बुधवार, मार्च 06, 2013

हस्त्मैथुन और स्वप्नदोश की समस्या

डॉक्टर सहाब उम्र के शुरूआती दोर से १ साल पहले तक (१४-२२) मैंने अत्याधिक हस्तमैथुन किया.जिस वजह से में शारीरिक और मानसिक रूप से काफी क्षीण हो गया था तब मैंने हस्तमैथुन छोड़ने का ढृढ़संकल्प किया.परन्तु भयंकर समस्या तब सामने आई जब हर दिन या दुसरे दिन रात में वीर्य धातु निकल जाती और काफी कमजोरी आ जाती. मेंने तब डॉक्टर के सलाह से दवाइयाँ लेनी शुरू की! पर अस्थाई परिणाम आया. तब से अब तक में चार डॉक्टर से दवा ले चूका हूँ पर जब तक दवा लेता हूँ तब तक आराम रहता है! दवा छोड़ने के पश्चात उसी FREQUENCY से स्वप्नदोष हो जाता है मेरा चेहरा बीमार की तरह प्रतीत होने लगा है. वीर्य बहुत पतला हो गया है २-३ सप्ताह से मुझे मूत्र संक्रमण टेस्ट में आया है (रिपोर्ट सलंगन है)डॉक्टर सहाब बीमारी का स्थाई उपचार बताएँ में आपका सदा कृतार्थ रहूँगा  6 march 2013
भवदीय
बंसी
1 URINE EXAMINATION RESULT UNITS REF. RANGE
2 PHYSICAL EXAMINATION
3 VOLUME 40 ML
4 COLOUR YELLOW
5 APPEARCE TURBID
6 SPECIFIC GRAVITY Q.N.S (1.010-1.030)
7 CHEMICAL EXAM
8 REACTION ACIDIC
9 ALBUMIN TRACE NIL
10 SUGAR NIL NIL
11 MICROSCOPIC EXAM
12 PUS CELLS 6-8 /HPF 1-2/HPF
13 RBCs nil /HPF (NIL)
14 Epithelial cells 2-3 /HPF 1-2/HPF
15 cast nil nil
16 crystals nil nil
17 others bacteria (++++) nil
18 June 17, 2009 1:52 AM
बंसी जी,आपकी समस्या का संबंध जितना शरीर से है उतना ही मन से है। आपने हस्तमैथुन जैसी बुरी आदत को संकल्प करके छोड़ दिया ये बहुत अच्छा है। आप निम्न औषधियां नियमित रूप से कम से कम चालीस दिन तक लीजिये-
१. बंग भस्म १० ग्राम + प्रवाल पिष्टी १० ग्राम + त्रिबंग भस्म १० ग्राम + जहरमोहरा खताई भस्म १० ग्राम +शीतलचीनी(इसे कबाबचीनी भी कहते हैं) २० ग्राम + शुद्ध ढेला कपूर ५ ग्राम; इन सबको एकत्र पीस कर कांच की शीशी में कसकर ढक्कन लगाकर रख लें। इस औषधि में से चार रत्ती की मात्रा(यानि ५०० मिलीग्राम) सुबह शाम दूध के साथ लीजिये।
२. यदि बरगद के पेड़ की लटकी हुई जो जटाओं जैसी जड़े रहती हैं वो कोमल-कोमल मिल सकें तो उसे दो ग्राम चबाकर ऊपर से दूध पी लिया करें ऐसा दिन में दो बार करें।
आप यकीन मानिये आपकी समस्या और संक्रमण कहां छू-मंतर हो गया आप हैरान हो जाएंगे।

0 आप लोग बोले: