ण गुड मे मिलाकर रक्त प्रदर मे देने से बहुत फायदा होता है।
१० लाख का चूर्ण गाय के घी मे मिलाकर लेने से रक्त प्रदर मे बहुत फायदा होता है।
११;गूलर का पका हुआ फल ताजे पानी से खायें तो श्वेत प्रदर दूर होता है।
१२ मुल्तानी मिट्टी ३ ग्राम मिश्री ३ ग्राम ताजे पानी के साथ शहद के साथ लें यह श्वेत प्रदर मे बहुत फायदा करता है।
१२;मोचरस का चूर्ण बकरी के दूध के साथ लें ये बहुत से प्रदर रोगों मे फायदा करता है।
१3;कपास की जड का चूर्ण चावल के धोवन मे पीस ले और उसका सेवन करें यह श्वेत प्रदर मे लाभकारी है
यदि कोई भी शंका या परेशानी हो तो आप सीधे मुझसे ई-मेल (aayushved@gmail.com) या मोबाइल नंबर 09224359159 पर संपर्क करें।
   
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